भारी उद्योग मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री इलेक्ट्रिक ड्राइव इनोवेटिव व्हीकल एनहांसमेंट यानी पीएम ई-ड्राइव योजना पूरे भारत में लागू की जा रही है। ₹10,900 करोड़ के परिव्यय वाली यह योजना 1 अप्रैल 2024 से लागू है। इसके तहत लगभग 28.30 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन दिया जाता है। इनमें इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया, ट्रक, बस और एम्बुलेंस शामिल हैं। सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग केंद्र लगाने और जांच एजेंसियों को बेहतर बनाने के लिए भी अनुदान उपलब्ध है।

योजना के तहत असम सहित पूरे देश में सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग केंद्र स्थापित करने के लिए ₹2,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं। यह राशि राज्यवार नहीं बांटी गई है। असम ने योजना के तहत ऐसे केंद्र लगाने के लिए अब तक कोई प्रस्ताव नहीं दिया है। कछार जिले के लिए मंत्रालय ने अलग से कोई आकलन भी नहीं किया है।

22 जुलाई 2026 तक असम में 42,035 इलेक्ट्रिक वाहन बिक चुके थे। इनमें कछार जिले के 8,003 वाहन शामिल थे। राज्य में 40,009 इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन राशि दी गई और निर्माताओं को कुल ₹99.10 करोड़ का पुनर्भुगतान किया गया।

पीएम ई-ड्राइव में 14,028 इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती के लिए ₹4,391 करोड़ भी रखे गए हैं। इनमें 13,800 बसें दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई, अहमदाबाद, पुणे और सूरत के लिए आवंटित की गई हैं, जबकि जम्मू-कश्मीर के लिए 200 बसें मंजूर हुई हैं। विज्ञप्ति में इलेक्ट्रिक वाहनों और चार्जर पर 5% वस्तु एवं सेवा कर, बैटरी वाहनों के लिए हरी पंजीकरण पट्टिका और परमिट से छूट तथा राज्यों को पथकर माफ करने की सलाह का भी उल्लेख है।