राजस्थान सरकार ने ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों को अब 31 अगस्त 2026 तक चलाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इन शिविरों की सफलता और लोकप्रियता को देखते हुए यह फैसला लिया तथा सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई राज उन्नति की सातवीं बैठक में अधिकारियों को आगामी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। UDH और LSG विभागों ने फॉलोअप शिविर लगाने के आदेश जारी किए हैं और शिविर 21 जुलाई से फिर शुरू होंगे। प्रदेशभर में 12 जून से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 19 हजार से अधिक शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें आमजन को उनका हक पहुंचाने के साथ वर्षों से लंबित प्रकरण भी तुरंत निस्तारित किए गए। शहरी सेवा शिविरों में 42 हजार से अधिक पट्टे जारी किए गए और 13 हजार से अधिक नाम हस्तांतरण किए गए। 1 लाख से अधिक जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीकरण, 18 हजार से अधिक पीएम स्वनिधि ऋण आवेदन तथा 41 हजार से अधिक विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराए गए। 22 हजार से अधिक नई स्ट्रीट लाइट लगाई गईं, 67 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइटों का सुधार हुआ तथा तीन हजार से अधिक सीवर कनेक्शन स्वीकृत किए गए। ग्रामीण सेवा शिविरों में 1 लाख 97 हजार से अधिक नामांतरण, 18 हजार से अधिक रास्तों के प्रकरणों का निस्तारण तथा लगभग 2 लाख किसानों का फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकरण किया गया। 25 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण, 11 लाख से अधिक की टीबी स्क्रीनिंग तथा साढ़े 4 लाख से अधिक महिलाओं की ओरल, ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग हुई। मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत तीन लाख से अधिक तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 48 हजार से अधिक पॉलिसी वितरित की गईं।