विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने इंदौर स्थित सोनिक बायोकेम एक्सट्रैक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड को कार्यात्मक और संरचित सोया प्रोटीन कंसंट्रेट के विकास तथा व्यावसायीकरण के लिए वित्तीय सहायता दी है। परियोजना के तहत कंपनी की स्वदेशी तकनीक से कार्यात्मक सोया प्रोटीन कंसंट्रेट और संरचित सोया प्रोटीन कंसंट्रेट के व्यावसायिक उत्पादन के लिए आधुनिक विनिर्माण सुविधा स्थापित की जाएगी।

सोनिक बायोकेम को गैर-जीएमओ सोया खाद्य सामग्री के निर्माण और निर्यात का दो दशकों से अधिक का अनुभव है। कंपनी की स्वदेशी प्रक्रिया में दोनों तरह के उत्पादों के लिए देश में विकसित और निर्मित सोया प्रोटीन कंसंट्रेट को मुख्य कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसके विपरीत, पारंपरिक प्रक्रियाएँ अपेक्षाकृत महंगे सोया प्रोटीन आइसोलेट पर निर्भर हैं, जिसका आयात मुख्य रूप से चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देशों से होता है। सोया प्रोटीन कंसंट्रेट पर आधारित यह प्रक्रिया समान उपयोगी गुण देती है, जबकि उत्पादन लागत में बड़ी कमी लाकर प्रतिस्पर्धा की क्षमता बढ़ाती है।

इन प्रोटीन अवयवों का उपयोग प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों, पौध-आधारित मांस विकल्पों, पोषण पूरकों और उपयोगी गुणों वाले खाद्य उत्पादों में होता है। यह परियोजना उच्च गुणवत्ता वाले गैर-जीएमओ पादप प्रोटीन की बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करने की दिशा में उठाया गया कदम है।

स्वदेशी तकनीक और स्थानीय गैर-जीएमओ सोयाबीन के उपयोग से उच्च मूल्य वाले प्रोटीन अवयवों की घरेलू मूल्य शृंखला बनने की उम्मीद है। इससे आयात पर निर्भरता और विदेशी मुद्रा खर्च घट सकता है, निर्यात के नए अवसर बन सकते हैं तथा भारतीय खाद्य निर्माताओं को उचित लागत पर विश्व बाजार में प्रतिस्पर्धी कच्चा माल मिल सकता है। इससे कृषि में मूल्यवर्धन और टिकाऊ खाद्य प्रणालियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।