10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया गया; राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) ने 35 करोड़ से अधिक पशु आधार आईडी बनाईं
Aसीधा उत्तर
10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया गया; राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) ने 35.68 करोड़ से अधिक पशु आधार आईडी बनाईं।
मुख्य तथ्य
विश्व हिंदी दिवस 10 जनवरी 2026 को मनाया गया। यह दिन 10 जनवरी 1949 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी के उपयोग और 1975 में नागपुर में हुए पहले विश्व हिंदी सम्मेलन की स्मृति से जुड़ा है
विदेश मंत्रालय हिंदी की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति बढ़ाने के लिए दुनिया भर में कार्यक्रम आयोजित करता है
राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) ने 35.68 करोड़ से अधिक पशु आधार आईडी बनाकर बड़ी उपलब्धि हासिल की और भारत के डेयरी क्षेत्र के डिजिटलीकरण को आगे बढ़ाया
राजस्थान में 5.7 करोड़ से अधिक पशुधन है, जो भारत में सर्वाधिक है, और यह इस पहल का प्रमुख लाभार्थी है
पशु आधार से हर टैग किए गए पशु के स्वास्थ्य, प्रजनन रिकॉर्ड और दूध उत्पादकता पर नज़र रखी जा सकती है
विश्व हिंदी दिवस 10 जनवरी 2026 को मनाया गया। यह दिन 10 जनवरी 1949 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी के ऐतिहासिक उपयोग और 1975 में नागपुर में आयोजित पहले विश्व हिंदी सम्मेलन की स्मृति से जुड़ा है। विदेश मंत्रालय हिंदी की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति बढ़ाने के लिए दुनिया भर में कार्यक्रम आयोजित करता है।
एक अन्य घटनाक्रम में, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) ने 35.68 करोड़ से अधिक पशु आधार आईडी बनाकर बड़ी उपलब्धि हासिल की और भारत के डेयरी क्षेत्र के डिजिटलीकरण को आगे बढ़ाया। राजस्थान में 5.7 करोड़ से अधिक पशुधन है, जो भारत में सर्वाधिक है, इसलिए यह इस पहल का प्रमुख लाभार्थी है। इस पहल से हर टैग किए गए पशु के स्वास्थ्य, प्रजनन रिकॉर्ड और दूध उत्पादकता पर नज़र रखी जा सकती है।
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विश्व जल दिवस 2026 का नारा क्या है?
व्याख्या · सही उत्तर A
विश्व जल दिवस 2026 का नारा 'जहां जल बहता है, समानता बढ़ती है' है, विषय 'जल और जेंडर'।
सत्यापित
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विश्व हिंदी दिवस 10 जनवरी को क्यों मनाया जाता है और इसकी पृष्ठभूमि क्या है?
**विश्व हिंदी दिवस** **10 जनवरी** को मनाया जाता है। यह दिन **10 जनवरी 1949 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी के ऐतिहासिक उपयोग** और **1975 में नागपुर में आयोजित पहले विश्व हिंदी सम्मेलन** की स्मृति से जुड़ा है। **विदेश मंत्रालय** हिंदी की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति बढ़ाने के लिए दुनिया भर में कार्यक्रम आयोजित करता है। यह **हिंदी दिवस (14 सितंबर)** से अलग है, जो हिंदी को भारत की राजभाषा के रूप में अपनाए जाने की याद दिलाता है।
राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) ने पशु आधार आईडी के मामले में कौन-सी बड़ी उपलब्धि हासिल की और भारत के डेयरी क्षेत्र के लिए इसका क्या महत्व है?
**राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB)** ने **35.68 करोड़ से अधिक पशु आधार आईडी** बनाकर बड़ी उपलब्धि हासिल की और भारत के डेयरी क्षेत्र के डिजिटलीकरण को आगे बढ़ाया। **पशु आधार** से हर टैग किए गए पशु के **स्वास्थ्य रिकॉर्ड, प्रजनन रिकॉर्ड और दूध उत्पादकता** पर नज़र रखी जा सकती है। **राजस्थान** में भारत की सर्वाधिक पशु आबादी है और वहाँ **5.7 करोड़ से अधिक पशुधन** है, इसलिए वह इसका प्रमुख लाभार्थी है। इस उपलब्धि का उल्लेख **10 जनवरी 2026 को विश्व हिंदी दिवस** पर किया गया।
राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) की पशु आधार पहल के लिए राजस्थान विशेष रूप से महत्वपूर्ण क्यों है?
**राजस्थान** राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) की **पशु आधार** पहल का प्रमुख लाभार्थी है, क्योंकि भारत में सबसे अधिक पशुधन—**5.7 करोड़ से अधिक**—यहीं है। बोर्ड ने **35.68 करोड़ से अधिक पशु आधार आईडी** बनाई हैं। इनसे हर पशु के **स्वास्थ्य, प्रजनन रिकॉर्ड और दूध उत्पादकता** पर नज़र रखी जा सकती है। यह व्यवस्था राजस्थान के विशाल ग्रामीण पशुपालन क्षेत्र में डेयरी उत्पादकता सुधारने और पशु-स्वास्थ्य कार्यक्रम लागू करने के लिए ज़रूरी है।
10 जनवरी को मनाए जाने वाले विश्व हिंदी दिवस और 14 सितंबर के हिंदी दिवस में क्या अंतर है?
**विश्व हिंदी दिवस (10 जनवरी)** **पहले विश्व हिंदी सम्मेलन (नागपुर, 1975)** और **संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी के उपयोग (10 जनवरी 1949)** की स्मृति से जुड़ा है। इस अवसर पर **विदेश मंत्रालय** दुनिया भर में कार्यक्रम आयोजित करता है ताकि हिंदी का अंतरराष्ट्रीय प्रसार बढ़े। **हिंदी दिवस (14 सितंबर)** 1949 में संविधान के तहत हिंदी को भारत की **राजभाषा** के रूप में अपनाए जाने की याद दिलाता है। विश्व हिंदी दिवस का केंद्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी का प्रसार है, जबकि हिंदी दिवस भारत के भीतर मनाया जाने वाला आयोजन है।
पशु आधार क्या है और इससे भारत के डेयरी क्षेत्र के डिजिटलीकरण में क्या मदद मिलती है?
**पशु आधार** भारत में पशुधन की विशिष्ट पहचान प्रणाली है, जिसे **राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB)** ने विकसित किया है। मनुष्यों के आधार की तरह इसमें हर टैग किए गए पशु को एक विशिष्ट आईडी दी जाती है, जिससे उसके **स्वास्थ्य रिकॉर्ड, प्रजनन रिकॉर्ड और दूध उत्पादकता** पर नज़र रखी जा सकती है। **35.68 करोड़ से अधिक पशु आधार आईडी** बनाई जा चुकी हैं और इससे भारत के डेयरी क्षेत्र का डिजिटलीकरण आगे बढ़ा है। **राजस्थान** में **5.7 करोड़ से अधिक पशुधन** है, जो भारत में सर्वाधिक है, इसलिए वह इस पहल का प्रमुख लाभार्थी है।
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