केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने 13 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य भवन 2 में पुनर्गठित इंडिया कोड पोर्टल का शुभारंभ किया। आधुनिक डिजिटल तकनीकों से कानूनों तक पहुंच को सरल, तेज़, व्यापक और नागरिक-केंद्रित बनाना इस पहल का उद्देश्य है। इंडिया कोड संविधान, केंद्रीय अधिनियमों और उनके अधीनस्थ विधानों, राज्य अधिनियमों और उनके अधीनस्थ विधानों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के विधानों व विनियमों का एकीकृत डिजिटल संग्रह है। पुनर्गठन का लक्ष्य इसे केवल ऑनलाइन दस्तावेज़-संग्रह तक सीमित न रखकर कानून तक पहुंच का सुलभ और आपस में जुड़ा डिजिटल द्वार बनाना है। इसकी प्रमुख सुविधाओं में बेहतर खोज, कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सहायता से खोज और संवाद, अर्थ-आधारित तथा आवाज़-आधारित खोज और विधानों के बीच आसान आवाजाही शामिल हैं। उपयोगकर्ता संशोधनों और विधायी इतिहास तक पहुंच सकते हैं। अधिनियमों को संबंधित अधीनस्थ विधानों से जोड़ा गया है और ई-गजट व्यवस्था के साथ एकीकरण से प्रामाणिक विधायी सामग्री तक पहुंच बेहतर होगी। दस्तावेज़ देखने की बेहतर सुविधा, क्यूआर से पहुंच और नागरिकों की राय लेने की व्यवस्थित व्यवस्था भी इसमें शामिल हैं। पोर्टल का लक्ष्य संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी 22 भाषाओं में कानूनों तक कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सहायता से पहुंच देना है। इससे नागरिकों, कानूनी पेशेवरों, शोधकर्ताओं, न्यायपालिका, सरकारी विभागों और अन्य हितधारकों को प्रामाणिक तथा अपडेट की गई विधायी जानकारी ढूंढने और प्राप्त करने में आसानी होगी। इसका व्यापक उद्देश्य कानून और नागरिकों के बीच दूरी घटाना, पारदर्शिता व कानूनी जागरूकता बढ़ाना, नागरिक भागीदारी को व्यापक बनाना तथा कानूनी और सार्वजनिक सेवाओं के वितरण में सुधार करना है।