केंद्र ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (पीएम-आरकेवीवाई) के तहत महाराष्ट्र के लिए ₹335 करोड़ की स्वीकृति जारी की है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में चल रही कृषि योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान यह स्वीकृति दी।

इस ऑनलाइन समीक्षा बैठक में महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे, केंद्रीय कृषि सचिव और केंद्र व राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। चौहान ने समय पर धन खर्च करने के लिए महाराष्ट्र की सराहना की। राज्य ने पीएम-आरकेवीवाई के तहत उपलब्ध राशि का 75% से अधिक उपयोग किया है, जबकि कई घटकों में यह आँकड़ा 80% से ज़्यादा रहा। कृषि उन्नति योजना के घटक, एकीकृत बागवानी विकास मिशन में लगभग 81.73% खर्च को भी उन्होंने उत्कृष्ट बताया। प्रभावी खर्च के इस प्रदर्शन के आधार पर महाराष्ट्र को अग्रणी राज्यों में शामिल किया गया।

समीक्षा में कुछ ऐसे क्षेत्र भी सामने आए जहाँ काम तेज करने की ज़रूरत है। डिजिटल कृषि पर खास तौर से ध्यान देते हुए मंत्री ने खर्च तत्काल बढ़ाने और लंबित राशि का जल्द उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र का उद्देश्य केवल धन जारी करना नहीं है; हर रुपये का इस्तेमाल किसानों के कल्याण और कृषि विकास के तय लक्ष्य के लिए होना चाहिए। राज्यों से योजनाओं की लगातार निगरानी और बेहतर अमल पर ध्यान देने को कहा गया। चौहान ने उम्मीद जताई कि महाराष्ट्र डिजिटल कृषि और बाकी योजनाओं में तेजी लाकर एक आदर्श राज्य के रूप में उभरेगा।