अक्टूबर 2021 में शुरू हुआ पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान अवसंरचना परियोजनाओं की एकीकृत योजना और समन्वित क्रियान्वयन के लिए केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ जोड़ता है। भू-स्थानिक आँकड़ों, उपग्रह चित्रों और एपीआई के मेल से अवसंरचना विकास की निगरानी, योजना और सुधार में मदद मिलती है। इसका उद्देश्य सामाजिक बुनियादी ढाँचे सहित परिवहन के अलग-अलग साधनों के बीच बेहतर तालमेल बनाना है, ताकि लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही सुगम हो, अंतिम छोर तक संपर्क सुधरे और यात्रा का समय घटे।

नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप योजना के स्तर पर केंद्र सरकार की प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं का मूल्यांकन करता है। इसमें एकीकृत योजना, अलग-अलग परिवहन साधनों के बीच तालमेल, अंतिम छोर तक संपर्क, परियोजना स्थल और आसपास के क्षेत्र का व्यापक विकास तथा आँकड़ों के आधार पर फ़ैसले जैसे पहलू देखे जाते हैं। अब तक इस तंत्र ने लगभग ₹18.66 लाख करोड़ की अनुमानित लागत वाली 396 परियोजनाओं का मूल्यांकन किया है। इनमें 256 परियोजनाओं को मंज़ूरी मिल चुकी है और 198 पर काम चल रहा है।

पीएम गतिशक्ति स्वयं एक साझा योजना-ढाँचा है। परियोजनाओं की मंज़ूरी और क्रियान्वयन संबंधित मंत्रालय, विभाग, राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी योजनाओं, प्रक्रियाओं और बजटीय या वित्तीय प्रावधानों के तहत करते हैं। इसलिए इस पहल के लिए अलग से कोई मात्रात्मक लक्ष्य या खर्च की आवश्यकता तय नहीं की गई है।

इस व्यवस्था में 58 केंद्रीय मंत्रालय व विभाग और सभी 36 राज्य व केंद्र शासित प्रदेश शामिल हो चुके हैं। लगभग 1,800 आँकड़ा-परतों के साथ 65 से अधिक सॉफ्टवेयर साधन और 100 से अधिक मोबाइल या वेब अनुप्रयोग जोड़े गए हैं। सितंबर 2025 में शुरू सार्वजनिक प्लेटफ़ॉर्म प्रश्न-आधारित प्रक्रिया से निजी संस्थाओं और आम लोगों को आँकड़ों के विश्लेषण की सुविधा देता है।