होर्मुज जलडमरूमध्य में दो व्यापारिक जहाजों पर हमलों के बाद केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने उच्च स्तरीय अंतर-मंत्रालयी समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने नाविकों को प्राथमिकता देते हुए सरकार के सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करने का निर्देश दिया। फैसलों में प्रभावित खाड़ी क्षेत्र के हर जहाज की वास्तविक समय में निगरानी, प्रत्येक प्रभावित भारतीय नाविक के लिए अलग संपर्क अधिकारी और पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय, अन्य मंत्रालयों, भारतीय नौसेना, जहाजरानी महानिदेशालय तथा ईरान और ओमान स्थित भारतीय मिशनों के बीच चौबीसों घंटे तालमेल शामिल है। जिन दो जहाजों, एमटी अल बहियाह और एमटी मोम्बासा, पर हमले हुए, उनमें कुल 46 सदस्य थे और इनमें 30 भारतीय नाविक थे। एमटी अल बहियाह पर एक भारतीय नाविक की मौत हुई और एक अन्य घायल हुआ। एमटी मोम्बासा पर नौ भारतीय घायल हुए, जिनमें दो की हालत गंभीर है। जहाजरानी महानिदेशालय को फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में चल रहे जहाजों पर मौजूद हर भारतीय का ब्योरा रखने के लिए एक व्यापक निगरानी पटल बनाने को कहा गया है, चाहे जहाज किसी भी देश के झंडे वाला हो। इसमें जहाज की स्थिति, मालिकाना हक, माल, दल की संख्या व कुशलक्षेम, खतरे का आकलन, प्रस्तावित यात्रा, अगला बंदरगाह और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी रहेगी। हर संपर्क अधिकारी संबंधित परिवार के लिए एकमात्र संपर्क होगा और इलाज की जानकारी, यात्रा दस्तावेज, पारिवारिक सहायता, स्वदेश वापसी, नाविक कल्याण निधि, बकाया मजदूरी, संविदात्मक हक और क्षतिपूर्ति के मामलों में तालमेल करेगा। प्रभावित क्षेत्र से जहाज की आवाजाही नए खतरा आकलन, कप्तान की पेशेवर राय और सक्षम समुद्री अधिकारियों से तालमेल के बाद ही होगी। शिकायतों के लिए 24x7 सहायता व्यवस्था भी शुरू की गई है।