4 सितंबर 2026 को मुंबई में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता भारत और यूरोप के किसानों, मछुआरों, सूक्ष्म-लघु-मध्यम उद्यमों, स्टार्ट-अप, महिला उद्यमियों, विनिर्माताओं और सेवा प्रदाताओं के लिए बड़े अवसर खोलता है। वे इस समझौते पर भारत-बेल्जियम उच्चस्तरीय बातचीत को संबोधित कर रहे थे। बेल्जियम के प्रधानमंत्री श्री बार्ट डी वेवर और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस भी उपस्थित थे।
श्री गोयल ने बताया कि दोनों पक्षों के संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा रखते हुए बातचीत की गई। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बातचीत पूरी होने से पहले करीब 25 वर्षों तक काम हुआ। यह समझौता 2 अरब लोगों को जोड़ता है; इसके तहत वैश्विक जीडीपी का एक-चौथाई, विश्व व्यापार का एक-तिहाई और 24 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का बाज़ार आता है। यूरोपीय संघ के सभी 27 देश जल्द इसे लागू करने के पक्ष में हैं।
बार्ट डी वेवर ने कहा कि समझौते से व्यापार व निवेश मज़बूत होंगे और कंपनियों, युवा प्रतिभाओं तथा पूंजी के नए रास्ते खुलेंगे। उन्होंने एंटवर्प-ब्रुग्स को महत्वपूर्ण रसद कड़ी बताया और कहा कि हीरा, खाद्य प्रसंस्करण, औषधि, समुद्री सेवाएं, हरित हाइड्रोजन और बुनियादी ढांचे में अवसर बनेंगे। 95 प्रतिशत से अधिक भारतीय और यूरोपीय वस्तुओं के निर्यात पर शुल्क समाप्त या कम होंगे।
श्री गोयल के अनुसार दोनों अर्थव्यवस्थाएं पांच क्षेत्रों में पूरक हैं—रत्न एवं आभूषण (प्रयोगशाला में बने हीरे सहित), सेमीकंडक्टर, हरित हाइड्रोजन, रक्षा व उन्नत विनिर्माण, तथा कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण। उन्होंने एंटवर्प, मुंबई और सूरत में प्रौद्योगिकी व प्रमाणन सहयोग तथा प्रमाणन प्रणालियों की परस्पर मान्यता पर ज़ोर दिया। भारत का हरित हाइड्रोजन मिशन एंटवर्प-ब्रुग्स की ईंधन आपूर्ति और हरित जहाजरानी सुविधाओं के ज़रिए यूरोप की ऊर्जा ज़रूरतों में योगदान दे सकता है। जॉन कॉकरिल के समझौता ज्ञापनों में ड्रोन-रोधी प्रणालियां, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली, सटीक मारक हथियार तथा भारत में डिज़ाइन की गई ब्रह्मोस और पिनाका के पश्चिमी देशों को निर्यात की बात है; जॉन कॉकरिल भारत की बोफ़ोर्स तोपों के लिए गोला-बारूद बनाती है। कृषि में आलू प्रसंस्करण, शीत भंडारण और शीत श्रृंखला जैसे अवसर हैं।
बेल्जियम समझौते से जुड़े अवसरों का प्रवेश द्वार है। एंटवर्प-ब्रुग्स यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा समुद्री बंदरगाह है और मुक्त व्यापार समझौते के तहत व्यापार का महत्वपूर्ण द्वार हो सकता है। पिछले एक दशक में यूरोपीय संघ के साथ भारत का व्यापार दोगुना होकर लगभग 140 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है।
