जिला मजिस्ट्रेट / कलक्टर
अरुण कुमार हसीजा
राजसमंद जिला
अपना जिला जानें
उदयपुर संभाग का संगमरमर, कुंभलगढ़ और राजसमंद झील वाला जिला
राजसमंद जिला 10 अप्रैल 1991 को उदयपुर जिले से अलग होकर बना। इसका नाम कांकड़ोली के पास गोमती नदी पर महाराणा राज सिंह द्वारा बनवाई गई राजसमंद झील से जुड़ा है। परीक्षा की दृष्टि से कुंभलगढ़ दुर्ग, हल्दीघाटी, संगमरमर उत्पादन और बनास नदी का जलग्रहण क्षेत्र इसकी प्रमुख पहचान हैं।
| क्षेत्रफल | 2011 की जिला जनगणना पुस्तिका में 4,655.00 वर्ग किलोमीटर |
|---|---|
| जनसंख्या | 2011 की जनगणना में 11,56,597 व्यक्ति |
| मुख्यालय | राजसमंद शहर |
| जनसंख्या घनत्व | 2011 की जनगणना में 248 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर |
| साक्षरता दर | 2011 की जनगणना में 63.14 प्रतिशत |
| लिंगानुपात | 2011 की जनगणना में प्रति 1,000 पुरुषों पर 990 महिलाएं |
वर्तमान पदाधिकारी — सार्वजनिक अभिलेखों से।
जिला मजिस्ट्रेट / कलक्टर
अरुण कुमार हसीजा
राजसमंद जिला
पुलिस अधीक्षक
हेमंत कलाल
राजसमंद जिला
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट
नरेश बुनकर
राजसमंद जिला
जिला एवं सत्र न्यायाधीश
श्रीमती अलका शर्मा
राजसमंद न्यायक्षेत्र
लोकसभा सांसद
महिमा कुमारी मेवाड़
राजसमंद लोकसभा क्षेत्र
भारतीय जनता पार्टी2024 से
विधायक
श्रीमती दीप्ति किरण माहेश्वरी
राजसमंद विधानसभा क्षेत्र
भारतीय जनता पार्टी
मध्यमिका शिवि जनपद
राजसमंद क्षेत्र मध्यमिका के पास स्थित था और बाद में मालवा प्रभाव में आने से पहले शिबि या शिवि जनपद का हिस्सा माना जाता है।
मौर्य शासन अभिलेख
चित्तौड़ से मिले अभिलेख बताते हैं कि यह क्षेत्र आठवीं शताब्दी ईस्वी तक मौर्य शासक के अधीन रहा।
पुरानी प्रशासनिक इकाइयां
1940 से पहले वर्तमान राजसमंद का इलाका खमनोर, भीम और कुंभलगढ़ जिलों तथा नाथद्वारा, कांकरोली, आमेट, सरदारगढ़ और देवगढ़ ठिकानों में बंटा था।
कुंभा स्वर्णकाल
जिला जनगणना पुस्तिका महाराणा कुंभा के काल को मेवाड़ का स्वर्णकाल मानती है और कुंभलगढ़ सहित कई दुर्गों के निर्माण का श्रेय उन्हें देती है।
राजसमंद झील उद्गम
राजसमंद झील राणा राज सिंह के समय कांकरोली के पास गोमती नदी का पानी रोककर बनाई गई, और जिले का नाम इसी झील से निकला।
जिला गठन तिथि
राजसमंद जिला पूर्व उदयपुर जिले से अलग कर 10 अप्रैल 1991 को गठित किया गया।
सात तहसील हस्तांतरण
राजसमंद जिले के गठन में उदयपुर जिले की भीम, देवगढ़, आमेट, कुंभलगढ़, राजसमंद, नाथद्वारा और रेलमगरा तहसीलें शामिल की गईं।
मेवाड़ विलय चरण
1948 में मेवाड़ महाराणा के संयुक्त राजस्थान राज्य में विलय स्वीकार करने के बाद राजसमंद क्षेत्र राजस्थान के उदयपुर जिले का हिस्सा बना।
रकमगढ़ स्वतंत्रता संघर्ष
1857 के स्वतंत्रता संग्राम में रकमगढ़ का छापर तात्या टोपे और ब्रिटिश सेना के संघर्ष से जुड़ा स्थान माना जाता है।
तात्या टोपे मार्ग
जिला जनगणना पुस्तिका के अनुसार तात्या टोपे और राव साहब 1858 में मेवाड़ आए और उन्हें कांकरोली तथा नाथद्वारा में रसद मिली।
मेवाड़ प्रजामंडल भूमिका
राजसमंद के स्वतंत्रता संग्राम में मेवाड़ प्रजामंडल की भूमिका रही, जिसमें नाथद्वारा, कांकरोली, कुंभलगढ़, देवगढ़, आमेट और मोही खास केंद्र रहे।
हल्दीघाटी युद्ध स्थल
हल्दीघाटी 1576 में महाराणा प्रताप और सम्राट अकबर की सेना के बीच हुए प्रसिद्ध युद्ध का स्थल है।
संगमरमर पहचान
राजसमंद को राजस्थान की संगमरमर भूमि के रूप में भी पहचाना जाता है।
धरोहर परिपथ
राजसमंद के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में कुंभलगढ़ दुर्ग, हल्दीघाटी, द्वारिकाधीश, चारभुजा और शिव मंदिर शामिल हैं।
कुंभलगढ़ विरासत
कुंभलगढ़ दुर्ग राणा कुंभा ने 15वीं शताब्दी ईस्वी में बनवाया; इसे महाराणा प्रताप की जन्मस्थली भी बताया जाता है।
दुर्ग परकोटा
कुंभलगढ़ दुर्ग की विशाल परकोटा-दीवार करीब 36 किलोमीटर तक फैली है और इतनी चौड़ी है कि आठ घोड़े साथ-साथ चल सकें।
नीलकंठ मंदिर
कुंभलगढ़ दुर्ग का नीलकंठ महादेव मंदिर 1458 ईस्वी में बना था और इसमें छह फुट ऊंचा पत्थर का शिवलिंग है।
राजकीय झील
राजसमंद झील महाराणा राज सिंह प्रथम के समय 1662 से 1676 ईस्वी के बीच गोमती, केलवा और ताली नदियों पर बांध बनाकर तैयार की गई।
नौचौकी तटबंध
राजसमंद झील के कांकरोली छोर पर नौचौकी बांध सफेद पत्थर से बना 183 मीटर लंबा और 12 मीटर ऊंचा तटबंध है।
पुष्टिमार्ग पीठ
कांकरोली का द्वारिकाधीश मंदिर राजस्थान पर्यटन के अनुसार वैष्णव धर्म या पुष्टिमार्ग की तीसरी पीठ माना जाता है।
श्रीनाथजी नाथद्वारा
मेवाड़ के महाराणा राज सिंह ने शरण दी, जिसके बाद 1672 में श्रीनाथजी को नाथद्वारा के नए मंदिर में विराजित किया गया।
पीला दर्रा
हल्दीघाटी की मिट्टी का पीला रंग ही इस दर्रे के नाम का आधार माना जाता है।
चारभुजा मेला
चारभुजा मंदिर विष्णु का मंदिर है, जिसका निर्माण 1444 ईस्वी में हुआ और जहां भाद्रपद एकादशी, यानी जलझूलनी एकादशी, पर वार्षिक मेला लगता है।
मोलेला टेराकोटा
राजसमंद की औद्योगिक प्रोफाइल मोलेला के टेराकोटा को सूक्ष्म और लघु उद्यम समूह के रूप में दर्ज करती है, जिसमें 40 इकाइयां और 250 लोगों का रोजगार बताया गया है।
राजमार्ग स्थिति
राजसमंद राष्ट्रीय राजमार्ग 8 पर उदयपुर से लगभग 67 किलोमीटर उत्तर और जयपुर से लगभग 352 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है।
अक्षांश देशांतर
राजसमंद 24 डिग्री 46 मिनट से 26 डिग्री 01 मिनट उत्तरी अक्षांश और 73 डिग्री 28 मिनट से 74 डिग्री 18 मिनट पूर्वी देशांतर के बीच फैला है।
जिला सीमाएं
राजसमंद के उत्तर में अजमेर, पश्चिम में पाली, दक्षिण में उदयपुर और पूर्व में भीलवाड़ा स्थित हैं।
पड़ोसी जिले
जिला पर्यावरण योजना राजसमंद के चारों ओर उत्तर में अजमेर और पाली, दक्षिण में उदयपुर, पूर्व में भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ तथा पश्चिम में पाली का उल्लेख करती है।
अरावली ऊंचाई
जिला उत्तर से पूर्व दिशा तक अरावली पर्वतमाला से घिरा है और इसकी औसत ऊंचाई 547 मीटर बताई गई है।
भूभाग अंतर
राजसमंद का उत्तरी भाग ऊंचा है, जबकि पूर्वी भाग में चौड़े और उपजाऊ मैदान मिलते हैं।
पहाड़ी वन पट्टी
राजसमंद का दक्षिणी भाग चट्टानी, पहाड़ी और वनाच्छादित है, जबकि मेवाड़ की पश्चिमी पहाड़ी पट्टी भीम तहसील से कुंभलगढ़ तक अरावली श्रेणी से बनती है।
बनास जलग्रहण
राजसमंद जिला बनास नदी और उसकी खारी, चंद्रभागा, गोमती, कोठारी और आहड़ जैसी सहायक नदियों के जलग्रहण क्षेत्र में आता है।
मौसमी धाराएं
राजसमंद में बनास की सहायक नदियां मौसमी हैं और तेज वर्षा होने पर ही इनमें प्रवाह बनता है।
शुष्क जलवायु
राजसमंद की जलवायु उपोष्ण शुष्क प्रकृति की है, जिसमें गर्म ग्रीष्म, ठंडी सर्दी और वर्षा वाला मानसून स्पष्ट दिखता है।
मानसूनी वर्षा
राजसमंद जिले की औसत वर्षा 567.8 मिमी है और सालाना वर्षा का लगभग 92 प्रतिशत हिस्सा जून से सितंबर के बीच मिलता है।
कुंभलगढ़ अभयारण्य
कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य कुंभलगढ़ किले को घेरे हुए है और अरावली श्रेणी के हिस्सों में फैला है।
कृषि अर्थव्यवस्था
जिला जनगणना पुस्तिका के अनुसार राजसमंद की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है, क्योंकि 57.1 प्रतिशत कामगार कृषक या खेतिहर मजदूर हैं।
कामगार रूपरेखा
जनगणना 2011 की कामगार श्रेणियों में राजसमंद में 37.7 प्रतिशत कृषक, 19.4 प्रतिशत खेतिहर मजदूर, 2.5 प्रतिशत घरेलू उद्योग कामगार और 40.5 प्रतिशत अन्य कामगार दर्ज हैं।
खनिज संसाधन
राजसमंद की औद्योगिक रूपरेखा में सीसा-जस्ता, डोलोमाइट, चूना पत्थर, संगमरमर, ग्रेनाइट और टैल्क को महत्वपूर्ण खनिज बताया गया है।
संगमरमर उत्पादन
राजसमंद की औद्योगिक रूपरेखा में 2014-15 के दौरान संगमरमर उत्पादन 76,70,378.66 टन दर्ज किया गया।
औद्योगिक क्षेत्र
राजसमंद की औद्योगिक रूपरेखा में राजनगर और दोइंदा को जिले के औद्योगिक क्षेत्र बताया गया है।
औद्योगिक इकाइयां
मार्च 2016 तक औद्योगिक रूपरेखा के अनुसार राजसमंद जिले में 4,793 पंजीकृत औद्योगिक इकाइयां थीं।
क्षेत्र संख्या
मार्च 2016 तक औद्योगिक रूपरेखा के अनुसार राजसमंद जिले में दो औद्योगिक क्षेत्र थे।
बड़ा उद्योग
औद्योगिक रूपरेखा में कांकरोली स्थित जे.के. टायर्स को राजसमंद का बड़े पैमाने का उद्योग बताया गया है।
निर्यात वस्तुएं
जे.के. टायर्स कांकरोली के लिए सूचीबद्ध प्रमुख निर्यात योग्य वस्तुएं वाहन टायर, ब्यूटिल ट्यूब और रबर फ्लैप हैं।
संगमरमर समूह
राजसमंद के संगमरमर लेख-शिल्प क्लस्टर में 350 इकाइयां दर्ज हैं, जिनसे 5,000 लोगों को रोजगार जुड़ा है।
उदयपुर संभाग
राजसमंद जिला उदयपुर संभाग में आता है।
विधानसभा क्षेत्र
राजसमंद जिले में चार विधानसभा क्षेत्र हैं: भीम, कुंभलगढ़, नाथद्वारा और राजसमंद।
भीम विधायक
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 की राजपत्र अधिसूचना में भीम विधानसभा क्षेत्र से हरिसिंह रावत को भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित घोषित किया गया।
कुंभलगढ़ विधायक
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 की राजपत्र अधिसूचना में कुंभलगढ़ विधानसभा क्षेत्र से सुरेंद्र सिंह राठौड़ को भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित घोषित किया गया।
राजसमंद विधायक
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 की राजपत्र अधिसूचना में राजसमंद विधानसभा क्षेत्र से दीप्ति किरण माहेश्वरी को भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित घोषित किया गया।
नाथद्वारा विधायक
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 की राजपत्र अधिसूचना में नाथद्वारा विधानसभा क्षेत्र से विश्वराज सिंह मेवाड़ को भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित घोषित किया गया।
लोकसभा सांसद
संसदीय शोध संस्था के अनुसार, महिमा कुमारी मेवाड़ 18वीं लोकसभा में राजसमंद से निर्वाचित सांसद हैं और उनका कार्यकाल 9 जून 2024 से शुरू हुआ।
जिला कलेक्टर
19 जनवरी 2026 की डेक्कन क्रॉनिकल रिपोर्ट में अरुण कुमार हसीजा को राजसमंद का जिला कलेक्टर बताया गया।
जिला प्रशासन
राजस्व, कानून-व्यवस्था और जिला प्रशासन से जुड़े मामलों में राजसमंद के जिला कलेक्टर जिले के प्रमुख अधिकारी होते हैं।
महाराणा प्रताप सर्किट
राजसमंद महाराणा प्रताप पर्यटन सर्किट का केंद्र है, जिसकी 100 करोड़ रुपये की विरासत-पर्यटन योजना मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जून 2024 में महाराणा प्रताप जयंती पर घोषित की थी। यह सर्किट कुम्भलगढ़ दुर्ग, हल्दीघाटी, महाराणा प्रताप स्मारक और प्रताप गौरव केंद्र को जोड़ता है, और इन स्थलों पर पथ, व्याख्या-केंद्र व पर्यटक सुविधाओं के लिए 275.68 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को फरवरी 2026 में राजस्थान धरोहर प्राधिकरण ने मंजूरी दी।
खुशी आँगनवाड़ी
हिंदुस्तान ज़िंक का खुशी आँगनवाड़ी कार्यक्रम सार्वजनिक-निजी-जनभागीदारी के त्रिपक्षीय मॉडल पर चलता है और राजसमंद के साथ-साथ अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर के चयनित ब्लॉकों के आँगनवाड़ी केंद्रों को सहारा देता है, जिसका लक्ष्य 3,055 केंद्र हैं। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी ने राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 1,491 नए नंदघर भवन बनवाए, जिनसे ढाई लाख से अधिक महिलाओं और बच्चों को बाल-देखभाल, पोषण और डिजिटल शिक्षा का लाभ मिला।
शिक्षा संबल सीएसआर
राजसमंद को हिंदुस्तान ज़िंक के शिक्षा संबल कार्यक्रम का लाभ मिलता है, जो 2007 से राजसमंद, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, अजमेर और उदयपुर के 64 से अधिक सरकारी स्कूलों में विषय शिक्षक, ग्रीष्मकालीन शिविर और ऊँची उड़ान आईआईटी-जेईई कोचिंग उपलब्ध करा रहा है। इसी वेदांता सीएसआर के तहत चलने वाले सखी स्व-सहायता समूहों से 27,485 से अधिक महिलाओं को लाभ हुआ है, और 12 महिला-नेतृत्व वाली उत्पादन इकाइयाँ उपाया ब्रांड के तहत अचार, मसाले और वस्त्र बेचती हैं।
किसी भी परीक्षा उपयोग से पहले सटीक विकल्पों की जाँच आधिकारिक RPSC / RSSB प्रश्न पत्रों से करें।
राजसमंद के PYQ एक-पंक्ति तथ्य शीघ्र उपलब्ध होंगे।
ऊपर के जिला संदर्भ से क्विक सेल्फ़-टेस्ट। द्विभाषी, लॉगिन की आवश्यकता नहीं।
प्रश्न 1 / 10
उदयपुर जिले से अलग होकर राजसमंद जिले का गठन किस तारीख को हुआ?
राजस्थान पर्यटन के अनुसार राजसमंद संगमरमर उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है और देश का सबसे बड़ा संगमरमर उत्पादक जिला माना जाता है।
राजसमंद जिला 10 अप्रैल 1991 को उदयपुर जिले से अलग कर बनाया गया।
जिले का नाम महाराणा राज सिंह द्वारा बनवाई गई राजसमंद झील से जुड़ा है।
राजसमंद बनास नदी के जलग्रहण क्षेत्र में आता है, जिसमें खारी, चंद्रभागा, गोमती, कोठारी और आहड़ जैसी सहायक नदियां शामिल हैं।
राजस्थान पर्यटन कुंभलगढ़ किले को महाराणा प्रताप का जन्मस्थान बताता है।
जिला जनगणना पुस्तिका के अनुसार 2011 में जिले की 84.1 प्रतिशत आबादी ग्रामीण और 15.9 प्रतिशत आबादी शहरी थी।
भीम, कुंभलगढ़, नाथद्वारा और राजसमंद।