राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह ने जेईएन भर्ती परीक्षा-2020 के प्रश्नपत्र लीक मामले में 32 वर्षीय अभिषेक खंडेलवाल को गिरफ्तार किया है। खंडेलवाल जयपुर के मानसरोवर इलाके में घर-घर दूध पहुंचाता था। वह मूल रूप से दौसा जिले के सैंथल थाना क्षेत्र के जसोता मेसरा गांव का निवासी है और मानसरोवर में न्यू सांगानेर रोड स्थित राजीव विहार कॉलोनी के एक किराए के मकान में रहता था। विशेष अभियान समूह के अनुसार, दूध पहुंचाने के दौरान उसकी पहचान आरोपी भीमसिंह यादव से हुई। भीमसिंह पहले से खंडेलवाल के छोटे भाई को जानता था, जो शराब के एक ठेके पर बिक्री प्रबंधक था। जांच के अनुसार, भीमसिंह यादव और भूपेंद्र सारण ने मिलकर परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक किया था। भीमसिंह के संपर्क में आने के बाद खंडेलवाल कथित तौर पर गिरोह के एजेंट के रूप में काम करने लगा। आरोप है कि उसने कई अभ्यर्थियों से संपर्क कर प्रत्येक को ₹14 लाख में हल किया हुआ प्रश्नपत्र दिलाने का भरोसा दिया। उसने अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले ठहराने और प्रश्नपत्र पढ़ाने के लिए मानसरोवर में एक मकान किराए पर लिया था। विशेष अभियान समूह के मुताबिक, गिरोह के सदस्यों ने इसी जगह अभ्यर्थियों को हल किया हुआ प्रश्नपत्र याद कराया। लिखित परीक्षा सितंबर 2021 में हुई थी। प्रश्नपत्र लीक होने की जानकारी सामने आने पर सरकार ने परीक्षा रद्द कर दी और बाद में इसे दोबारा कराया। जनवरी 2026 में दर्ज प्रकरण के आधार पर जांच और गिरफ्तारियां जारी हैं। भीमसिंह यादव और भूपेंद्र सारण पहले से जेल में हैं। अब खंडेलवाल की कथित भूमिका की जांच की जा रही है।
जेईएन भर्ती परीक्षा-2020 प्रश्नपत्र लीक मामले में कथित एजेंट गिरफ्तार
राजस्थान के विशेष अभियान समूह ने जेईएन भर्ती परीक्षा-2020 के प्रश्नपत्र लीक गिरोह में कथित एजेंट अभिषेक खंडेलवाल को गिरफ्तार किया है। उस पर अभ्यर्थियों को ₹14 लाख में हल किया हुआ प्रश्नपत्र दिलाने और उसे याद कराने के लिए मानसरोवर में किराए का मकान लेने का आरोप है।
मुख्य तथ्य
- राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह ने जेईएन भर्ती परीक्षा-2020 प्रश्नपत्र लीक मामले में 32 वर्षीय अभिषेक खंडेलवाल को गिरफ्तार किया।
- मानसरोवर में दूध पहुंचाने वाला खंडेलवाल आरोपी भीमसिंह यादव के संपर्क में आने के बाद कथित तौर पर गिरोह से जुड़ा।
- उस पर कई अभ्यर्थियों को प्रति व्यक्ति ₹14 लाख में हल किया हुआ प्रश्नपत्र दिलाने का भरोसा देने का आरोप है।
- मानसरोवर में किराए पर लिया गया मकान कथित तौर पर अभ्यर्थियों को ठहराने और परीक्षा से पहले हल किया हुआ प्रश्नपत्र याद कराने के लिए इस्तेमाल हुआ।
- लिखित परीक्षा सितंबर 2021 में हुई थी; प्रश्नपत्र लीक सामने आने के बाद इसे रद्द कर बाद में दोबारा कराया गया।
- जांच जनवरी 2026 में दर्ज प्रकरण पर आधारित है; भीमसिंह यादव और भूपेंद्र सारण पहले से जेल में हैं।
6-अक्ष वर्गीकरण
अभ्यास प्रश्न MCQ
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जेईएन भर्ती परीक्षा-2020 प्रश्नपत्र लीक की जांच के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अभ्यर्थियों को कथित तौर पर खंडेलवाल के दौसा जिले स्थित मूल गांव में ठहराया गया था। 2. प्रश्नपत्र लीक सामने आने के बाद सरकार ने परीक्षा रद्द कर दी और बाद में इसे दोबारा कराया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा सही है?
कथन 1 गलत है। अभ्यर्थियों को ठहराने और हल किया हुआ प्रश्नपत्र याद कराने के लिए इस्तेमाल किया गया मकान दौसा जिले के गांव में नहीं, बल्कि जयपुर के मानसरोवर में किराए पर लिया गया था। कथन 2 सही है। प्रश्नपत्र लीक सामने आने पर सरकार ने परीक्षा रद्द कर दी और बाद में इसे दोबारा कराया।
स्रोत: अमर उजाला
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जेईएन भर्ती परीक्षा-2020 प्रश्नपत्र लीक मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?
राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह ने जयपुर के मानसरोवर में रहने वाले 32 वर्षीय दूध विक्रेता अभिषेक खंडेलवाल को गिरफ्तार किया।
अभिषेक खंडेलवाल पर क्या आरोप है?
उस पर कई अभ्यर्थियों से संपर्क कर प्रत्येक को ₹14 लाख में हल किया हुआ प्रश्नपत्र दिलाने का भरोसा देने का आरोप है।
किराए के मकान का कथित तौर पर क्या उपयोग किया गया?
उसका उपयोग अभ्यर्थियों को ठहराने और परीक्षा से पहले हल किया हुआ प्रश्नपत्र याद कराने के लिए किया गया।
प्रश्नपत्र लीक सामने आने के बाद परीक्षा का क्या हुआ?
सरकार ने परीक्षा रद्द कर दी और बाद में इसे दोबारा कराया।
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