सार्वजनिक अनुभाग प्रीव्यू
मुख्य बिंदु
राजस्थान की ई-गवर्नेंस पहलों में जन आधार, ई-मित्र, राजस्थान संपर्क, जन सूचना पोर्टल, राज्य डेटा केंद्र, आरएसडब्ल्यूएएन, एसएसओ, ई-धरती और स्मार्ट सिटी कमांड केंद्र परीक्षा के सबसे ज़रूरी बिंदु हैं।
१. राजस्थान की ई-शासन शीर्ष संस्था
- सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग शीर्ष संस्था है
- राज्य डेटा केंद्र, आरएसडब्ल्यूएएन यानी राजस्थान राज्यव्यापी क्षेत्र नेटवर्क का प्रबंधन
- ई-मित्र कियोस्क नेटवर्क और समस्त डिजिटल नागरिक सेवाओं का प्रबंधन
२. जन आधार — राजस्थान की डिजिटल पहचान व्यवस्था
- राज्य की अनुमानित जनसंख्या का ९७ प्रतिशत से अधिक नामांकित, लगभग ७.५ करोड़ व्यक्ति और २.२ करोड़ परिवार
- १७५ से अधिक कल्याण योजनाएँ एकीकृत; ७८,३०० करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष लाभ अंतरण सुलभ
- १०-अंकीय परिवार पहचान संख्या जारी; सामान्य नियम में १८ वर्ष या अधिक आयु की महिला परिवार मुखिया, और ऐसी महिला न होने पर पात्र पुरुष या सबसे बड़ा सदस्य
३. ई-मित्र — नागरिक सेवा वितरण नेटवर्क
- राजस्थान में ८५,००० से अधिक ई-मित्र कियोस्क और सेवा बिंदु, कियोस्क-आधारित मॉडल
- ५०० से अधिक सरकार-से-नागरिक और व्यापार-से-नागरिक सेवाएँ
- सेवाओं में आधार, जन आधार अपडेट, निवास/जाति प्रमाण-पत्र, उपयोगिता बिल भुगतान, सामाजिक पेंशन आवेदन
४. राजस्थान संपर्क — शिकायत निवारण
- हेल्पलाइन १८१ — राज्य का एकीकृत शिकायत निवारण पोर्टल और कॉल सेंटर
- नागरिक ऑनलाइन पोर्टल, हेल्पलाइन, ई-मित्र और जन-सुनवाई से शिकायत दर्ज कर सकते हैं
- पहचान सत्यापन और आगे की कार्रवाई के लिए जन आधार तथा एसएसओ से जुड़ाव
५. जन सूचना पोर्टल — स्वप्रेरित पारदर्शिता
- २०१९ में जन सूचना पोर्टल पर लॉन्च
- ११७ विभागों और सैकड़ों सरकारी योजनाओं पर सरकार की ओर से पहले से सूचना सार्वजनिक करना
- लाभार्थी सूची, भुगतान रिकॉर्ड, खनन पट्टे सूचना का अधिकार आवेदन दिए बिना सार्वजनिक
- पारदर्शिता नवाचार के रूप में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और खुले शासन से जुड़ी चर्चाओं में उद्धृत
६. आरएसडब्ल्यूएएन — राज्य नेटवर्क रीढ़
- राज्य सचिवालय से जिला, उपखंड और ब्लॉक स्तर तक सरकारी कार्यालयों को जोड़ता है
- सरकारी इंट्रानेट, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, ई-ऑफिस, सुरक्षित डेटा ट्रांसमिशन
- कल्याण योजना प्रबंधन और जन आधार प्रमाणीकरण की रीढ़
७. राजस्थान आईटी नीति २०२२
- २०२७ तक आईटी/आईटीईएस क्षेत्र में २ लाख व्यक्तियों को रोजगार और २०,००० करोड़ रुपये आईटी निर्यात का लक्ष्य
- डिजिटल अवसंरचना निवेश लक्ष्य: १०,००० करोड़ रुपये
- लक्ष्य: २०२७ तक राजस्थान को शीर्ष-५ आईटी राज्य बनाना
- जयपुर, जोधपुर, उदयपुर में आईटी पार्क विकास द्वारा समर्थित
८. ई-धरती और डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम — भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण
- राजस्थान ने डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत भूमि अभिलेख डिजिटलीकृत किए
- ई-मित्र कियोस्क पर ऑनलाइन नकल यानी प्रमाणित प्रति और जमाबंदी यानी भूमि स्वामित्व अभिलेख उपलब्ध
- नियमित भूमि अभिलेख प्रश्नों के लिए किसानों की पटवारी पर निर्भरता कम
९. राज ई-साइन — इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर की सुविधा
- सरकारी दस्तावेजों पर कानूनी इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर की सुविधा
- नागरिक प्रमाण-पत्र, संपत्ति पंजीकरण, योजना लाभ वितरण
- सेवा वितरण में कागज-आधारित बाधाएँ कम
१०. मुख्यमंत्री डैशबोर्ड / राज दिशा
- राज दिशा = समग्र प्रशासन के लिए डिजिटल सूचना प्रणाली
- मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों को जिला-वार योजनाओं के प्रदर्शन का ताज़ा डेटा
- अवसंरचना निगरानी के लिए भौगोलिक सूचना प्रणाली मैपिंग
११. राजस्थान स्मार्ट सिटी — जयपुर एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र
- एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र एक ही स्थान से ७ शहरी सेवाओं की निगरानी
- सेवाओं में: यातायात, ठोस अपशिष्ट, जल, बिजली, मौसम, सीसीटीवी निगरानी, सार्वजनिक सुरक्षा
- भारत के उन्नत शहरी कमांड केंद्रों में गिना जाता है
१२. डिजीराज पहल — मोबाइल पर ही सेवाएँ
- जन आधार से जुड़ी सेवाएँ एकल मोबाइल व्यवस्था पर एकत्रित
- पेंशन स्थिति, राशन कार्ड स्थिति, छात्रवृत्ति आवेदन
- लक्ष्य यह कि नागरिकों को ज़्यादातर सेवाएँ मोबाइल पर ही मिल जाएँ
