कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने 24 जुलाई 2026 तक खरीफ फ़सलों के क्षेत्र की प्रगति बताई है। 27 जुलाई 2026 को जारी आंकड़े लाख हेक्टेयर में हैं और इनमें 2026 के बोए गए क्षेत्र की तुलना 2025 से की गई है।
2026 में खरीफ फ़सलों का कुल बोया गया क्षेत्र 787.37 लाख हेक्टेयर रहा, जबकि 2025 में यह 826.19 लाख हेक्टेयर था। तालिका में 38.82 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज है। इसमें 2020-21 से 2024-25 के लिए सामान्य क्षेत्र 1104.46 लाख हेक्टेयर और 2025 का अंतिम क्षेत्र कवरेज 1134.27 लाख हेक्टेयर भी दिया गया है।
फ़सलवार देखें तो 2026 में चावल का क्षेत्र 234.43 लाख हेक्टेयर रहा। 2025 में यह 240.62 लाख हेक्टेयर था, इसलिए 6.19 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज हुई। दालों का क्षेत्र 91.46 लाख हेक्टेयर से घटकर 84.57 लाख हेक्टेयर रहा और कमी 6.90 लाख हेक्टेयर की रही। श्री अन्न और मोटे अनाज का क्षेत्र 161.49 लाख हेक्टेयर से घटकर 142.21 लाख हेक्टेयर रहा। इसमें 19.28 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज है। तिलहन का क्षेत्र 167.00 लाख हेक्टेयर से घटकर 163.54 लाख हेक्टेयर रहा और कमी 3.45 लाख हेक्टेयर की रही।
गन्ने का क्षेत्र 2025 के 56.72 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 57.58 लाख हेक्टेयर हुआ। इसमें 0.86 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी दर्ज है। जूट और मेस्टा का क्षेत्र 6.19 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 6.32 लाख हेक्टेयर रहा, यानी 0.13 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई। कपास का क्षेत्र 102.71 लाख हेक्टेयर से घटकर 98.72 लाख हेक्टेयर रहा और कमी 3.99 लाख हेक्टेयर की रही।
दर्ज उप-फ़सलों में उड़द का क्षेत्र 1.39 लाख हेक्टेयर, सूरजमुखी का 0.34 लाख हेक्टेयर और तिल का 0.62 लाख हेक्टेयर बढ़ा। अरहर, मूंग, बाजरा, मक्का, मूंगफली और सोयाबीन के क्षेत्र में कमी दर्ज हुई।
