प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज सेवा तीर्थ में प्रगति की 53वीं बैठक की अध्यक्षता की। प्रगति सक्रिय शासन और समय पर काम पूरा करने के लिए बनाया गया आईसीटी-आधारित, मल्टी-मॉडल प्लेटफॉर्म है। प्रेस सूचना ब्यूरो, दिल्ली ने यह बैठक 25 अगस्त 2026 को दर्ज की (रिलीज़ आईडी: 2303375)।

उन्होंने रेलवे, सड़क और ऊर्जा की छह प्रमुख बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं की समीक्षा की। ये नौ राज्यों में फैली हैं और कुल लागत ₹30,000 करोड़ से अधिक है। संपर्क, औद्योगिक-आर्थिक गतिविधियों और सार्वजनिक सेवाओं के साथ समय-सीमा, एजेंसियों के तालमेल, लंबित मुद्दों के समाधान और तेज़ी से पूरा करने पर ज़ोर दिया गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देरी से लागत बढ़ती है और नागरिकों, व्यवसायों व अर्थव्यवस्था के लाभ टल जाते हैं। परियोजनाओं को अलग-अलग हिस्सों या पैकेजों के बजाय एकीकृत इकाई के रूप में देखा-निगरानी किया जाना चाहिए, ताकि पैकेज-स्तरीय प्रगति पूरी परियोजना के समय पर पूरा होने और चालू होने के रूप में निकले। मंत्रालयों और राज्यों से शुरू से अंत तक काम पूरा करने, लाभ में देरी करने वाली कमियाँ दूर करने तथा सक्रिय कार्य-संस्कृति व हर स्तर पर ज़्यादा ज़िम्मेदारी का आह्वान किया गया।

जहाँ संभव हो, बड़े परिवहन और ढांचागत परियोजनाओं की योजना में कॉमन यूटिलिटी कॉरिडोर तलाशने तथा योजना चरण में तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता पर विचार करने पर बल दिया गया। रफ्तार के साथ गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए; मंत्रालयों, राज्यों और लागू करने वाली एजेंसियों को आधुनिक तकनीक अपनानी चाहिए तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने व निगरानी मज़बूत करनी चाहिए।

डिजिटल कृषि मिशन के तहत एग्रीस्टैक की समीक्षा में कृषि डेटा से ज़्यादा फ़ायदा उठाने के लिए एआई जैसी नई डिजिटल तकनीकों के इस्तेमाल पर ज़ोर दिया गया—इनपुट प्लानिंग से प्रोसेसिंग तक मूल्य श्रृंखला में। एग्रीस्टैक बनाने में राज्यों और केंद्र की कोशिशों की तारीफ़ की गई और किसानों के बेहतर नतीजों हेतु इस्तेमाल मज़बूत करने का आह्वान किया गया।

डिजिटल अरेस्ट सहित साइबर धोखाधड़ी पर प्रशिक्षण, जागरूकता और शिक्षा से रोकथाम मज़बूत करने को कहा गया; खासकर बुज़ुर्गों, युवाओं और कमज़ोर वर्गों के लिए जागरूकता अभियान तथा जुड़े कर्मचारियों की नियमित ट्रेनिंग ज़रूरी बताई गई।