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अपना जिला जानें

नागौर

पंचायती राज, मकराना संगमरमर और नमक से पहचाना जाने वाला थार-अंचल जिला

अंतिम सत्यापन: 2026-05-06

नागौर पश्चिमी राजस्थान का बड़ा जिला है; 2011 की जनगणना में इसकी आबादी 33.08 लाख और क्षेत्रफल 17,718 वर्ग किमी दर्ज है। यहाँ 2 अक्टूबर 1959 को लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की शुरुआत से जुड़ी पंचायती राज स्मृति है, और नागौर किला व मेड़ता जैसे ऐतिहासिक स्थल इसकी पहचान बनाते हैं। मकराना का संगमरमर, नावा-डीडवाना का नमक, जिप्सम भंडार, खेती और नागौर शहर का हाथ-औजार उद्योग इसकी अर्थव्यवस्था में प्रमुख हैं।

जिला एक नज़र में

जनसंख्या (2011)33,07,743 व्यक्ति
क्षेत्रफल (2011)17,718 वर्ग किमी
घनत्व (2011)187 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
लिंगानुपात (2011)प्रति 1,000 पुरुषों पर 950 महिलाएँ
साक्षरता दर (2011)62.8 प्रतिशत
ग्रामीण-शहरी विभाजन (2011)80.7 प्रतिशत ग्रामीण; 19.3 प्रतिशत शहरी
गाँव (2011)1,589 गाँव: 1,575 बसे हुए और 14 निर्जन

जिला प्रशासन

वर्तमान पदाधिकारी — सार्वजनिक अभिलेखों से।

जिला मजिस्ट्रेट / कलक्टर

देवेन्द्र कुमार

पुलिस अधीक्षक

रोशन मीणा

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट

चम्पालाल

जिला एवं सत्र न्यायाधीश

तारा अग्रवाल

लोकसभा सांसद

हनुमान बेनीवाल

नागौर

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी2024 से

विधानसभा सदस्य

अजय सिंह

डेगाना

भारतीय जनता पार्टी2023 से

विधानसभा सदस्य

मंजू बाघमार

जायल (अनुसूचित जाति)

भारतीय जनता पार्टी2023 से

विधानसभा सदस्य

रेवंत राम डांगा

खींवसर

भारतीय जनता पार्टी2024 से

विधानसभा सदस्य

लक्ष्मण राम

मेड़ता (अनुसूचित जाति)

भारतीय जनता पार्टी2023 से

विधानसभा सदस्य

हरेंद्र मिर्धा

नागौर

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस2023 से

इतिहास — प्राचीन → मध्यकालीन → आधुनिक

जिला गठन

जोधपुर रियासत के संयुक्त वृहद राजस्थान में विलय के बाद नागौर जिला अपने वर्तमान स्वरूप में आया।

जोधपुर रियासत

रियासतों के विलय से पहले नागौर, पूर्व जोधपुर राज्य का हिस्सा था।

विकेंद्रीकरण शुरुआत

भारत में लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की शुरुआत २ अक्टूबर १९५९ को नागौर से जवाहरलाल नेहरू ने की।

महाभारत उल्लेख

नागौर का ऐतिहासिक उल्लेख महाभारत से भी जुड़ा बताया जाता है।

अहिछत्रपुर संबंध

अहिछत्रपुर नामक राज्य को नागौर जिले के क्षेत्र से संबंधित माना जाता है।

अमर सिंह राठौड़

नागौर राव अमर सिंह राठौड़ के मुगल साम्राज्य को दी गई चुनौती से भी पहचाना जाता है।

नागौर किला

नागौर का विशाल पुराना किला पूर्व शासकों की वीरता से जुड़ी कथाओं के लिए प्रसिद्ध है।

पुरातत्व किला

राज्य पुरातत्व सूची में नागौर जिले के अंतर्गत नागौर किले का उल्लेख दर्ज है।

अमर सिंह छतरी

राज्य पुरातत्व सूची में नागौर जिले के अंतर्गत नागौर स्थित अमर सिंह की छतरी भी दर्ज है।

मालकोट किला

राज्य पुरातत्व सूची में नागौर जिले के मेड़ता शहर स्थित मालकोट किले का उल्लेख है।

अप्पाजी छतरी

राज्य पुरातत्व सूची में नागौर के ताऊसर स्थित अप्पाजी सिंधिया की छतरी दर्ज है।

राव दूदागढ़

राज्य पुरातत्व सूची में नागौर जिले के मेड़ता शहर स्थित राव दूदागढ़ का उल्लेख है।

कला, संस्कृति, विरासत एवं पर्यटन

मीरा और अबुल फ़ज़ल

नागौर जिले को मीरा और अबुल फ़ज़ल की जन्मभूमि के रूप में पहचाना जाता है।

चारभुजा मंदिर

नागौर जिले के मेड़ता में चारभुजा मंदिर स्थित है।

तारकिन दरगाह

नागौर शहर सूफी संत तारकिन की दरगाह के लिए भी जाना जाता है।

रामदेव पशु मेला

औद्योगिक प्रोफ़ाइल में रामदेव पशु मेले को राजस्थान का तीसरा सबसे बड़ा पशु मेला बताया गया है।

तारकिन बुलंद दरवाजा

राज्य पुरातत्व सूची में नागौर के तारकिन और बुलंद दरवाजा को जिला नागौर के अंतर्गत दर्ज किया गया है।

फूल बावड़ी मूर्तियां

राज्य पुरातत्व सूची में छोटी खाटू गांव की फूल बावड़ी और बड़ी मूर्तियों के आसपास 50 मीटर क्षेत्र जिला नागौर में दर्ज है।

केकिंद शिव मंदिर

राज्य पुरातत्व सूची में केकिंद का शिव मंदिर जिला नागौर के अंतर्गत दर्ज है।

लाडनूं मंदिर-मस्जिद

राज्य पुरातत्व सूची में लाडनूं का मंदिर-मस्जिद स्थल जिला नागौर के अंतर्गत शामिल है।

दधिमती माता मंदिर

राज्य पुरातत्व सूची में नागौर के गोठ मांगलोद स्थित दधिमती माता मंदिर को जिला नागौर के अंतर्गत दर्ज किया गया है।

मीरा महल

राज्य पुरातत्व सूची में मेड़ता सिटी स्थित मीरा महल को जिला नागौर के अंतर्गत दर्ज किया गया है।

अकबरी मस्जिद

राज्य पुरातत्व सूची में नागौर की अकबरी मस्जिद को जिला नागौर के अंतर्गत दर्ज किया गया है।

भूगोल, जलवायु एवं पारिस्थितिकी

जिला क्षेत्रफल

जनगणना 2011 में नागौर जिले का क्षेत्रफल 17,718 वर्ग किलोमीटर दर्ज था।

थार मरुस्थल

नागौर जिले को महान भारतीय थार मरुस्थल का हिस्सा बताया गया है।

शुष्क जलवायु

नागौर की जलवायु शुष्क है; गर्मियां तीखी पड़ती हैं और इस मौसम में रेत भरी आंधियां आम बात हैं।

वन क्षेत्र

नागौर जिले में पहाड़ी हिस्सों सहित 240.92 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र दर्ज है, जो कुल भौगोलिक क्षेत्र का 1.3 प्रतिशत है।

भौगोलिक निर्देशांक

नागौर जिला 26 डिग्री 25 मिनट से 27 डिग्री 40 मिनट उत्तरी अक्षांश और 73 डिग्री 10 मिनट से 75 डिग्री 15 मिनट पूर्वी देशांतर के बीच फैला है।

उत्तरी सीमा

नागौर जिले की उत्तरी सीमा बीकानेर और चूरू जिलों से मिलती है।

वार्षिक वर्षा

1971-2005 की अवधि में नागौर जिले की औसत वार्षिक वर्षा 410 मिमी दर्ज की गई थी।

लूणी नदी

लूणी नदी जिले के दक्षिणी हिस्से से पश्चिम की ओर बहते हुए करीब 37 किलोमीटर तक गुजरती है।

चूना-पत्थर जलभृत

नागौर में बिलाड़ा चूना-पत्थर को सबसे महत्वपूर्ण और संभावनाशील जलभृत माना गया है।

जलोढ़ जलभृत

चतुर्थकालीन जलोढ़ निक्षेप नागौर जिले के मुख्य जलभृत के रूप में चिन्हित हैं।

अर्थव्यवस्था — क्षेत्र, उद्योग, ऊर्जा

जिप्सम भंडार

नागौर की औद्योगिक प्रोफाइल में जिप्सम भंडार का अनुमान 81 प्रतिशत या अधिक अंश के साथ 95.2 करोड़ टन बताया गया है।

गोटन चूना-पत्थर

नागौर के गोटन क्षेत्र में उच्च श्रेणी के चूना-पत्थर के भंडार करीब 3.3 करोड़ टन बताए गए थे।

मकराना संगमरमर

मकराना संगमरमर के मौजूदा और राज्य द्वारा अन्वेषित खनन क्षेत्रों में भंडार करीब 5.5 करोड़ टन आंके गए थे।

संगमरमर गुणवत्ता

औद्योगिक विवरणिका के अनुसार मकराना संगमरमर में कैल्शियम कार्बोनेट लगभग 98 प्रतिशत होता है।

नमक क्षेत्र

नावा और डीडवाना तहसीलें नागौर जिले के प्रमुख नमक-उत्पादक क्षेत्रों के रूप में पहचानी जाती हैं।

नमक उत्पादन

नागौर जिले का नमक उत्पादन 6.57 लाख टन सालाना से अधिक दर्ज किया गया था।

प्रमुख फसलें

औद्योगिक प्रोफाइल में नागौर की प्रमुख फसलों में गेहूं, जौ, बाजरा, चना, कपास, जीरा, तिल, मूंगफली, मसाले और मक्का दर्ज हैं।

रीको औद्योगिक क्षेत्र

रीको औद्योगिक क्षेत्र मकराना का क्षेत्रफल औद्योगिक क्षेत्र स्थिति तालिका में 286.72 एकड़ दर्ज था।

हाथ-औजार इकाइयां

नागौर हाथ-औजार निर्माण, खासकर प्लायर बनाने, के लिए जाना गया है; इस श्रेणी में 50 इकाइयां दर्ज थीं।

औजार क्लस्टर स्थान

नागौर का हाथ-औजार क्लस्टर नागौर शहर में बासनी औद्योगिक क्षेत्र और लोहारपुरा में फैला हुआ दर्ज है।

औजार क्लस्टर इकाइयां

नागौर हाथ-औजार क्लस्टर में लगभग 650 चालू इकाइयां दर्ज थीं।

राजनीतिक एवं प्रशासनिक संरचना

संभागीय स्थिति

जिला जनगणना पुस्तिका की प्रशासनिक व्यवस्था में नागौर जिला अजमेर संभाग का हिस्सा दर्ज है।

उपखंड व्यवस्था

इसी प्रशासनिक विवरण में नागौर जिले में 10 उपखंड दर्ज किए गए हैं।

पंचायत समितियां

पंचायती राज और ग्रामीण विकास प्रशासन के लिए नागौर जिले में 11 पंचायत समितियां दर्ज थीं।

सत्र न्यायाधीश

जिला न्यायालय मेड़ता (नागौर) की न्यायाधीश सूची में जिला एवं सत्र न्यायाधीश का स्थान मेड़ता दर्ज है।

पॉक्सो न्यायालय

जिला न्यायालय मेड़ता (नागौर) की सूची में पॉक्सो न्यायाधीश का स्थान नागौर दर्ज है।

परिवार न्यायालय

इसी न्यायाधीश सूची में पारिवारिक न्यायाधीश का स्थान मेड़ता दर्ज है।

विशेष न्यायालय

अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति विशेष न्यायालय के विशेष न्यायाधीश का स्थान मेड़ता बताया गया है।

मुख्य मजिस्ट्रेट

जिला न्यायालय मेड़ता (नागौर) की सूची में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का स्थान नागौर दर्ज है।

अतिरिक्त मजिस्ट्रेट

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की प्रविष्टियां डेगाना, नागौर और मेड़ता में दर्ज हैं।

सिविल न्यायालय

सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट की प्रविष्टियां मेड़ता, खींवसर, जायल और नागौर में दर्ज हैं।

शासन पहल एवं योजनाएँ (2025-26)

भूजल विनियमन

नागौर जिले के मूंडवा, मेड़ता और कुचामन अधिसूचित ब्लॉकों में प्राधिकरण की पूर्व अनुमति के बिना नया नलकूप खोदना या बनाना प्रतिबंधित था।

नागौरी अश्वगंधा जीआई

जनवरी 2026 में केंद्र सरकार ने नागौरी अश्वगंधा को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्रदान किया, जिससे यह राजस्थान का 22वाँ GI-प्रमाणित उत्पाद बना तथा सोजत मेहंदी के बाद कृषि श्रेणी का दूसरा उत्पाद बना। यह मान्यता ICAR आणंद, राजस्थान कृषि विभाग और नागौरी कल्याण समिति के संयुक्त प्रयासों से मिली, और अब नागौर के औषधीय जड़ उत्पादकों को वैश्विक दवा एवं आयुर्वेदिक बाज़ारों तक सीधी पहुँच मिलने से निर्यात और किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है।

जल जीवन मिशन

नागौर राजस्थान के उन प्राथमिकता वाले जिलों में है जहाँ जल जीवन मिशन के अंतर्गत एसपीएमएल इंफ्रा भीलवाड़ा, नागौर, झालावाड़, बीसलपुर और टोंक के सैंकड़ों गाँवों में पाइप जलापूर्ति बिछा रहा है, जिससे दस लाख से अधिक ग्रामीण निवासियों को घरेलू नल कनेक्शन मिलेंगे। केंद्रीय बजट 2025-26 में जल जीवन मिशन को 2028 तक बढ़ा दिया गया है और परिव्यय भी बढ़ाया गया है ताकि नागौर जैसे अर्ध-शुष्क जिले शत-प्रतिशत कवरेज पूरा कर सकें।

सरस डेयरी नेटवर्क

नागौर राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन के सरस दुग्ध-संग्रहण नेटवर्क का हिस्सा है, जो 2025 में पूरे राज्य की 15,000 से अधिक ग्राम दुग्ध सहकारी समितियों और लगभग 8 लाख दुग्ध उत्पादकों को सहारा देता है। नागौर के किसान फेडरेशन के 14 संयंत्रों से जुड़े शीतलन केंद्रों को दूध भेजते हैं, और राज्य की राजस्थान सरस स्वरोजगार योजना से जिले में सरस बूथ, पार्लर और एजेंसी जैसे स्वरोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं।

PYQ एक-पंक्ति (RAS / RPSC / RSSB)

किसी भी परीक्षा उपयोग से पहले सटीक विकल्पों की जाँच आधिकारिक RPSC / RSSB प्रश्न पत्रों से करें।

नागौर के PYQ एक-पंक्ति तथ्य शीघ्र उपलब्ध होंगे।

स्वयं को परखें — 10 प्रश्न

ऊपर के जिला संदर्भ से क्विक सेल्फ़-टेस्ट। द्विभाषी, लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

प्रश्न 1 / 10

2011 की जनगणना में नागौर जिले की कुल जनसंख्या कितनी थी?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनगणना 2011 में नागौर जिले की जनसंख्या कितनी दर्ज हुई?

जनगणना 2011 में नागौर जिले की जनसंख्या 33 लाख 7 हजार 743 व्यक्ति दर्ज की गई।

नागौर किस राष्ट्रीय विकेंद्रीकरण घटना से जुड़ा है?

भारत में लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की शुरुआत 2 अक्टूबर 1959 को जवाहरलाल नेहरू ने नागौर से की थी।

नागौर जिले में नमक उत्पादन के प्रमुख क्षेत्र किन तहसीलों को माना गया है?

नावा और डीडवाना तहसीलों को जिले के प्रमुख नमक उत्पादक क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है।

नागौर में कौन-सा जलभृत विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना गया है?

बिलाड़ा चूना पत्थर को नागौर जिले का सबसे महत्वपूर्ण और संभावनाशील जलभृत बताया गया है।

जिला न्यायालय मेड़ता नागौर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश की प्रविष्टि कहां दी गई है?

सूची में जिला एवं सत्र न्यायाधीश का स्थान मेड़ता दर्ज है।