भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान शिक्षा मंत्रालय ने 20 जुलाई 2026 को वर्चुअल रूप से ब्रिक्स नेटवर्क यूनिवर्सिटी (ब्रिक्स एनयू) सम्मेलन का आयोजन किया। बैठक का विषय था—डिजिटल युग में पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों के संरक्षण की ज़रूरत और चुनौतियाँ। सम्मेलन तीन सत्रों में बँटा था: (1) ब्रिक्स देशों में पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों का मानचित्रण, पहचान और व्यवस्थित दस्तावेज़ीकरण; (2) इन प्रणालियों का संरक्षण और सुरक्षा; तथा (3) इनके संरक्षण में डिजिटल तकनीकों की भूमिका। इन सत्रों में भारत और ब्रिक्स सदस्य देशों के विषय विशेषज्ञों ने मानचित्रण, पहचान, व्यवस्थित दस्तावेज़ीकरण, संरक्षण, सुरक्षा और संरक्षण के लिए डिजिटल तकनीकों के उपयोग पर चर्चा की। भारत ने ब्रिक्स सदस्य देशों के साथ पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणाली पर सहयोग को मज़बूत बनाने के मार्गदर्शक सिद्धांत साझा किए।

ब्रिक्स एनयू के अंतरराष्ट्रीय शासी बोर्ड (आईजीबी) की बैठक 21 जुलाई 2026 को वर्चुअल रूप से हुई। बैठक में आईजीबी सदस्यों ने ब्रिक्स एनयू के 11 अंतरराष्ट्रीय विषयगत समूहों (आईटीजी) के अंतर्गत जुड़े 178 विश्वविद्यालयों के बीच सहयोगी गतिविधियों की प्रगति बताई। ब्रिक्स एनयू के तहत प्रत्येक ब्रिक्स सदस्य देश को इन 11 आईटीजी के केंद्रित विषयों पर काम करने वाले दो उच्चतर शिक्षा संस्थान नामित करने का विकल्प है। ब्रिक्स एनयू में भारत के 22 संस्थान हैं।

ब्रिक्स एनयू और आईजीबी की बैठकों के दौरान भारत ने पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणाली को 12वें आईटीजी के रूप में प्रस्तावित किया। 7 अगस्त 2026 को हुई 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक में अपनाई गई घोषणा में भी इसका उल्लेख है। यह जानकारी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने राज्यसभा में लिखित उत्तर में दी।