भारत ने 26 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय स्तर पर वीर बाल दिवस मनाया। यह दिवस दसवें सिख गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे पुत्रों — साहिबज़ादा ज़ोरावर सिंह एवं साहिबज़ादा फ़तेह सिंह — के बलिदान की स्मृति में मनाया जाता है; 1704 का उनका अद्वितीय बलिदान पीढ़ियों को प्रेरित करता आया है। राष्ट्रीय कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने दो भागों में आयोजित किया। सुबह 10:00 बजे नई दिल्ली के विज्ञान भवन में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने 18 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से चुने गए 20 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी) 2025 प्रदान किए। पुरस्कारों में छह श्रेणियों में उत्कृष्ट उपलब्धि को मान्यता दी गई: वीरता, कला एवं संस्कृति, पर्यावरण, सामाजिक सेवा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, तथा खेल। इसके बाद नई दिल्ली के भारत मंडपम में राष्ट्रीय स्तरीय कार्यक्रम हुआ, जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग 12:30 बजे बच्चों, युवाओं, गणमान्य व्यक्तियों एवं विद्यार्थियों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने मुख्य भाषण में साहिबज़ादों के अद्वितीय साहस एवं अडिग आस्था पर बल दिया तथा 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवा नागरिकों की ज़िम्मेदारी को रेखांकित किया। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने स्वागत भाषण दिया। भारत की विरासत एवं वीरता विषयों को दर्शाते सांस्कृतिक प्रदर्शन प्रस्तुत किए गए, और कार्यक्रम का सीधा प्रसारण एनआईसी वेबकास्ट, डीडी न्यूज़ एवं मंत्रालय के यूट्यूब चैनल से किया गया, जिससे इस आयोजन की पहुँच देशव्यापी हो गई।