भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता तथा सामाजिक सुरक्षा संबंधी समझौता 15 जुलाई 2026 को लागू हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत-ब्रिटेन साझेदारी का महत्वपूर्ण अवसर बताया। उनके अनुसार, दोनों समझौतों से दोनों देशों के आर्थिक संबंध और गहरे होंगे तथा उनकी साझा आकांक्षाएँ लोगों के लिए ठोस अवसरों में बदलेंगी।

व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते ने मुक्त व्यापार समझौते को लागू कर दिया है। इसके तहत कई घरेलू वस्तुओं को ब्रिटेन के बाजार में शून्य शुल्क पर प्रवेश मिलेगा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इससे भारत के करीब 99 प्रतिशत निर्यात को शून्य शुल्क पर बाजार उपलब्ध होगा। यह समझौता कुल व्यापार मूल्य के लगभग 100 प्रतिशत हिस्से को समेटता है।

प्रधानमंत्री के अनुसार, व्यापार समझौते से किसानों, उद्यमियों तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को लाभ होगा। इससे प्रौद्योगिकी, पेशेवर सेवाओं और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग भी गहरा होगा। उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम दोनों लोकतंत्रों के बीच भरोसे और भविष्य की ओर देखने वाली साझेदारी बनाने के संकल्प को दिखाता है। यह साझेदारी व्यापार, प्रौद्योगिकी, निवेश और नवाचार से आगे बढ़ेगी। भारत और ब्रिटेन साझा समृद्धि के लिए साथ काम करते रहेंगे।

इस तरह, दोनों समझौते भारत-ब्रिटेन आर्थिक संबंधों के व्यापक चरण को सामने रखते हैं। व्यापार समझौते का मुख्य पक्ष बाजार तक पहुँच और शून्य शुल्क पर प्रवेश है, जबकि सामाजिक सुरक्षा समझौते का साथ लागू होना उस बड़े आर्थिक संबंध का हिस्सा है जिसका उल्लेख प्रधानमंत्री ने किया।