राजस्थान उच्च न्यायालय की सख्ती के बाद राज्य सरकार ने राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण में दो सदस्य नियुक्त किए हैं। सरकार ने अदालत में नियुक्ति आदेश पेश कर बताया कि सेवानिवृत्त आरएएस अधिकारी अतर सिंह नेहरा और वीरेंद्र सिंह को सदस्य बनाया गया है। अध्यक्ष की नियुक्ति प्रक्रिया जारी होने और जल्द नियुक्ति किए जाने की जानकारी भी अदालत को दी गई।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस. पी. शर्मा की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर तक टाल दी। पिछली सुनवाई में उच्च न्यायालय ने सरकार को अधिकरण के रिक्त पद 7 दिन के भीतर भरने का निर्देश दिया था। आदेश का पालन न होने पर डीओपी सचिव को व्यक्तिगत रूप से पेश होने की चेतावनी भी दी गई थी।

वकील दिलीप सिंह कुरका, संदीप कलवानिया और अन्य अधिवक्ताओं ने जनहित याचिका दायर की थी। उन्होंने अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली होने से सुनवाई प्रभावित होने का मुद्दा उठाया। कार्यवाही के दौरान अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि यदि सरकार अधिकरण नहीं चला सकती तो उसे बंद कर देना चाहिए। अदालत ने यह भी पूछा कि बड़े पैमाने पर तबादलों के बाद कर्मचारी अपनी शिकायतें लेकर कहां जाएंगे।

तत्कालीन अध्यक्ष विकास सीताराम भले के 19 मार्च को तबादले के बाद अध्यक्ष पद करीब 4 महीने से खाली था। सदस्यों के 4 पदों में से 2 भी लंबे समय से रिक्त थे। फिलहाल पूर्व आईएएस अधिकारी प्रकाश शर्मा को अध्यक्ष का प्रभार दिया गया है, जबकि न्यायिक सदस्य पूनम दरगन बीमारी के कारण नियमित रूप से काम नहीं कर पा रही हैं।