31 अगस्त 2026 को संचार मंत्रालय के अधीन दूरसंचार विभाग ने लोगों को अंतरराष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान यानी आईएमईआई नंबर और अन्य दूरसंचार पहचानकर्ताओं में छेड़छाड़ तथा उनके दुरुपयोग से आगाह किया। विभाग ने कहा कि ऐसे दुरुपयोग से लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है और दूरसंचार नेटवर्क की सुरक्षा व अखंडता को जोखिम हो सकता है। सरकार ने विशिष्ट दूरसंचार पहचानकर्ताओं में छेड़छाड़ और दुरुपयोग रोकने के लिए कड़े कानूनी प्रावधान लागू किए हैं।

दूरसंचार विभाग दोहराता है कि आईएमईआई नंबरों में छेड़छाड़ करना या अनधिकृत अथवा छेड़छाड़ किए गए दूरसंचार पहचानकर्ताओं वाले उपकरणों का उपयोग करना दूरसंचार अधिनियम, 2023 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। धारा 42(3)(ग) दूरसंचार पहचानकर्ताओं में छेड़छाड़ को प्रतिबंधित करती है। धारा 42(3)(ङ) धोखाधड़ी, जालसाजी या प्रतिरूपण से ग्राहक पहचान मॉड्यूल यानी सिम या दूरसंचार पहचानकर्ता प्राप्त करने को प्रतिबंधित करती है। उल्लंघन पर तीन वर्ष तक कारावास, 50 लाख रुपये तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। अधिनियम की धारा 42(7) के अंतर्गत ऐसे अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती हैं। धारा 42(6) के अंतर्गत ऐसे अपराधों में सहायता करने या बढ़ावा देने वाले लोग भी समान दंड के पात्र हैं।

लोगों को सलाह दी गई है कि वे ऐसे मॉडेम, मॉड्यूल, सिम बॉक्स या अन्य उपकरण जिनका आईएमईआई बदला या छेड़छाड़ किया जा सकता है, उनका उपयोग, प्राप्ति या असेंबल न करें; जाली दस्तावेज़ों, धोखाधड़ी और जालसाजी से सिम न लें; अपने नाम से लिए सिम कार्ड दूसरों को न सौंपें, न बेचें और न हस्तांतरित करें; तथा कॉलिंग लाइन आइडेंटिटी या अन्य दूरसंचार पहचानकर्ता बदलने वाले मोबाइल ऐप, वेबसाइट या किसी अन्य तरीके का उपयोग न करें। अपने नाम से सिम लेकर बाद में साइबर धोखाधड़ी या अन्य गैरकानूनी गतिविधि में उधार देना, किराए पर देना या दुरुपयोग कराना मूल ग्राहक के लिए कानूनी दायित्व का कारण बन सकता है।

नागरिकों को सतर्क रहने और हैंडसेट सत्यापित व सुरक्षित रखने के लिए संचार साथी पहल पर उपलब्ध डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने को प्रोत्साहित किया गया है। संचार साथी मंच पर आईएमईआई विवरण की पुष्टि की जा सकती है; ब्रांड नाम, मॉडल नाम और निर्माता की जानकारी जाँची जा सकती है। संचार साथी पोर्टल और मोबाइल ऐप से मोबाइल कनेक्शन व उपकरणों की जाँच व सुरक्षा संभव है।