डॉ. अम्बेडकर फाउंडेशन की 2 कल्याणकारी योजनाओं का केंद्र प्रायोजित योजना में विलय
Aसीधा उत्तर
दोहराव रोकने के लिए डॉ. अम्बेडकर फाउंडेशन की 2 योजनाओं का 31 मार्च 2023 से केंद्र प्रायोजित योजना में विलय किया गया। बाद में खास पहल के तहत अंतर-जातीय विवाह के 385 लंबित मामलों में लगभग ₹9 करोड़ की प्रोत्साहन राशि जारी की गई।
मुख्य तथ्य
योजनाओं को लागू करने में दोहराव रोकने के लिए डॉ. अम्बेडकर फाउंडेशन की 2 योजनाओं का 31 मार्च 2023 से विलय किया गया।
जिस केंद्र प्रायोजित योजना में विलय हुआ, वह नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 को लागू करने से जुड़ी है।
केंद्रीय सहायता राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों को दी जाती है; योजना को लागू करने और असरदार ढंग से चलाने की जिम्मेदारी उन्हीं की है।
फाउंडेशन ने विलय के कारण लंबित मामलों को निपटाने के लिए खास पहल शुरू की।
अंतर-जातीय विवाह योजना के 385 मामलों में लगभग ₹9 करोड़ की प्रोत्साहन राशि जारी की गई।
सरकार ने राज्यसभा को बताया कि डॉ. अम्बेडकर फाउंडेशन की 2 कल्याणकारी योजनाओं का 31 मार्च 2023 से सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग की केंद्र प्रायोजित योजना में विलय कर दिया गया। योजनाओं को लागू करने में दोहराव रोकने के लिए यह कदम उठाया गया। इनमें ‘अंतर-जातीय विवाह के ज़रिए सामाजिक एकीकरण के लिए डॉ. अम्बेडकर योजना’ और ‘अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के अत्याचार पीड़ितों के लिए डॉ. अम्बेडकर राष्ट्रीय राहत योजना’ शामिल थीं।
दोनों योजनाओं को नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 लागू करने के लिए चल रही केंद्र प्रायोजित योजना में मिलाया गया। इसके तहत राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों को केंद्रीय सहायता दी जाती है। योजना लागू करने और उसे असरदार ढंग से चलाने की जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों की है।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने डॉ. अम्बेडकर फाउंडेशन की कल्याणकारी योजनाओं पर राज्यसभा में पूछे गए अतारांकित प्रश्न संख्या 2052 के जवाब में यह जानकारी दी। चूंकि फाउंडेशन की दोनों योजनाएं 31 मार्च 2023 से विलय हो चुकी थीं, इसलिए इन श्रेणियों में पिछले 3 वर्षों के राज्यवार लंबित आवेदनों का सवाल नहीं उठता।
फाउंडेशन ने विलय के कारण लंबित मामलों को निपटाने के लिए एक खास पहल भी शुरू की। इसके तहत अंतर-जातीय विवाह योजना के 385 मामलों में लगभग ₹9 करोड़ की प्रोत्साहन राशि जारी की गई। सरकार ने कहा कि वह सामाजिक एकीकरण बढ़ाने और पात्र लाभार्थियों को राहत व सहायता देने वाली योजनाओं को असरदार ढंग से लागू करने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
डॉ. अम्बेडकर फाउंडेशन की 2 योजनाओं के विलय के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. योजनाओं को लागू करने में दोहराव रोकने के लिए विलय 31 मार्च 2023 से प्रभावी हुआ।
2. विलय के बाद बनी व्यवस्था के तहत केंद्र प्रायोजित योजना को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में केंद्र सरकार सीधे लागू करती है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा सही है?
व्याख्या · सही उत्तर A
कथन 1 सही है। योजनाओं को लागू करने में दोहराव रोकने के लिए दोनों योजनाओं का 31 मार्च 2023 से विलय किया गया। कथन 2 गलत है। केंद्र प्रायोजित योजना संबंधित राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन लागू करते हैं तथा इसे असरदार ढंग से चलाने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की है।