राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने संगठित सोना-तस्करी गिरोहों के खिलाफ देश भर में खुफिया जानकारी के आधार पर कई अभियान चलाए। इनमें विदेशी मूल का 27 किलोग्राम से अधिक तस्करी का सोना जब्त हुआ और 12 लोग गिरफ्तार किए गए। मामलों से छिपाने के बदलते तरीके सामने आए—विमान के शौचालय, वाहनों और बर्तनों में खास तौर पर बनाई गई गुप्त जगहें तथा शरीर पर या शरीर के भीतर सोना छिपाना।

23-24 जुलाई 2026 को मुंबई के डीआरआई अधिकारियों ने अदीस अबाबा से आए तीन यात्रियों को रोका। विमान की तलाशी में पिछले शौचालय की छत के पैनल के भीतर छिपी विदेशी मूल की 6 सोने की ईंटें मिलीं, जिनका वजन लगभग 12 किलोग्राम था। जांच में पता चला कि बाद में हवाई अड्डे के कर्मचारियों को यह सोना निकालना था। तीनों यात्रियों को गिरफ्तार किया गया।

23 जुलाई को उत्तर प्रदेश में ब्रह्मपुत्र मेल से यात्रा कर रही एक महिला के कमर-पट्टे और हैंडबैग से विदेशी मूल की 42 सोने की ईंटें मिलीं। इनका वजन लगभग 5 किलोग्राम था। महिला ने माना कि सोना बांग्लादेश के रास्ते भारत लाया गया था।

22-23 जुलाई को मुंबई हवाई अड्डे पर एक अन्य अभियान में विमान के शौचालयों में सोने की धूल को मोम के रूप में छिपाने वाले गिरोह का पता चला। मिलीभगत वाले सफाईकर्मी बाद में इसे निकालते थे। डीआरआई ने 3.7 किलोग्राम सोने की धूल जब्त कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया। 19-20 जुलाई को कोलकाता रेलवे स्टेशन पर खास तौर पर बनाए गए बर्तनों में छिपा 4.6 किलोग्राम सोना मिला, जो म्यांमार के रास्ते भारत आया था।

कोचीन और गुवाहाटी के दो अलग अभियानों में लगभग 2 किलोग्राम सोना और जब्त हुआ। कोचीन हवाई अड्डे पर दुबई से आए यात्री के शरीर के भीतर और गुवाहाटी में कार की खास तौर पर बनाई गई गुप्त जगह में सोना मिला। इन दोनों अभियानों में दो लोग गिरफ्तार हुए।