पत्र सूचना कार्यालय ने 31 अगस्त 2026 को बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय का देशभर में जिला स्तरीय पंच सम्मेलन अभियान उल्लेखनीय सफलता के साथ आगे बढ़ा है। यह अभियान विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण): वीबी-जी राम जी (विकसित भारत-जी राम जी) अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन और पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों व कार्मिकों के व्यापक अभिमुखीकरण के लिए चलाया गया।
मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अनुरोध किया था कि पंचायती राज के तीनों स्तरों के जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को अधिनियम के प्रावधानों तथा उनकी भूमिकाओं व उत्तरदायित्वों से अवगत कराने के लिए पंच सम्मेलन आयोजित करें। देशभर में अब तक 1,338 पंच सम्मेलन सफलतापूर्वक हो चुके हैं। लगभग 5.26 लाख पंचायती राज सदस्यों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों या कर्मचारियों ने भाग लिया है। व्यापक जनभागीदारी से ग्राम पंचायतों की भूमिका, सहभागी योजना निर्माण, ग्रामीण विकास और स्थानीय शासन को लेकर जागरूकता बढ़ती दिख रही है।
अब तक 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपने निर्धारित पंच सम्मेलन पूरे कर लिए हैं। इनमें आंध्र प्रदेश, बिहार, असम, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, मिजोरम, नागालैंड, पंजाब, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, दादरा-नगर हवेली और दमन-दीव, जम्मू एवं कश्मीर तथा पुडुचेरी शामिल हैं। गुजरात, जम्मू एवं कश्मीर और पश्चिम बंगाल ने जिला स्तर के अलावा अन्य प्रशासनिक स्तरों पर भी सम्मेलन किए।
विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 ग्राम पंचायतों को ग्रामीण विकास प्रक्रिया के केंद्र में रखता है और उन्हें योजना निर्माण, कार्यान्वयन, निगरानी, पारदर्शिता व सामाजिक उत्तरदायित्व की जिम्मेदारियाँ देता है। सम्मेलनों में अधिनियम के प्रावधान, विकसित ग्राम पंचायत योजना, ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड, परिसंपत्ति निर्माण, अभिसरण, सामाजिक अंकेक्षण और शिकायत निवारण पर जानकारी दी गई, जिससे सहभागी योजना निर्माण और पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तिकरण को मज़बूत आधार मिला।
