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भूगोल

मुख्य बिंदु

राजस्थान की जनसांख्यिकीय विशेषताएँ, जनजातियाँ

पेपर II · इकाई 3 अनुभाग 1 / 14 PYQ-शैली 36 मिनट

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राजस्थान की जनसांख्यिकी को परीक्षा में याद रखने का सबसे सुरक्षित तरीका है: जनगणना २०११ के राज्य-औसत, जिलावार चरम मान और जनजातीय पट्टी को साथ-साथ पढ़ना।

२. दशकीय वृद्धि दर (२००१-२०११): २१.३% - राष्ट्रीय औसत १७.७% से अधिक।
४. लिंगानुपात: ९२८ महिलाएँ प्रति १,००० पुरुष (राष्ट्रीय: ९४३)। सर्वाधिक: डूंगरपुर (९९४), न्यूनतम: धौलपुर (८४६)।
५. साक्षरता दर: ६६.१% (पुरुष ७९.२%, महिला ५२.१%)। सर्वाधिक: कोटा (७६.६%), न्यूनतम: जालोर (५४.९%)।
६. नगरीय जनसंख्या: कुल का २४.९% (राष्ट्रीय: ३१.२%); सबसे बड़ा नगरीय संकेंद्रण: जयपुर (३०.६ लाख)।
८. मीना सबसे बड़ी जनजाति है (अनुसूचित जनजाति जनसंख्या का ५१%), भील दूसरी (३९.७%); दोनों मिलकर जनजातीय जनसंख्या का ९०% से अधिक बनाते हैं।
११. जनजातीय उप-योजना क्षेत्र में दक्षिणी राजस्थान के ५ समेकित जनजातीय विकास परियोजना क्षेत्र, ३२ तहसीलें और ३,८९२ राजस्व ग्राम शामिल हैं।
१३. बाल लिंगानुपात (०-६ वर्ष): ८८८ बालिकाएँ प्रति १,००० बालक - राष्ट्रीय औसत (९१९) से कम और एक प्रमुख लैंगिक चिंता।
१५. जनसांख्यिकीय लाभांश खिड़की: जनगणना २०११ के अनुसार राजस्थान की ६३% जनसंख्या १५-५९ कार्यशील आयु वर्ग में है, परंतु कौशल अंतराल के कारण आर्थिक रूपांतरण सीमित है।