राजस्थान में 10 परमाणु रिएक्टरों से 6,280 मेगावाट क्षमता की तैयारी
Aसीधा उत्तर
राजस्थान में अलग-अलग चरणों में 10 परमाणु रिएक्टर हैं और सभी परियोजनाएं पूरी होने पर कुल क्षमता 6,280 मेगावाट तक पहुंच सकती है। इसमें रावतभाटा की संचालित, निर्माणाधीन व प्रस्तावित इकाइयों के साथ माही बांसवाड़ा की परियोजना-पूर्व इकाइयां शामिल हैं।
मुख्य तथ्य
राजस्थान में संचालित, निर्माणाधीन, परियोजना-पूर्व और प्रस्तावित चरणों को मिलाकर 10 परमाणु रिएक्टर हैं।
सभी परियोजनाएं पूरी होने पर राज्य की परमाणु ऊर्जा क्षमता 6,280 मेगावाट तक पहुंच सकती है।
700 मेगावाट की RAPP-8 इकाई का निर्माण अंतिम चरण में है।
माही बांसवाड़ा राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना की चार इकाइयों के लिए परियोजना-पूर्व गतिविधियां चल रही हैं।
एनपीसीआईएल ने रावतभाटा और माही बांसवाड़ा के 30 किलोमीटर दायरे में पर्यावरण और सामाजिक-आर्थिक प्रभाव का अध्ययन कराया है।
राजस्थान के लिए फिलहाल कोई अलग विशेष कार्ययोजना नहीं बनाई जा रही है।
केंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया कि राजस्थान में संचालित, निर्माणाधीन, परियोजना-पूर्व और प्रस्तावित चरणों को मिलाकर 10 परमाणु रिएक्टर हैं। सभी परियोजनाएं पूरी होने पर राज्य की परमाणु ऊर्जा क्षमता 6,280 मेगावाट तक पहुंचने की उम्मीद है। इससे राजस्थान देश के प्रमुख परमाणु ऊर्जा केंद्रों में शामिल हो सकता है। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सांसद बृजेन्द्र सिंह ओला, राहुल कस्वां और संजना जाटव के प्रश्नों के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
रावतभाटा परमाणु ऊर्जा परियोजना की कई इकाइयां पहले से चल रही हैं। RAPS-2 की क्षमता 200 मेगावाट है। RAPS-3 और 4 की दो इकाइयां 220-220 मेगावाट की हैं। RAPS-5 और 6 की क्षमता भी 220-220 मेगावाट है, जबकि RAPP-7 की क्षमता 700 मेगावाट है। 700 मेगावाट की RAPP-8 इकाई का निर्माण अंतिम चरण में है। बांसवाड़ा जिले में माही बांसवाड़ा राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना की 1 से 4 तक चार इकाइयों के लिए परियोजना-पूर्व गतिविधियां चल रही हैं। RAPP-9 और RAPP-10 की 700-700 मेगावाट की दो इकाइयां प्रस्तावित हैं।
एनपीसीआईएल ने रावतभाटा और माही बांसवाड़ा परियोजना क्षेत्रों के 30 किलोमीटर दायरे में पर्यावरण और सामाजिक-आर्थिक प्रभाव का अध्ययन कराया है। रिपोर्ट के अनुसार इन परियोजनाओं से स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़े हैं, औद्योगीकरण और कौशल विकास को गति मिली है तथा सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और दूसरी बुनियादी सुविधाओं में सुधार हुआ है। केंद्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि राजस्थान के लिए फिलहाल कोई अलग विशेष कार्ययोजना नहीं बन रही है। SHANTI Act, 2025 के बाद नियम बनने पर स्थानीय उद्योगों, छोटे और मध्यम उद्यमों तथा शैक्षणिक संस्थानों को परमाणु ऊर्जा कार्यक्रमों में भागीदारी का अवसर मिल सकता है।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
राजस्थान की परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. RAPP-8 की क्षमता 700 मेगावाट है और इसका निर्माण अंतिम चरण में है।
2. RAPP-9 और RAPP-10 पहले से संचालित हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा सही है?
व्याख्या · सही उत्तर A
कथन 1 सही है। 700 मेगावाट की RAPP-8 इकाई का निर्माण अंतिम चरण में है। कथन 2 गलत है, क्योंकि RAPP-9 और RAPP-10 संचालित नहीं, बल्कि प्रस्तावित हैं।