भारत ने 'क़तर के फ़ादर अमीर' के रूप में सम्मानित शेख हमद बिन ख़लीफ़ा अल-थानी के निधन पर सम्मान प्रकट करते हुए 13 जुलाई 2026 को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। राष्ट्रीय शोक किसी हस्ती के प्रति देश की गहरी संवेदना और एकजुटता की औपचारिक अभिव्यक्ति है, जो यहाँ एक विदेशी राजनेता के लिए प्रकट किया गया है जिनके साथ भारत के घनिष्ठ और पुराने संबंध रहे हैं।

शोक व्यवस्था के तहत इस दिन देशभर में उन सभी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा जहाँ इसे नियमित रूप से फहराया जाता है। अवसर की गंभीरता को देखते हुए इस दिन कोई सरकारी मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें 'एक दूरदर्शी नेता बताया जिन्होंने क़तर को उल्लेखनीय विकास और समृद्धि की ओर अग्रसर किया', और अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। उनके शब्दों ने उस बदलाव को स्वीकार किया जो दिवंगत नेता के नेतृत्व में क़तर ने देखा तथा भारत-क़तर संबंधों की स्थायी गर्मजोशी को रेखांकित किया।

भारत की ओर से आधिकारिक शोक-संवेदना पहुँचाने के लिए संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, जो क़तर की यात्रा पर थे, ने भारत सरकार का प्रतिनिधित्व किया। उनकी उपस्थिति ने दोहा के साथ भारत की साझेदारी के महत्व को रेखांकित किया, जो ऊर्जा, व्यापार और खाड़ी देश में बसे बड़े भारतीय समुदाय पर आधारित है।

राष्ट्रीय शोक की यह घोषणा क़तर और उसके नेतृत्व के प्रति भारत की कूटनीतिक संवेदनशीलता तथा आधुनिक क़तर को आकार देने वाली शख्सियत के प्रति गहरे सम्मान को दर्शाती है।