राजस्थान में प्रस्तावित पंचायतीराज चुनावों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने आरक्षित और मुक्त चुनाव चिन्हों की सूची जारी की है। यह सूची जिला परिषद, पंचायत समिति, सरपंच और पंच के चुनावों पर लागू होगी। आयोग के सचिव राजेश वर्मा ने इसकी डिजिटल प्रति सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों यानी कलेक्टरों को भेजी है। पत्र के अनुसार, इन्हीं चिन्हों का इस्तेमाल मतपत्र छापने और चुनाव प्रक्रिया में किया जाएगा।
राष्ट्रीय और राज्य स्तर के मान्यता प्राप्त दलों के पुराने आरक्षित चिन्ह बरकरार रखे गए हैं। भारतीय जनता पार्टी को कमल, कांग्रेस को हाथ, बहुजन समाज पार्टी को हाथी, आम आदमी पार्टी को झाड़ू और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी को हथौड़ा, हंसिया और सितारा मिला है। नेशनल पीपुल्स पार्टी का चिन्ह किताब, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का बोतल और भारत आदिवासी पार्टी का हॉकी व बॉल रहेगा।
निर्दलीय और गैर-मान्यता प्राप्त दलों के उम्मीदवारों के लिए मुक्त चिन्हों की लंबी सूची है। सरपंच पद के निर्दलीय उम्मीदवार को 40 चिन्हों में से कोई एक दिया जा सकता है। इनमें प्रेशर कुकर, ट्रक, कैमरा, तरबूज, पानी का टैंक, माइक, रोड रोलर, हेलमेट, सोफा, टेंट, केतली, पेट्रोल पंप और ट्यूब लाइट जैसे चिन्ह शामिल हैं। पंच चुनाव के लिए अलमारी, चप्पल, चारपाई, मिक्सी, रेफ्रिजरेटर, टेलीविजन, फूलगोभी, गैस चूल्हा, आइसक्रीम, हारमोनियम, स्कूल बैग और जूता जैसे चिन्ह रखे गए हैं।
यह सूची इसलिए अहम है क्योंकि पंचायतीराज चुनावों में बड़ी संख्या में उम्मीदवार निर्दलीय होते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाता कई बार नाम से अधिक चुनाव चिन्ह के आधार पर उम्मीदवार को पहचानते हैं। चुनाव से पहले आरक्षित और मुक्त चिन्ह साफ होने से पहचान आसान रहती है और मतदान के समय भ्रम घटता है।
