मुख्य सामग्री पर जाएँ

अपना जिला जानें

सलूंबर

जयसमंद, अनुसूचित जनजाति राजनीति और ग्रामीण मेवाड़ की अर्थव्यवस्था वाला नया जिला

अंतिम सत्यापन: 2026-05-06

सलूंबर दक्षिणी राजस्थान का नया जिला है, जिसका गठन 7 अगस्त 2023 को सलूंबर, झल्लारा, सराड़ा, सेमारी और लसाड़िया तहसीलों से हुआ। परीक्षा की दृष्टि से इसकी पहचान पुराने मेवाड़ ठिकाना इतिहास, जयसमंद झील और जयसमंद वन्यजीव अभयारण्य से जुड़ती है। वर्तमान प्रशासन और राजनीति में सलूंबर अनुसूचित जनजाति विधानसभा क्षेत्र तथा उदयपुर अनुसूचित जनजाति संसदीय क्षेत्र इसके मुख्य संदर्भ हैं।

जिला एक नज़र में

स्थापना7 अगस्त 2023
गठन में शामिल तहसीलेंसलूंबर, झल्लारा, सराड़ा, सेमारी और लसाड़िया
उपखंडसराड़ा, सेमारी, लसाड़िया और सलूंबर
तहसीलेंसराड़ा, सेमारी, लसाड़िया, सलूंबर और झल्लारा
मुख्य विधानसभा सीटविधानसभा क्षेत्र 156, सलूंबर अनुसूचित जनजाति
पुरानी सलूंबर तहसील का क्षेत्रफल2011 की जनगणना में 840.47 वर्ग किलोमीटर
पुरानी सलूंबर तहसील की जनसंख्या2011 की जनगणना में 2,31,912 व्यक्ति

जिला प्रशासन

वर्तमान पदाधिकारी — सार्वजनिक अभिलेखों से।

जिला मजिस्ट्रेट / कलक्टर

मुहम्मद जुनैद पी.पी.

सलूंबर जिला

पुलिस अधीक्षक

विशनाराम बिश्नोई

सलूंबर जिला

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट

दिनेश राय सपेला

सलूंबर जिला

जिला एवं सत्र न्यायाधीश

रामेश्वर प्रसाद चौधरी

सलूंबर न्यायक्षेत्र

2025 से

लोकसभा सांसद

मन्ना लाल रावत

उदयपुर (अनुसूचित जनजाति) लोकसभा क्षेत्र

भारतीय जनता पार्टी2024 से

विधानसभा सदस्य

शांता अमृतलाल मीणा

सलूंबर (अनुसूचित जनजाति) विधानसभा क्षेत्र

भारतीय जनता पार्टी2024 से

इतिहास — प्राचीन → मध्यकालीन → आधुनिक

आहड़ बसावट

विस्तृत उदयपुर-मेवाड़ क्षेत्र में आहड़ नदी के किनारे करीब 2000 ईसा पूर्व से बसावट के संकेत मिलते हैं।

भील मूलवासी

जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट आहड़-उदयपुर क्षेत्र में भीलों को मूल निवासी बताती है, जिनकी यहां आज भी बड़ी आबादी रहती है।

मेवाड़ रियासत

स्वतंत्र भारत में उदयपुर जिला बनने से पहले यह क्षेत्र पूर्व मेवाड़ या उदयपुर रियासत का हिस्सा था।

उदयपुर जिला गठन

1948 में संयुक्त राजस्थान राज्य बनने पर सलूंबर ठिकाने को अन्य क्षेत्रों के साथ मिलाकर उदयपुर जिला बनाया गया।

नया जिला गठन

2024 की जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार सलूंबर 2023 में पांच तहसीलों के साथ नया जिला बना।

गजट अधिसूचना

भारतीय रिजर्व बैंक ने सलूंबर सहित नए जिलों के लिए 5 अगस्त 2023 की राजस्थान गजट अधिसूचनाएं दर्ज कीं, जो 7 अगस्त 2023 से प्रभावी हुईं।

सलूंबर ठिकाना नगर

सलूंबर ठिकाने के विवरण में इसे उदयपुर के दक्षिण-पूर्व का प्रमुख नगर बताया गया है।

रावत जागीर

सलूंबर कुंवर खंडाल सिंह की जागीर रहा, जिन्हें रावत की उपाधि प्राप्त थी।

मेवाड़ उमराव स्थान

मेवाड़ के प्रथम सोलह उमरावों में सलूंबर के रावत को सरदारों में पहला स्थान प्राप्त था।

चूंडावत राजधानी

बाद के दौर में सलूंबर चूंडावत वंश की राजधानी बना।

चूंडा उत्तराधिकार

सलूंबर के पहले रावत साहब रावत चूंडा सिंह मेवाड़ के महाराणा लाखा के ज्येष्ठ पुत्र और उत्तराधिकारी थे।

गद्दी त्याग

रावत चूंडा सिंह ने मेवाड़ की गद्दी पर अपना दावा छोटे भाई के पक्ष में छोड़ दिया।

राजकीय दस्तावेज अधिकार

सलूंबर के रावतों को महाराणा की ओर से महत्वपूर्ण राजकीय दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का अधिकार था।

खानवा मृत्यु

सलूंबर के तीसरे रावत, रावत रतन सिंह प्रथम, 17 मार्च 1527 को खानवा में मारे गए।

कला, संस्कृति, विरासत एवं पर्यटन

जयसमंद निर्माता

जयसमंद झील, जिसे जयसमुद्र भी कहा जाता है, उदयपुर के महाराणा जय सिंह ने बनवाई थी।

झील आयाम

जयसमंद झील की लंबाई करीब 14 किलोमीटर और चौड़ाई करीब 9 किलोमीटर दर्ज है।

झील परिधि

जयसमंद झील की परिधि लगभग 88 किलोमीटर मानी गई है।

मेवाड़ शिकारगाह

जयसमंद अभयारण्य में शामिल वन कभी मेवाड़ के पूर्व महाराणाओं का शिकारगाह क्षेत्र रहे थे।

अभयारण्य महल

हवा महल और रूठी रानी महल जयसमंद अभयारण्य की सीमा के भीतर स्थित दो प्रमुख महल हैं।

महल शिल्प

जयसमंद प्रबंधन योजना इन अभयारण्य महलों को ऐतिहासिक स्मारक और कला-शिल्प के उदाहरण के रूप में दर्ज करती है।

भवानी कुंड

भवानी कुंड सलूंबर में दिगंबर जैन मंदिर के पास दर्ज विरासत स्थल है।

विरासत बुर्ज

सलूंबर में दिगंबर जैन मंदिर के पास एक विरासत बुर्ज का अभिलेखीकरण किया गया है।

विद्यालय विरासत

सलूंबर का राजकीय बालिका उच्च विद्यालय पुरातात्विक और विरासत स्थल के दस्तावेजी प्रारूप में दर्ज है।

अरुणी मंदिर

अरुणी कक्षा मंदिर सलूंबर के माहेश्वरी समाज क्षेत्र में दर्ज है।

पाल दरवाजा कुआं

सलूंबर में पाल दरवाजा के पास स्थित एक विरासत कुआं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के दस्तावेजों में दर्ज है।

भूगोल, जलवायु एवं पारिस्थितिकी

दक्षिणी जिला सीमा

वर्तमान उदयपुर जिले की दक्षिणी सीमा डूंगरपुर, सलूंबर और बांसवाड़ा जिलों से लगती है।

दक्षिणी राजस्थान स्थिति

उदयपुर जिला सर्वेक्षण प्रतिवेदन व्यापक मूल जिले को दक्षिणी राजस्थान में स्थित बताता है।

अभयारण्य राजस्व सीमा

जयसमंद वन्यजीव अभयारण्य सलूंबर जिले की राजस्व सीमाओं के भीतर आता है।

अरावली पर्वतीय स्थिति

जयसमंद अभयारण्य अरावली पर्वतमाला में स्थित है।

अभयारण्य निर्देशांक

जयसमंद अभयारण्य 73°50′ से 73°59′ पूर्वी देशांतर और 24°13′ से 24°19′ उत्तरी अक्षांश के बीच स्थित है।

अभयारण्य क्षेत्रफल

जयसमंद अभयारण्य का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 52.342 वर्ग किलोमीटर है।

झील पूर्वी सीमा

जयसमंद झील जयसमंद अभयारण्य की पूर्वी सीमा बनाती है।

ग्राम सीमा रेखाएं

जयसमंद अभयारण्य की पश्चिमी, उत्तरी और दक्षिणी सीमाएं पीलादर, जूनि झर और चांदाजी का गुड़ा गांवों की सीमाओं से तय होती हैं।

झील जलग्रहण क्षेत्र

अभयारण्य क्षेत्र जयसमंद झील का जलग्रहण क्षेत्र भी है।

झील विस्तृत क्षेत्र

जयसमंद झील लगभग 80 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली है।

पेयजल स्रोत

जयसमंद झील उदयपुर शहर और सलूंबर को पेयजल उपलब्ध कराती है।

अनियमित वर्षा वितरण

जयसमंद अभयारण्य क्षेत्र में वर्षा अनियमित और असमान रूप से वितरित बताई गई है।

बारंबार सूखा संकट

जयसमंद अभयारण्य क्षेत्र में समय-समय पर और बार-बार सूखे की स्थिति देखी जाती है।

उप आर्द्र जलवायु

उदयपुर जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट मूल जिले की जलवायु को उप-आर्द्र बताती है, जिसमें तीन अलग-अलग ऋतुएं मिलती हैं।

मानसूनी वर्षा अवधि

मूल उदयपुर जिले में सालाना वर्षा का अधिकतर भाग जून के अंत से सितंबर तक मानसून के दौरान मिलता है।

अर्थव्यवस्था — क्षेत्र, उद्योग, ऊर्जा

कृषि मुख्य आधार

मूल उदयपुर जिले में लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि बताया गया है।

कृषि आजीविका

जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार मूल उदयपुर जिले में सबसे अधिक लोगों की आजीविका कृषि से जुड़ी है।

खरीफ फसलें

मूल जिले की प्रमुख खरीफ फसलों में मक्का, धान, तुअर, मूंग, उड़द, कपास और गन्ना शामिल हैं।

रबी फसलें

मूल जिले की प्रमुख रबी फसलों में जौ, गेहूं, चना और सरसों शामिल हैं।

जायद सब्जियां

मूल जिले में तीसरी फसल के रूप में जायद सब्जियां भी उगाई जाती हैं।

खेती पशुपालन

जयसमंद वन्यजीव अभयारण्य के आसपास खेती और पशुपालन प्रमुख उत्पादन-आधारित आजीविकाएं हैं।

छोटे खेत

जयसमंद अभयारण्य क्षेत्र के आसपास अधिकतर परिवार छोटे खेतों पर खेती करते हैं।

अभयारण्य फसलें

जयसमंद अभयारण्य के आसपास मक्का, गेहूं और दलहन जैसी फसलें सामान्य रूप से उगाई जाती हैं।

बकरी भेड़ पालन

जयसमंद अभयारण्य क्षेत्र में पशुपालन में बकरी और भेड़ पालन भी शामिल है।

खनिज संपदा

जिस उदयपुर जिले से सलूंबर बना, वह सीसा, जस्ता और चांदी सहित खनिज संसाधनों में विशेष रूप से समृद्ध है।

औद्योगिक खनिज

उदयपुर क्षेत्र के औद्योगिक खनिजों में रॉक फॉस्फेट, एस्बेस्टस, कैल्साइट, चूना पत्थर, बैराइट्स, पन्ना और संगमरमर शामिल हैं।

राजनीतिक एवं प्रशासनिक संरचना

सलूंबर विधानसभा सीट

सलूंबर जिले का बड़ा हिस्सा विधानसभा क्षेत्र 156 सलूंबर अनुसूचित जनजाति के अंतर्गत आता है।

धरियावद विधानसभा क्षेत्र

सलूंबर जिले का कुछ भाग विधानसभा क्षेत्र 157 धरियावद अनुसूचित जनजाति में भी आता है।

आरक्षित सीट श्रेणी

2024 के उपचुनाव सूचकांक कार्ड में विधानसभा क्षेत्र 156 को सलूंबर और इसकी श्रेणी को अनुसूचित जनजाति बताया गया है।

उपचुनाव मुकाबला

2024 के सलूंबर विधानसभा उपचुनाव में 6 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे।

शांता मीणा मत

2024 के सलूंबर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी की शांता अमृत लाल मीणा को 84,428 कुल वैध मत मिले।

जितेश कटारा मत

2024 के सलूंबर विधानसभा उपचुनाव में भारत आदिवासी पार्टी के जितेश कुमार कटारा को 83,143 कुल वैध मत मिले।

कुल मतदाता आधार

2024 के सलूंबर विधानसभा उपचुनाव में कुल मतदाताओं की संख्या 2,98,002 थी।

उदयपुर सांसद परिणाम

19-उदयपुर अनुसूचित जनजाति संसदीय क्षेत्र से 2024 में भारतीय जनता पार्टी के मन्ना लाल रावत 7,38,286 मतों के साथ निर्वाचित हुए।

उपविजेता मत

19-उदयपुर अनुसूचित जनजाति संसदीय क्षेत्र में 2024 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के ताराचंद मीणा को 4,76,678 मत मिले।

शासन पहल एवं योजनाएँ (2025-26)

अग्रणी बैंक जिम्मेदारी

भारतीय रिजर्व बैंक ने नवगठित सलूंबर जिले के लिए अग्रणी बैंक की जिम्मेदारी ICICI बैंक को दी और जिले का कार्य कोड 02K रखा।

बिजली उपकेंद्र योजना

राजस्थान संशोधित बजट 2024-25 में बिजली कार्यों के प्रथम चरण में सलूंबर में 220 केवी जीएसएस के निर्माण को शामिल किया गया।

बाइपास संपर्क राशि

राजस्थान संशोधित बजट 2024-25 में देवगांव होकर एनएच 32 से एनएच 53 तक सलूंबर बाइपास लिंक के लिए 10 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए।

सड़क संपर्क राशि

राजस्थान संशोधित बजट 2024-25 में सेमारी और सराड़ा को सलूंबर से जोड़ने वाली सड़क के लिए 25 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए।

अस्पताल भवन योजना

राजस्थान संशोधित बजट 2024-25 में 300 करोड़ रुपये के प्रावधान के तहत चरणबद्ध भवन निर्माण वाले जिला अस्पतालों में सलूंबर को भी शामिल किया गया।

एनीकट नवीनीकरण कार्य

राजस्थान संशोधित बजट 2024-25 में गोमती नदी पर मुलेश्वर महादेव-सलूंबर स्थित एनीकट के निर्माण, मरम्मत और नवीनीकरण को सूचीबद्ध किया गया।

जल अंतरण रिपोर्ट

राजस्थान संशोधित बजट 2024-25 में जाखम नदी और माही बेसिन के बांधों का अतिरिक्त पानी जयसमंद बांध तक लाने की परियोजना रिपोर्ट के लिए 30 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए।

PYQ एक-पंक्ति (RAS / RPSC / RSSB)

किसी भी परीक्षा उपयोग से पहले सटीक विकल्पों की जाँच आधिकारिक RPSC / RSSB प्रश्न पत्रों से करें।

सलूंबर के PYQ एक-पंक्ति तथ्य शीघ्र उपलब्ध होंगे।

स्वयं को परखें — 10 प्रश्न

ऊपर के जिला संदर्भ से क्विक सेल्फ़-टेस्ट। द्विभाषी, लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

प्रश्न 1 / 8

सलूंबर जिला पोर्टल के अनुसार सलूंबर जिला किस तारीख को स्थापित हुआ?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सलूंबर जिला कब स्थापित हुआ?

सलूंबर जिला 7 अगस्त 2023 को स्थापित हुआ।

सलूंबर जिले का गठन किन तहसीलों से हुआ?

सूचीबद्ध तहसीलें सलूंबर, झल्लारा, सराड़ा, सेमारी और लसाड़िया हैं।

सलूंबर जिले का अधिकतर भाग किस विधानसभा सीट में आता है?

जिले का अधिकतर भाग विधानसभा क्षेत्र 156, सलूंबर अनुसूचित जनजाति, में आता है।

सलूंबर किस संसदीय क्षेत्र से जुड़ा है?

वर्तमान चुनाव अभिलेखों में सलूंबर उदयपुर अनुसूचित जनजाति संसदीय क्षेत्र से जुड़ा है।

सलूंबर के पास प्रमुख संरक्षित क्षेत्र कौन सा है?

जयसमंद वन्यजीव अभयारण्य सलूंबर जिले की राजस्व सीमाओं में आता है।

पुरानी सलूंबर तहसील की 2011 की जनसंख्या कितनी थी?

2011 की जनगणना में 2,31,912 व्यक्ति दर्ज किए गए।