राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आयोग 10 से 23 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में घर-घर जाकर ऑनलाइन सर्वे करेगा। इसका मकसद पंचायत और निकाय चुनावों में ओबीसी के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का निर्धारण करना है। यह सर्वे उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में हो रहा है, जिसमें ओबीसी के पिछड़ेपन की प्रकृति और उसके निहितार्थों से जुड़े आंकड़े जुटाने को कहा गया था। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर आयोग स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में ओबीसी आरक्षण को लेकर अपनी सिफारिश तैयार करेगा।

आयोग के सचिव (सलाहकार) अशोक कुमार जैन ने 8 जुलाई 2026 को मुख्य सचिव को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि सर्वे में लगे नोडल अधिकारी, सहायक नोडल अधिकारी, संदर्भ व्यक्ति और प्रगणकों को सर्वे पूरा होने तक तबादले के बावजूद कार्यमुक्त न किया जाए। दरअसल राज्य सरकार ने तबादलों पर लगी रोक में 19 जून से 10 जुलाई तक छूट दे रखी थी, जिससे कई विभागों ने तबादला सूचियां जारी करनी शुरू कर दी थीं।

इस पूरी प्रक्रिया का असर पंचायत चुनावों पर भी पड़ेगा। राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद चुनाव प्रक्रिया पूरी करने में उसे कम से कम 90 दिन लगेंगे। ऐसे में पंचायत चुनाव सामान्य समय-सारिणी से आगे बढ़कर अक्टूबर तक भी खिंच सकते हैं।