20 अगस्त 2026 को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने फोनपे के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य फोनपे पल्सप्रो से मिली जानकारी का उपयोग करके पीएम गतिशक्ति मिशन को सहयोग देना है। फोनपे पल्सप्रो उद्यमों के लिए आँकड़ा विश्लेषण का मंच है। इससे राष्ट्रीय बुनियादी ढाँचे की योजना, आर्थिक विश्लेषण तथा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास में मदद मिलेगी।
समझौते के तहत फोनपे पल्सप्रो के मापदंड पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान पोर्टल में जोड़े जाएंगे। यह पोर्टल भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान, बीआईएसएजी-एन के साथ मिलकर चलाया जाता है। सरकारी योजनाकारों को फोनपे के व्यापक डिजिटल लेनदेन तंत्र से सूक्ष्म और स्थानीय स्तर की लेनदेन संबंधी जानकारी मिलेगी। इससे मौजूदा आँकड़े बेहतर होंगे और राष्ट्रीय विकास की योजना के लिए समझदारी से, आँकड़ों पर आधारित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि सूक्ष्म स्थानीय जानकारी मौजूदा आँकड़ों को बेहतर बना सकती है और विभिन्न बाज़ारों तथा इलाकों में उभरते रुझानों के बारे में अतिरिक्त जानकारी दे सकती है। फोनपे पल्सप्रो एकत्रित और गुमनाम किए गए लेनदेन आँकड़ों को अति-स्थानीय जानकारी में बदलता है। यह विभिन्न इलाकों, श्रेणियों और बाज़ारों के रुझानों की बारीक जानकारी देता है। इससे संगठनों को उभरते रुझान पहचानने और वास्तविक गतिविधियों से काम की जानकारी हासिल करने में मदद मिलती है।
फोनपे के रणनीति प्रमुख कार्तिक रघुपति ने कहा कि पल्सप्रो सूक्ष्म, अति-स्थानीय और लगभग वास्तविक समय के बाज़ार संकेतों से लेनदेन संबंधी जानकारी को आगे बढ़ाता है। फोनपे लिमिटेड, जिसे पहले फोनपे प्राइवेट लिमिटेड कहा जाता था, भुगतान, डिजिटल वितरण और वित्तीय सेवाओं के लिए डिजिटल मंच बनाती है। ये तथ्य प्रेस सूचना ब्यूरो की विज्ञप्ति संख्या 2301729 में दिए गए हैं।
