केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि भवन, नई दिल्ली में मध्य प्रदेश के कृषि एवं बागवानी मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक में राज्य की ग्रीष्मकालीन मूंग खरीद की समीक्षा की। प्रेस सूचना ब्यूरो की 27 अगस्त 2026 की विज्ञप्ति के अनुसार बैठक में खरीद, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ और प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

मध्य प्रदेश सरकार के अनुरोध पर भारत सरकार ने ग्रीष्म 2026 सीजन के लिए पहले 4,54,580 मीट्रिक टन मूंग खरीद स्वीकृत की। किसानों के हित में अतिरिक्त 84,492 मीट्रिक टन भी मंजूर हुई, जिससे राज्य सरकार पर कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ा। कुल स्वीकृत मात्रा 5,39,072 मीट्रिक टन रही। खरीद अवधि समाप्त हो चुकी है और राज्य में 5.33 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी गई, जो स्वीकृत सीमा के भीतर रही। सभी इच्छुक पंजीकृत किसानों से उपलब्ध उपज ली गई; उन्हें एमएसपी पर उचित मूल्य और सीधा लाभ मिला। शीर्षक के अनुसार यह सहारा पीएम-आशा के अंतर्गत है।

खरीद मुख्यतः नैफेड और एनसीसीएफ के ज़रिए हुई। समय पर भुगतान और पारदर्शी प्रक्रिया पर ज़ोर रहा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मज़बूत हुई। ग्रीष्म 2025 में स्वीकृत 4,19,692 मीट्रिक टन के मुकाबले 3,93,123.79 मीट्रिक टन खरीद हुई थी, जबकि ग्रीष्म 2026 में स्वीकृति और वास्तविक खरीद दोनों बढ़ीं।

बैठक में पीएमएफबीवाई के तहत मध्य प्रदेश में पुनर्गठित मौसम आधारित फ़सल बीमा योजना (आरडब्ल्यूबीसीआईएस) पर भी बात हुई। राज्य की मांगी गई टर्म-शीट केंद्र ने उपलब्ध करा दी है और शीघ्र लागू करने को कहा है। राज्य में विंड्स प्रणाली का क्रियान्वयन अभी लंबित है; अधिकारियों ने कहा कि इसके बिना आरडब्ल्यूबीसीआईएस प्रभावी ढंग से चलाना कठिन होगा। उपज आकलन में राज्य प्रमुख फ़सलों के लिए तकनीकी तरीका अपना रहा है; केंद्र ने मॉडल की जांच और फिर से कैलिब्रेशन के लिए क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट्स दोबारा लागू करने तथा फील्ड आंकड़ों के साथ मिश्रित तरीका अपनाने का सुझाव दिया। चौहान ने कहा कि केंद्र और राज्य मिलकर खरीद, भुगतान और बीमा व्यवस्था को किसानों के हित में और मज़बूत करेंगे।