केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 7 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए ज़मीनी स्तर पर व्यापक जनभागीदारी का आह्वान किया। एनसीआर के 63 शहरों के महापौरों और शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों के साथ हुए संवाद में उन्होंने स्वच्छ वायु मिशन को आगे बढ़ाने में नेतृत्व की भूमिका निभाने का आग्रह किया। वायु प्रदूषण पर निर्वाचित स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों के साथ मंत्रालय द्वारा आयोजित इतने बड़े पैमाने का यह पहला संवाद था। प्रतिभागियों ने साफ़ हवा की शपथ भी ली।
श्री यादव ने कहा कि वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए वैज्ञानिक और डेटा-आधारित नज़रिया ज़मीनी स्तर तक पहुंचना चाहिए, और जनप्रतिनिधि कार्ययोजनाओं को मैदान पर प्रभावी ढंग से लागू करने में केन्द्रीय भूमिका निभाएं। उन्होंने महापौरों और स्थानीय प्रतिनिधियों से उदाहरण पेश कर नेतृत्व करने तथा नागरिकों को अनावश्यक प्रदूषण रोकने और स्वच्छ व स्वस्थ शहरी वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित करने को कहा। उनके अनुसार शहरी स्थानीय निकाय प्रथम प्रत्युत्तरदाता हैं और मार्गदर्शन के साथ की गई कोशिशों से व्यापक बदलाव आ सकता है; इसलिए इस मुद्दे पर उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
शहरी क्षेत्रों के तेज़ विस्तार और उससे जुड़ी ठोस अपशिष्ट समस्या को रेखांकित करते हुए मंत्री ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 तथा निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2025 को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने की ज़रूरत पर बल दिया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से वायु प्रदूषण नियंत्रण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में स्थानीय निकायों की शक्तियों व ज़िम्मेदारियों से अच्छी तरह परिचित होने तथा नागरिकों के लिए अनुकरणीय उदाहरण पेश करने के लिए पहले सकारात्मक कदम उठाने का आह्वान किया।
श्री यादव ने स्थानीय निकायों से सड़कों के किनारे स्थानीय और सूखा-रोधी घास की प्रजातियां लगाकर हरित आवरण बढ़ाने को कहा, ताकि धूल से होने वाले प्रदूषण पर लगाम लगे। उन्होंने प्रभावी सफाई सुनिश्चित करने, प्लास्टिक के उपयोग और बायोमास जलाने की रोकथाम तथा मानकों पर खरे न उतरने वाले उद्योगों व वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण में जनभागीदारी के और अवसर उपलब्ध कराने का भी आह्वान किया।
