इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (माइटी) के तहत आने वाली स्वायत्त वैज्ञानिक संस्था राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईईएलआईटी) ने भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। इसने माइटी के ही अधीन आने वाली दूसरी स्वायत्त संस्था सेमीकंडक्टर लैबोरेटरी (एससीएल), मोहाली के साथ मिलकर ईचिपहब मंच पर स्वदेशी 1.2 माइक्रोमीटर प्रोसेस डिजाइन किट (पीडीके) उपलब्ध कराई है। यह पहल इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के लक्ष्यों को आगे बढ़ाती है और देश भर के छात्रों, शोधकर्ताओं, संकाय सदस्यों, स्टार्टअप्स, एमएसएमई तथा उद्योग पेशेवरों को इंटीग्रेटेड सर्किट डिजाइन और प्रोटोटाइपिंग के लिए स्वदेशी सेमीकंडक्टर प्रोसेस तकनीक तक पहुंच देगी। ईचिपहब सेमीकंडक्टर डिजाइन शिक्षा और क्षमता निर्माण के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय मंच है। इसे माइटी-वित्तपोषित परियोजना के तहत एनआईईएलआईटी लागू और संचालित करता है, और इसे एनआईईएलआईटी तथा सॉकटीमअप सेमीकंडक्टर्स प्रा. लि. ने मिलकर विकसित किया है। इस परियोजना के ज़रिए एनआईईएलआईटी व्यवस्थित कोर्स, बूटकैंप, संकाय विकास कार्यक्रम, इंटर्नशिप और उद्योग-शिक्षा सहयोग से करीब 30,000 छात्रों को सेमीकंडक्टर डिजाइन में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखता है। एससीएल की 1.2 माइक्रोमीटर पीडीके को ईचिपहब से जोड़ा गया है और इसे आधार-प्रमाणित सुरक्षित डाउनलोड प्रक्रिया से उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि जिम्मेदार पहुंच सुनिश्चित हो। स्वदेशी ओपन-सोर्स पीडीके को ओपन-सोर्स ईडीए टूलचेन से जोड़ने से भारत का पहला स्वदेशी 'डिजाइन-टू-फैब्रिकेशन' लर्निंग पाथवे बना है, जिससे सीखने वाले आरटीएल डिजाइन और सिमुलेशन से लेकर सिंथेसिस, भौतिक क्रियान्वयन और फैब्रिकेशन तक का पूरा वर्कफ्लो पूरा कर सकते हैं। एनआईईएलआईटी और एससीएल ने 25 अप्रैल 2025 को माइटी सचिव एस. कृष्णन की मौजूदगी में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे।