बारां में प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को 2,89,355 आवासों की स्वीकृति और ₹3,473 करोड़ की परियोजना का पत्र सौंपा। इन पक्के घरों से उन परिवारों का जीवन बदलने की बात कही गई जो अभी कच्चे मकानों में रहते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 29,13,749 नए लाभार्थियों का सर्वे हो चुका है। भौतिक सत्यापन के बाद शेष पात्र परिवारों को भी आवास दिए जाएंगे। उन्होंने जिला और पंचायत स्तर पर पारदर्शी सूचियां लगाने, आपत्तियां सुनने और गलत कटौती रोकने के निर्देश दिए, ताकि किसी पात्र व्यक्ति का नाम भूलवश न हटे।
पात्रता से जुड़े तीन बदलाव भी घोषित किए गए। अब दोपहिया वाहन रखने वाला परिवार पक्के आवास के लाभ से वंचित नहीं होगा। ₹15,000 तक मासिक आय वाली महिलाएं भी पात्र होंगी; पहले यह सीमा ₹10,000 थी। 5 एकड़ तक असिंचित या 2.5 एकड़ तक सिंचित भूमि वाले छोटे किसानों को भी आवास सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम में कृषि उन्नति और पीएम आरकेवीवाई के लिए ₹340.59 करोड़ का अलग स्वीकृति-पत्र भी दिया गया। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राजस्थान में 16 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और अब लक्ष्य दोगुना करके 32 लाख किया गया है। महिलाओं को उद्यम के लिए विभिन्न बैंकों से ₹13,400 करोड़ दिए जा चुके हैं। विकसित भारत–जी राम जी योजना के तहत राजस्थान को अगले 9 महीनों में ₹12,000 करोड़ के निवेश का लक्ष्य मिला है। लगभग हर पंचायत के लिए सालाना ₹80 लाख का लक्ष्य रखा गया है। गांवों के विकास की योजनाएं दिल्ली या जयपुर के बजाय पंचायत स्तर पर जनता तय करेगी।
