भारत की 2026 की अध्यक्षता में ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की बैठक जयपुर में संपन्न हुई और मंत्रियों ने सर्वसम्मति से जयपुर घोषणापत्र पारित किया। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने की। इसके साथ ‘अनुकूलनीयता, नवाचार, सहयोग और संवहनीयता का निर्माण’ विषय के अंतर्गत चलाए गए ब्रिक्स पर्यटन क्रम का समापन हुआ। बैठक में ब्रिक्स के नौ सदस्य देशों ने भाग लिया। जयपुर घोषणापत्र सदस्य देशों के बीच पर्यटन सहयोग मजबूत करने का ढांचा प्रस्तुत करता है। इसमें चार विषयगत प्राथमिकताओं पर हुए कार्य को समेटा गया है—कृत्रिम मेधा और पर्यटन; संवहनीय एवं जिम्मेदार पर्यटन; पर्यटन कौशल एवं क्षमता निर्माण; तथा पर्यटन आदान-प्रदान एवं निर्बाध यात्रा सुविधा। घोषणापत्र पर्यटन में जिम्मेदार, सुरक्षित और मानव-केंद्रित कृत्रिम मेधा तथा अंकीय प्रौद्योगिकियों की परिवर्तनकारी क्षमता स्वीकार करता है। इसमें पर्यटन नियोजन, गंतव्य प्रबंधन, आगंतुक सेवाओं, बहुभाषी संचार और यात्रा सुविधा में सहयोग पर बल है। यह समुदाय-केंद्रित पर्यटन, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत की रक्षा, पर्यटन निवेश एवं अवसंरचना, विविध पर्यटन उत्पादों के विकास और संवर्धन, निरंतर कौशल विकास, उद्योग-शिक्षा जगत की भागीदारी, पर्यटन आंकड़ों के आदान-प्रदान, श्रेष्ठ कार्य-पद्धतियों की साझेदारी और सदस्य देशों के नागरिकों के बीच मजबूत संबंधों को भी महत्त्व देता है। शेखावत ने कहा कि पर्यटन विकास को बड़े आर्थिक केंद्रों से आगे कस्बों, गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचा सकता है। यह होटल, घरों में ठहरने की सेवाओं, टैक्सी संचालकों, मार्गदर्शकों, कारीगरों, बुनकरों, किसानों, उद्यमियों और इस क्षेत्र से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़े लाखों परिवारों के लिए अवसर बनाता है। बैठक के दौरान भारत ने ब्राजील, ईरान, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं कीं। मंत्रियों और प्रतिनिधियों को जयपुर की पारंपरिक कला, शिल्प और समुदाय-आधारित पर्यटन पहलों से जुड़े विशेष अनुभव भी दिखाए गए।