केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने 25 अगस्त 2026 को टोक्यो में जापान के प्रमुख वित्तीय और निवेश संस्थानों के प्रमुखों से मुलाकात कर दीर्घकालिक पूंजी प्रवाह मजबूत करने और भारत-जापान निवेश साझेदारी परिपुष्ट करने पर चर्चा की। बैठक में एमयूएफजी, डेवलपमेंट बैंक ऑफ जापान (डीबीजे), मिज़ुहो, मॉर्गन स्टेनली, नोमुरा और निप्पॉन लाइफ के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए। विषयों में भारत का आर्थिक दृष्टिकोण, उभरते निवेश अवसर और जापानी संस्थागत निवेश सुगम बनाने के उपाय रहे।

श्री गोयल ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत ने पिछले वर्ष 7.7 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की और वर्ष 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में कार्य कर रहा है। बैंकिंग मजबूती, पूंजी पर्याप्तता, गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों का निम्न स्तर, बढ़ते मध्यम वर्ग और बढ़ती प्रयोज्य आय को सतत विकास के कारक बताया। सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा सेंटर, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, उन्नत विनिर्माण और डिजिटल अवसंरचना में अवसर रेखांकित किए। भारत सेमीकंडक्टर मिशन तथा बढ़ती नवीकरणीय क्षमता और राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड नए अवसर का आधार देते हैं। उन्होंने जापान को भारत की विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और निवेश महत्वाकांक्षाओं का विश्वसनीय भागीदार बताया।

जापानी संस्थानों ने दीर्घकालिक विश्वास व्यक्त किया। एमयूएफजी ने श्रीराम फाइनेंस में लगभग 4 अरब अमेरिकी डॉलर निवेश तथा नवीकरणीय ऊर्जा व हाइड्रोजन में रुचि बताई। डीबीजे ने समर्पित भारत रणनीति तथा संपत्ति विकास, उद्यम पूंजी व अन्य दीर्घकालिक अवसरों का उल्लेख किया। मिज़ुहो ने जापानी कंपनियों की बढ़ती लाभप्रदता और पुणे स्थित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर पर प्रकाश डाला। मॉर्गन स्टेनली ने भारत को प्रमुख वैश्विक स्थलों में गिनाया, जहां 19,000 से अधिक कर्मचारी हैं। नोमुरा ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता व साइबर सुरक्षा क्षमताओं से उद्योगों को भारतीय अवसरों से जोड़ने की भूमिका बताई। निप्पॉन लाइफ ने दीर्घकालिक "स्थिर पूंजी" और भारतीय परिचालन से मजबूत लाभ रेखांकित किए।

प्रतिभागियों ने लाभ वापसी सरल बनाने, पूंजी बाजार पहुंच सुधारने और नियामक पूर्वानुमान बढ़ाने पर बल दिया। जीआईएफटी सिटी को अंतरराष्ट्रीय पूंजी द्वार और भारत-जापान सीमा-पार निवेश मंच के रूप में देखा गया। चर्चाएं अगले दशक में भारत में 10 ट्रिलियन येन जापानी निजी निवेश जुटाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। रिलीज़ आईडी: 2303030।