वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 10 जुलाई 2026 को नोएडा और ग्रेटर नोएडा में एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया, ताकि आयोग के मानक ढाँचे के अनुरूप शहरी सड़कों के पुनर्विकास की स्थिति परखी जा सके। इस अभियान में 17 सड़क खंडों को शामिल किया गया, जिनकी कुल लंबाई लगभग 46.87 किलोमीटर है। इनमें से 9 खंडों पर छोर से छोर तक पक्कीकरण मिला, जबकि 8 खंडों पर पूरा पक्कीकरण नहीं था। यह स्थिति पुनर्विकास कार्यों को समय पर पूरा करने की जरूरत दर्शाती है।

आयोग ने निरीक्षण के लिए चार उड़न दस्ते तैनात किए। ये खंड ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) और नोएडा प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। निरीक्षण किए गए खंडों में 11 GNIDA के अधीन और 6 नोएडा प्राधिकरण के अधीन थे। इनमें 10-15 मीटर तथा 15 मीटर से अधिक Right of Way (RoW) श्रेणी की सड़कें शामिल रहीं।

निरीक्षण में GNIDA के 5 और नोएडा प्राधिकरण के 4 खंड छोर से छोर तक पक्के मिले, जो मानक ढाँचे के पालन का संकेत है। दूसरी ओर, GNIDA के 6 और नोएडा प्राधिकरण के 2 खंडों पर पूरा पक्कीकरण नहीं मिला। 8 खंडों पर फुटपाथ या तो कच्चे थे या बने ही नहीं थे (6 GNIDA के, 2 नोएडा प्राधिकरण के)। इसके अलावा 5 खंडों पर पक्की केंद्रीय पट्टी नदारद थी (3 GNIDA के, 2 नोएडा प्राधिकरण के)।

आयोग ने रेखांकित किया कि शहरी क्षेत्रों में कणिकीय प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों में सड़क की धूल एक है। सड़कों और उनसे लगे फुटपाथों का समुचित पक्कीकरण वाहनों की आवाजाही से उड़ने वाली धूल को घटाता है और मशीन से सड़क सफाई जैसे उपायों को अधिक कारगर बनाता है। संबंधित प्राधिकरणों को शेष पुनर्विकास कार्य शीघ्र पूरा करने और नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली-NCR में निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेंगे।