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उदयपुर

अरावली की झीलों, मेवाड़ की विरासत और खनिज-आधारित उद्योगों का केंद्र।

अंतिम सत्यापन: 2026-05-06

उदयपुर जिला दक्षिणी राजस्थान में अरावली पर्वतमाला के बीच स्थित है और अपनी झील-परंपरा के लिए जाना जाता है। उदयपुर नगर की स्थापना महाराणा उदय सिंह ने 1559 में की थी और यह पूर्व मेवाड़ रियासत की राजधानी रहा। पर्यटन यहां की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है, जबकि खनिज, संगमरमर प्रसंस्करण, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक्स और हस्तशिल्प भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

जिला एक नज़र में

स्थितिउदयपुर जिला दक्षिणी राजस्थान में 23 डिग्री 50 मिनट से 25 डिग्री 05 मिनट उत्तरी अक्षांश और 73 डिग्री 05 मिनट से 74 डिग्री 40 मिनट पूर्वी देशांतर के बीच स्थित है।
क्षेत्रफल2024-25 की जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार उदयपुर जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 11,724 वर्ग किलोमीटर है।
जनसंख्याजनगणना 2011 में उदयपुर जिले की जनसंख्या 30.68 लाख दर्ज की गई।
लिंगानुपातजनगणना 2011 के अनुसार उदयपुर जिले में प्रति 1,000 पुरुषों पर 958 महिलाएं थीं।
साक्षरताजनगणना 2011 में उदयपुर जिले की साक्षरता दर 61.82 प्रतिशत थी।
ग्रामीण हिस्साजनगणना 2011 में उदयपुर जिला 80.2 प्रतिशत ग्रामीण और 19.8 प्रतिशत नगरीय दर्ज किया गया।
अनुसूचित जनजातिजनगणना 2011 के अनुसार उदयपुर जिले की आबादी में अनुसूचित जनजातियों की हिस्सेदारी 49.71 प्रतिशत थी।

जिला प्रशासन

वर्तमान पदाधिकारी — सार्वजनिक अभिलेखों से।

जिला मजिस्ट्रेट / कलक्टर

गौरव अग्रवाल

पुलिस अधीक्षक

अमृता दुहन

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट / अतिरिक्त कलक्टर

दीपेन्द्र सिंह राठौर

जिला एवं सत्र न्यायाधीश

ज्ञान प्रकाश गुप्ता

लोकसभा सांसद

मन्ना लाल रावत

उदयपुर लोकसभा क्षेत्र

भारतीय जनता पार्टी2024 से

विधायक

तारा चंद जैन

उदयपुर विधानसभा क्षेत्र

भारतीय जनता पार्टी2023 से

विधायक

फूल सिंह मीणा

उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र

भारतीय जनता पार्टी2023 से

इतिहास — प्राचीन → मध्यकालीन → आधुनिक

उदयपुर स्थापना

उदयपुर की स्थापना महाराणा उदयसिंह ने 1559 ईस्वी में की थी।

स्थापना कथा

उदयपुर की स्थापना-कथा में महाराणा उदयसिंह का पिछोला झील के ऊपर पहाड़ी पर एक साधु से मिलना जुड़ा है।

धूणी माता स्थल

धूणी माता का स्थान उदयपुर शहर की स्थापना से जोड़ा जाता है और आज यह पुराने सिटी पैलेस परिसर का हिस्सा माना जाता है।

मेवाड़ राजधानी

उदयपुर पूर्व मेवाड़ रियासत की राजधानी रहा।

आहड़ बसावट

2024 की जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार आहड़ नदी के किनारे लगभग 2000 ईसा पूर्व बसावट थी।

आरंभिक समुदाय

जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट आहड़ क्षेत्र के आरंभिक निवासियों को भील समुदायों और बाद की राजपूत बसावट से जोड़ती है।

मेवाड़ राज्य आधार

स्वतंत्र भारत में जिला गठन से पहले उदयपुर जिला पूर्व मेवाड़ या उदयपुर राज्य का भाग था।

1948 जिला गठन

1948 में गिरवा, खमनोर, राजनगर, भीम, मगरा, खेरवाड़ा और कुंभलगढ़ के हिस्सों से संयुक्त राजस्थान में उदयपुर जिले का गठन हुआ।

नई तहसीलें

1951-61 के दौरान उदयपुर जिले में नाथद्वारा और गोगुंदा नई तहसीलें बनाई गईं।

राजसमंद विभाजन

1991 में राजसमंद जिला बनाने के लिए उदयपुर जिले की सात तहसीलें अलग की गईं।

2008 तहसील विस्तार

2008 में ऋषभदेव और लसाड़िया उदयपुर की नई तहसीलें बनीं।

सलूंबर जिला गठन

2023 में सलूंबर, झल्लारा, सराड़ा, सेमारी और लसाड़िया तहसीलों को जोड़कर सलूंबर जिला अधिसूचित किया गया।

कला, संस्कृति, विरासत एवं पर्यटन

जगदीश मंदिर शैली

राजस्थान पर्यटन जगदीश मंदिर को 1651 में निर्मित इंडो-आर्य शैली का मंदिर बताता है।

विष्णु मंदिर संरक्षक

जगदीश मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है और इसका निर्माण महाराणा जगत सिंह प्रथम ने कराया था।

गणगौर घाट हवेली

बागोर की हवेली पिछोला झील के किनारे गणगौर घाट पर स्थित है।

मेवाड़ हवेली निर्माता

मेवाड़ के प्रधानमंत्री अमर चंद बड़वा ने 18वीं शताब्दी में बागोर की हवेली बनवाई थी।

हवेली कला दीर्घाएं

बागोर की हवेली में एक सौ से अधिक कमरे हैं, जिनमें वेशभूषा और आधुनिक कला से जुड़ी सामग्री प्रदर्शित है।

ग्रामीण शिल्प परिसर

शिल्पग्राम उदयपुर के पश्चिम में फतेह सागर झील के पास स्थित ग्रामीण कला और शिल्प परिसर है।

अरावली शिल्प परिसर

राजस्थान पर्यटन के अनुसार शिल्पग्राम 70 एकड़ में फैला है और उसके चारों ओर अरावली पहाड़ियां हैं।

जीवंत लोक संग्रहालय

शिल्पग्राम को पश्चिमी अंचल की लोक और जनजातीय जीवनशैली के जीवंत संग्रहालय के रूप में विकसित किया गया था।

प्राचीन नागदा अवशेष

उदयपुर से लगभग 22 किलोमीटर दूर नागदा में 6वीं शताब्दी ईस्वी के अवशेष मिलते हैं।

सहस्रबाहु मंदिर परिसर

नागदा का सहस्रबाहु मंदिर परिसर 9वीं से 10वीं शताब्दी ईस्वी का माना जाता है।

ऋषभदेव जैन मंदिर

ऋषभदेव जी 15वीं शताब्दी का जैन मंदिर है, जो ऋषभदेवजी को समर्पित है।

मेवाड़ वसंत उत्सव

उदयपुर में मेवाड़ उत्सव वसंत ऋतु के आगमन के स्वागत में मनाया जाता है।

भूगोल, जलवायु एवं पारिस्थितिकी

अरावली परिवेश

उदयपुर शहर राजस्थान की अरावली पर्वतमाला के बीच बसा है।

अरावली अवरोध

उदयपुर के आसपास की अरावली पर्वतमाला इस क्षेत्र को थार मरुस्थल से अलग करती है।

झीलों की नगरी

झीलों के सघन तंत्र के कारण उदयपुर को झीलों की नगरी कहा जाता है।

प्रमुख शहरी झीलें

जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट में उदयपुर की प्रमुख झीलों के रूप में फतेह सागर, पिछोला, स्वरूप सागर, रंगसागर और दूध तलाई का उल्लेख है।

झील प्रणाली

उदयपुर की झील प्रणाली में पिछोला, रंग सागर, स्वरूप सागर, फतेह सागर, बड़ी, मदार और उदय सागर शामिल हैं।

घाटी झील श्रृंखला

जिला पर्यावरण योजना के अनुसार उदयपुर की झीलें तश्तरीनुमा घाटी में एक श्रृंखला बनाती हैं।

जल आपूर्ति स्रोत

उदयपुर में पेयजल और उपयोगी जल की व्यवस्था झीलों, बावड़ियों, नलकूपों, कुओं तथा भूमिगत स्रोतों पर आधारित है।

पिछोला द्वीप

पिछोला झील के भीतर जगनिवास और जगमंदिर जैसे द्वीप स्थित हैं।

फतहसागर नहर संपर्क

फतहसागर झील पिछोला झील के उत्तर में है और नहर के माध्यम से उससे जुड़ी हुई है।

बेड़च बांध झील

उदयसागर झील बेड़च नदी पर बने बांध से बनी जलराशि है।

जयसमंद वैकल्पिक नाम

जयसमंद झील को ढेबर झील के नाम से भी जाना जाता है।

वन क्षेत्र

वर्ष 2024 की जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार उदयपुर जिले में लगभग 2.98 लाख हेक्टेयर वन क्षेत्र है।

अर्थव्यवस्था — क्षेत्र, उद्योग, ऊर्जा

पर्यटन अर्थव्यवस्था

जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट उदयपुर की अर्थव्यवस्था में पर्यटन को प्रमुख आधार बताती है।

औद्योगिक विविधता

खनिज, संगमरमर प्रसंस्करण, रसायन निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्माण और हस्तशिल्प भी उदयपुर की अर्थव्यवस्था में योगदान देते हैं।

खनिज संसाधन

जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट में उदयपुर जिले में पाए जाने वाले खनिजों में सीसा, जस्ता, चांदी, रॉक फॉस्फेट, बैराइट, फ्लोराइट, ग्रेनाइट, संगमरमर, चिनाई पत्थर, सोपस्टोन, रायोलाइट, पाइरोफिलाइट और बजरी का उल्लेख है।

औद्योगिक सामर्थ्य

औद्योगिक संभाव्यता सर्वेक्षण के अनुसार खनिज संसाधनों और परिवहन सुविधा के कारण उदयपुर राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक जिलों में गिना जाता है।

औद्योगिक इकाइयां

31 मार्च 2018 तक उदयपुर जिले में 49 बड़े और मध्यम स्तर के औद्योगिक उपक्रम दर्ज थे।

औद्योगिक क्षेत्र

राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम ने 2018 तक उदयपुर जिले में 11 औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए थे।

जस्ता उद्योग

देबारी स्थित हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड को औद्योगिक संभाव्यता सर्वेक्षण में उदयपुर जिले के बड़े उद्योगों में सूचीबद्ध किया गया है।

इलेक्ट्रॉनिक उद्योग

प्रतापनगर स्थित सिक्योर मीटर्स लिमिटेड भी उदयपुर जिले के बड़े उद्योगों में सूचीबद्ध है।

खरीफ फसलें

उदयपुर जिले की मुख्य खरीफ फसलों में मक्का, धान, तूर, मूंग, उड़द, कपास और गन्ना शामिल हैं।

रबी फसलें

उदयपुर जिले की मुख्य रबी फसलों में जौ, गेहूं, चना और सरसों शामिल हैं।

राजनीतिक एवं प्रशासनिक संरचना

जिला कलेक्टर

राजस्व, कानून-व्यवस्था और जिला प्रशासन से जुड़े मामलों में उदयपुर जिले के प्रमुख अधिकारी जिला कलेक्टर होते हैं।

उपखंड संख्या

2024 की जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार उदयपुर जिले में 10 उपखंड हैं।

उपखंड अधिकारी

उदयपुर के प्रत्येक उपखंड का प्रशासन उपखंड अधिकारी या मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में चलता है।

तहसील मुख्यालय

2024 की जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट उदयपुर जिले में 11 तहसील मुख्यालय दर्ज करती है।

पंचायत समितियां

पंचायती राज व्यवस्था के क्रियान्वयन के लिए उदयपुर जिला 14 पंचायत समितियों में विभाजित है।

विधानसभा क्षेत्र

2024 की जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट जिला प्रोफाइल में गोगुंदा, झाड़ोल, खेरवाड़ा, मावली, उदयपुर, उदयपुर ग्रामीण और वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्रों को सूचीबद्ध करती है।

लोकसभा चुनाव

2024 के लोकसभा चुनाव के प्रपत्र 21ई में 19-उदयपुर अनुसूचित जनजाति संसदीय क्षेत्र से मन्ना लाल रावत निर्वाचित घोषित किए गए।

शासन पहल एवं योजनाएँ (2025-26)

स्मार्ट सिटी संस्था

उदयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड स्मार्ट सिटीज मिशन के तहत गठित विशेष प्रयोजन कंपनी है।

कंपनी गठन

उदयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड का गठन 2016 में हुआ था।

शहरी प्राथमिकताएं

उदयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में विरासत संरक्षण, एकीकृत अवसंरचना, गतिशीलता, जलापूर्ति, सीवरेज और ठोस कचरा प्रबंधन को रखता है।

झील संरक्षण

भारत सरकार की राष्ट्रीय झील संरक्षण योजना के पुनरुद्धार प्रोजेक्ट में उदयपुर की पांच प्रमुख झीलें शामिल की गई थीं।

वायु प्रदूषण योजना

जिला पर्यावरण योजना वायु प्रदूषण प्रबंधन के लिए उदयपुर को गैर-प्राप्ति शहर के रूप में चिह्नित करती है।

वायु गुणवत्ता निगरानी

उदयपुर में कोर्ट सर्किल पर जुलाई 2017 में स्थापित निरंतर परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र है।

PYQ एक-पंक्ति (RAS / RPSC / RSSB)

किसी भी परीक्षा उपयोग से पहले सटीक विकल्पों की जाँच आधिकारिक RPSC / RSSB प्रश्न पत्रों से करें।

उदयपुर के PYQ एक-पंक्ति तथ्य शीघ्र उपलब्ध होंगे।

स्वयं को परखें — 10 प्रश्न

ऊपर के जिला संदर्भ से क्विक सेल्फ़-टेस्ट। द्विभाषी, लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

प्रश्न 1 / 10

1559 ईस्वी में उदयपुर की स्थापना किसने की थी?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उदयपुर को झीलों का शहर क्यों कहा जाता है?

उदयपुर को झीलों का शहर इसलिए कहा जाता है क्योंकि शहर के चारों ओर सात झीलें हैं।

उदयपुर दिल्ली से कितनी दूरी पर है?

जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार उदयपुर दिल्ली से लगभग 660 किलोमीटर दूर है।

उदयपुर के लिए कौन-सा हवाई अड्डा है?

उदयपुर के लिए महाराणा प्रताप हवाई अड्डा है, जो शहर से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित है।

जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट में उदयपुर के किन रेलवे स्टेशनों का उल्लेख है?

जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट में उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन और राणा प्रताप नगर रेलवे स्टेशन का उल्लेख है।

उदयपुर किन परिवहन साधनों से जुड़ा है?

उदयपुर सड़क, रेल और हवाई परिवहन सुविधाओं से जुड़ा हुआ है।