कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली की 47वीं रिपोर्ट जारी की। यह रिपोर्ट जून 2026 की है। इसमें लोक शिकायतों के प्रकार, उनकी श्रेणियों और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा किए गए निपटारे का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है।
जून 2026 में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लोक शिकायत के 96,190 मामले मिले और 93,170 मामलों का निपटारा हुआ। उत्तर प्रदेश ने सबसे अधिक 31,460 मामलों का निपटारा किया। इसके बाद महाराष्ट्र में 7,619 मामलों का निपटारा हुआ। 30 जून 2026 तक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2,16,032 मामले लंबित थे। इनमें से 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लंबित मामलों की संख्या 1,000 से अधिक थी।
रिपोर्ट के अनुसार, जून में सीपीजीआरएएमएस पर 83,544 नए उपयोगकर्ताओं ने पंजीकरण कराया। इनमें 15,287 पंजीकरण उत्तर प्रदेश से हुए। शिकायतों पर प्रतिक्रिया लेने वाले कॉल सेंटर ने कुल 75,318 प्रतिक्रियाएँ जुटाईं, जिनमें 33,092 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित थीं।
सीपीजीआरएएमएस को साझा सेवा केंद्र पोर्टल से जोड़ा गया है। इसकी सुविधा 5 लाख से अधिक केंद्रों पर उपलब्ध है, जो 25 लाख ग्राम स्तरीय उद्यमियों से जुड़े हैं। जून 2026 में इन केंद्रों से 6,262 शिकायतें दर्ज की गईं। लोक शिकायत मामलों की वरिष्ठ स्तर पर समीक्षा के लिए 6 जून 2025 से एक अलग समीक्षा व्यवस्था भी चालू है।
सेवोत्तम योजना के तहत वित्त वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक 1,196 प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे किए गए और लगभग 39,509 अधिकारियों को प्रशिक्षण मिला। इनमें वित्त वर्ष 2026-27 में 30 जून तक हुए 36 कार्यक्रम और प्रशिक्षित किए गए 1,198 अधिकारी शामिल हैं।
