मुख्य सामग्री पर जाएँ

अपना जिला जानें

कोटा

चंबल, हाड़ौती, साक्षरता और उद्योग से पहचाना जाने वाला कोटा

अंतिम सत्यापन: 2026-05-06

कोटा दक्षिण-पूर्वी राजस्थान का हाड़ौती जिला है, जहां चंबल इसकी मुख्य बारहमासी नदी है। जनगणना 2011 में जिले की आबादी 19.51 लाख और क्षेत्रफल 5,217 वर्ग किलोमीटर दर्ज हुआ; उसी समय साक्षरता में इसका जिला-स्तरीय स्थान राजस्थान में पहला था। परीक्षा की दृष्टि से कोटा की पहचान कोटा रियासत के इतिहास, चंबल की सिंचाई व बिजली, कोटा स्टोन, व्यापारिक केंद्रों और बड़े औद्योगिक आधार से बनती है।

जिला एक नज़र में

2011 की जनसंख्या19,51,014 लोग, यानी लगभग 19.51 लाख।
2011 का क्षेत्रफल5,217 वर्ग किलोमीटर।
राजस्थान में 2011 की रैंकजनसंख्या में 16वां, क्षेत्रफल में 24वां और घनत्व में 7वां स्थान।
2011 के गांवकुल 874 गांव; 805 आबाद और 69 निर्जन।
2011 ग्रामीण-शहरी आबादी39.7 प्रतिशत ग्रामीण और 60.3 प्रतिशत शहरी।
2011 का लिंगानुपातहर 1,000 पुरुषों पर 911 महिलाएं।
2011 की साक्षरता76.6 प्रतिशत; राजस्थान के जिलों में पहला स्थान।
2011 अनुसूचित जाति/जनजाति हिस्साअनुसूचित जाति 20.8 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति 9.4 प्रतिशत।
जिले का फैलावउत्तर-दक्षिण 153 किलोमीटर और पूर्व-पश्चिम 84 किलोमीटर।
सामान्य वार्षिक वर्षा732.4 मिलीमीटर।
2011 के वैधानिक नगररामगंज मंडी, कैथून, कोटा नगर निगम और सांगोद।
राष्ट्रीय राजमार्ग संदर्भजयपुर से जबलपुर तक बताई गई एनएच-12 जिले से गुजरती थी।
डाक और दूरसंचार, 2010-11186 डाकघर, 1 तारघर, 97 एक्सचेंज और 3,010 पीसीओ।
जिला जनगणना पुस्तिका सारांश में ग्राम-विद्यालय उपलब्धता805 आबाद गांवों में 500 गांवों में प्राथमिक विद्यालय, 308 में मध्य विद्यालय और 162 में माध्यमिक विद्यालय उपलब्ध थे।
जिला जनगणना पुस्तिका सारांश में ग्राम स्वास्थ्य सुविधाएं5 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 36 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
जिला न्यायालय का पताजिला न्यायालय परिसर, कलेक्ट्रेट के सामने, नयापुरा, कोटा, राजस्थान 324001

जिला प्रशासन

वर्तमान पदाधिकारी — सार्वजनिक अभिलेखों से।

जिला मजिस्ट्रेट / कलक्टर

पीयूष समारिया

कोटा जिला

पुलिस अधीक्षक

तेजस्विनी गौतम

कोटा शहर पुलिस जिला

पुलिस अधीक्षक

सुजीत शंकर

कोटा ग्रामीण पुलिस जिला

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट

श्री वीरेन्द्र सिंह तृतीय

जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय, कोटा

जिला एवं सत्र न्यायाधीश

सत्‍यनारायण व्‍यास

कोटा

लोकसभा सांसद

ओम बिरला

कोटा

भारतीय जनता पार्टी2024 से

विधानसभा सदस्य

शांति धारीवाल

कोटा उत्तर

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस2023 से

विधानसभा सदस्य

संदीप शर्मा

कोटा दक्षिण

भारतीय जनता पार्टी2023 से

विधानसभा सदस्य

कल्पना देवी

लाडपुरा

भारतीय जनता पार्टी2023 से

विधानसभा सदस्य

चेतन पटेल कोलाना

पीपल्दा

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस2023 से

विधानसभा सदस्य

मदन दिलावर

रामगंज मंडी (अनुसूचित जाति)

भारतीय जनता पार्टी2023 से

इतिहास — प्राचीन → मध्यकालीन → आधुनिक

नाम उत्पत्ति

कोटा जिले का नाम उसके मुख्यालय नगर कोटा पर पड़ा है।

कोटा स्थापना

जिला जनगणना पुस्तिका के अनुसार, जैत सिंह ने चंबल के पूर्व में कोटिया कुल के भीलों को परास्त कर हटाया और कोटा की नींव रखी।

हाड़ौती क्षेत्र

हाड़ौती राजस्थान का दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र है, जिसमें बूंदी, बारां, झालावाड़ और कोटा शामिल माने जाते हैं।

रियासत स्थापना

1631 में मुगल सम्राट शाहजहां ने बूंदी के राव रतन के पुत्र राव माधो सिंह को कोटा का शासक बनाया और कोटा स्वतंत्र राज्य बना।

महाराव उपाधि

महाराव भीम सिंह को पांच हजारी मनसब प्राप्त था और वे अपने वंश के पहले शासक थे जिन्होंने महाराव की उपाधि अपनाई।

जिला गठन

मार्च 1948 में पूर्व कोटा और टोंक रियासतों के तत्कालीन राजस्थान में शामिल होने पर अलग कोटा जिला अस्तित्व में आया।

बारां विभाजन

10 अप्रैल 1991 को पुराने कोटा जिले के क्षेत्र से बारां जिला बनाया गया।

उच्च न्यायालय

कोटा उच्च न्यायालय ने 1 जनवरी 1939 से काम शुरू किया।

सत्र न्यायालय

कोटा का जिला एवं सत्र न्यायालय प्रारंभ में सूरजपोल के झाला हाउस से चला और बाद में लाल कोठी में स्थानांतरित हुआ।

हाड़ा विजय

जिला न्यायालय का इतिहास कोटा नगर की पृष्ठभूमि 12वीं सदी ईस्वी से जोड़ता है, जब हाड़ा सरदार राव देवा ने क्षेत्र जीतकर बूंदी और हाड़ौती की स्थापना की।

माधो सिंह

जिला न्यायालय के इतिहास के अनुसार, मुगल सम्राट जहांगीर के शासनकाल में बूंदी के राव रतन सिंह ने कोटा की छोटी रियासत अपने पुत्र माधो सिंह को दी।

न्यायालय आदेश

महकमा खास ने 07-12-1938 के आदेश से कोटा उच्च न्यायालय की स्थापना घोषित की।

प्रथम मुख्य न्यायाधीश

कोटा उच्च न्यायालय के पहले मुख्य न्यायाधीश राय बहादुर रामबाबू सक्सेना थे; वे 30 अक्टूबर 1939 तक इस पद पर रहे।

लाल कोठी

लाल कोठी को लगभग 1870-75 ईस्वी में बनी विरासत इमारत बताया गया है; यह पहले कोटा रियासत की संपत्ति थी।

कला, संस्कृति, विरासत एवं पर्यटन

बाल मुकुंद मंदिर

देवस्थान विभाग की कोटा मंदिर सूची में डिगोद तहसील के डिगोद में श्री बाल मुकुंद जी मंदिर दर्ज है।

सांवला जी मंदिर

डिगोद तहसील के कोडसुवा में श्री सांवला जी मंदिर को देवस्थान विभाग की कोटा सूची में स्थान मिला है।

ठाकुर जी मंदिर

डिगोद तहसील के मदावरी में श्री ठाकुर जी मंदिर देवस्थान विभाग की कोटा मंदिर सूची में दर्ज है।

बाला जी मंदिर

डिगोद तहसील के जालिमपुरा में श्री बाला जी मंदिर देवस्थान की कोटा सूची में उल्लेखित है।

भेरू जी मंदिर

देवस्थान विभाग की कोटा मंदिर सूची में फतेहपुर, डिगोड तहसील का श्री भेरू जी मंदिर दर्ज है।

शीतला माता मंदिर

देवस्थान विभाग की कोटा मंदिर सूची में फतेहपुर, डिगोड तहसील का श्री शीतला माता जी मंदिर भी दर्ज है।

आनंद घर मंदिर

डिगोद तहसील के कुराड़ी में श्री आनंद घर जी मंदिर देवस्थान विभाग की कोटा मंदिर सूची में सूचीबद्ध है।

राधा गिरधारी मंदिर

डिगोद तहसील के कोटड़ा दीप सिंह में श्री राधा गिरधारी जी मंदिर इस कोटा मंदिर सूची में दर्ज है।

चारभुजा मंदिर

डिगोद तहसील के टाकर वाड़ा में श्री चारभुजा जी मंदिर देवस्थान विभाग की कोटा मंदिर सूची में दर्ज है।

राधा वल्लभ मंदिर

डिगोद तहसील के बड़ोद में श्री राधा वल्लभ जी मंदिर देवस्थान विभाग की कोटा सूची में सूचीबद्ध है।

मुरली बिहारी मंदिर

सांगोद तहसील के गोपालपुरा जाटान में श्री मुरली बिहारी जी मंदिर को कोटा मंदिर सूची में दर्ज किया गया है।

चंबल दृश्य

जिला न्यायालय कोटा की फोटो गैलरी में छवि के वैकल्पिक पाठ में चंबल नदी, कोटा नाम से पहचान दी गई है।

गरड़िया महादेव

जिला न्यायालय कोटा के मुखपृष्ठ पर कोटा के स्थान-चित्रों में गरड़िया महादेव मंदिर को दिखाया गया है।

घटोत्कच सर्किल

जिला न्यायालय कोटा के मुखपृष्ठ पर कोटा के स्थलों की तस्वीरों में घटोत्कच सर्किल भी शामिल है।

जग मंदिर

जिला न्यायालय कोटा के मुखपृष्ठ पर कोटा के स्थलों की तस्वीरों में जग मंदिर भी शामिल है।

भूगोल, जलवायु एवं पारिस्थितिकी

स्थिति निर्देशांक

कोटा जिला राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित है और 24 डिग्री 25 मिनट से 25 डिग्री 51 मिनट उत्तरी अक्षांश तथा 75 डिग्री 37 मिनट से 77 डिग्री 26 मिनट पूर्वी देशांतर के बीच फैला है।

प्राकृतिक जल-निकास

कोटा जिले की भूमि दक्षिण से उत्तर की ओर हल्की ढाल लिए हुए है और इसका जल-निकास चंबल तथा उसकी सहायक नदियों से होता है।

मुकंदरा शृंखला

विंध्य पहाड़ियों की 145 किमी लंबी मुकंदरा शृंखला कोटा जिले में स्थित है।

चंबल सहायक नदियां

चंबल कोटा जिले की प्रमुख बारहमासी नदी है; कालीसिंध, पार्वती, परवन और अंधेरी इसकी सहायक नदियों में दर्ज हैं।

चंबल प्रवाह

कोटा जिले में चंबल पश्चिम से प्रवेश कर पूर्व की ओर बहती है और कोटा शहर के पास हर मौसम में गहरी व चौड़ी रहती है।

शुष्क जलवायु

कोटा जिले की जलवायु शुष्क है; नवंबर से फरवरी के मध्य तक सबसे ठंडा समय रहता है, जबकि अप्रैल से जून के अंत तक सबसे गर्म महीने माने जाते हैं।

वन आवरण

कोटा जिले में 1,322.46 वर्ग किमी वन क्षेत्र दर्ज है, जो जिले के कुल क्षेत्रफल का 25.34 प्रतिशत है।

नदी संसाधन

जिला जनगणना पुस्तिका चंबल और उसकी सहायक नदियों पार्वती, कालीसिंध और परवन को कोटा जिले में नहर सिंचाई और बिजली आपूर्ति के महत्वपूर्ण स्रोत मानती है।

हैंगिंग ब्रिज

जिला न्यायालय कोटा के मुखपृष्ठ पर कोटा के स्थलों की तस्वीरों में हैंगिंग ब्रिज भी शामिल है।

कोटा बैराज

जिला न्यायालय कोटा के मुखपृष्ठ पर कोटा के स्थलों की तस्वीरों में कोटा बैराज भी शामिल है।

चंबल रिवरफ्रंट

जिला न्यायालय कोटा के मुखपृष्ठ पर कोटा के स्थलों की तस्वीरों में चंबल रिवर फ्रंट कोटा भी शामिल है।

अर्थव्यवस्था — क्षेत्र, उद्योग, ऊर्जा

कामगार संख्या

जनगणना 2011 ने कोटा जिले में कुल 7,48,811 कामगार दर्ज किए; यह जिले की आबादी का 38.38 प्रतिशत था।

कार्य भागीदारी

जनगणना 2011 में कोटा जिले की कार्य भागीदारी दर 38.4 प्रतिशत थी, जिसमें लैंगिक अंतर 29.4 प्रतिशत अंक था।

कामगार संरचना

जनगणना 2011 में कोटा जिले के कामगारों में 18.7 प्रतिशत कृषक, 18.0 प्रतिशत कृषि मजदूर, 3.4 प्रतिशत घरेलू उद्योग कर्मी और 59.9 प्रतिशत अन्य कामगार थे।

ऊर्जा संयंत्र

कोटा शहर की 100 किलोमीटर परिधि में जिला जनगणना पुस्तिका राणा प्रताप सागर बांध, जवाहर सागर बांध और कोटा बैराज पर क्रमशः एक परमाणु, एक जलविद्युत और एक ताप विद्युत संयंत्र दर्ज करती है।

ताप विद्युत

जिला जनगणना पुस्तिका कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशन को राजस्थान का पहला कोयला-आधारित बिजली उत्पादन संयंत्र बताती है और इसकी स्थापित क्षमता 1,240 मेगावाट दर्ज करती है।

बिजली पहुंच

जनगणना 2011 की घरेलू सुविधाओं की तालिकाओं में कोटा जिले के 3,39,899 परिवार, यानी 89.49 प्रतिशत परिवार, रोशनी के मुख्य स्रोत के रूप में बिजली का उपयोग करते दर्ज हुए।

नहर सिंचाई

2010-11 में चम्बल नहरों ने कोटा जिले में 1,18,535 हेक्टेयर शुद्ध क्षेत्र की सिंचाई की; यह जिले के शुद्ध सिंचित क्षेत्र का 52.44 प्रतिशत था।

व्यापार और बैंकिंग

2010-11 में कोटा और रामगंज मंडी जिले के प्रमुख व्यापार केंद्रों में दर्ज थे; उसी समय जिले में 34 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक कार्यालय और 167 अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक कार्यालय थे।

औद्योगिक इकाइयां

जिला जनगणना पुस्तिका की उद्योग रूपरेखा कोटा जिले में कुल 12,908 औद्योगिक इकाइयां दर्ज करती है।

पत्थर क्लस्टर

जिला जनगणना पुस्तिका में कोटा स्थित कोटा स्टोन क्लस्टर को टाइल्स और स्लैब गतिविधि के लिए 1,800 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों और 20,000 कर्मचारियों वाला समूह बताया गया है।

औद्योगिक आधार

जिला न्यायालय कोटा का इतिहास पृष्ठ रसायन, उर्वरक, कृत्रिम रेशे, टायर-कॉर्ड और उन्नत उपकरणों को कोटा उद्योग के मुख्य आधारों में गिनता है।

राजनीतिक एवं प्रशासनिक संरचना

राज्य प्रशासन

शत्रुशाल सिंह के शासन में कोटा के राज्य-प्रशासन को कई विभागों में बांटा गया था।

राज्य पुनर्गठन

1933 में कोटा राज्य की प्रशासनिक इकाइयों का पुनर्गठन चार जिलों: कोटरियात, कोटा, बारां और अकलेरा, तथा 19 निजामतों में किया गया।

उपखंड व्यवस्था

जिला जनगणना पुस्तिका के प्रशासनिक विवरण के अनुसार कोटा जिले में 5 उपखंड थे।

तहसील संरचना

कोटा जिले में पांच तहसीलें थीं; सांगोद तहसील में सबसे अधिक 218 गांव और लाडपुरा में सबसे कम 150 गांव दर्ज थे।

कंप्यूटर समिति

जिला न्यायालय कोटा के संपर्क पृष्ठ पर जिला स्तरीय कंप्यूटर समिति का उल्लेख है।

सुगम्यता समिति

जिला न्यायालय कोटा के संपर्क पृष्ठ पर सुगम्यता संबंधी जिला न्यायालय समिति का भी उल्लेख है।

सत्र न्यायालय

न्यायाधीश सूची पृष्ठ में कोटा की प्रमुख अदालत का पदनाम जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कोटा बताया गया है।

परिवार न्यायालय

न्यायाधीश सूची में परिवार न्यायालय क्रमांक 1, कोटा को भी न्यायिक पदनामों में शामिल किया गया है।

वाणिज्यिक न्यायालय

न्यायाधीश सूची में वाणिज्यिक न्यायालय, कोटा का पदनाम भी दर्ज है।

एनडीपीएस न्यायालय

न्यायाधीश सूची में एनडीपीएस न्यायालय, कोटा को भी न्यायिक पदनाम के रूप में रखा गया है।

न्यायिक कार्यकाल

पूर्व न्यायाधीश पृष्ठ में श्री अश्वनी विज को पूर्व जिला न्यायाधीशों में दर्ज किया गया है; उनका कार्यकाल 25/01/2023 से 10/05/2024 तक बताया गया है।

न्यायिक कार्यकाल

पूर्व न्यायाधीश पृष्ठ में श्री आर. पी. सोनी को पूर्व जिला न्यायाधीशों में सूचीबद्ध किया गया है; उनका कार्यकाल 16/11/2021 से 13/01/2023 तक दिया गया है।

शासन पहल एवं योजनाएँ (2025-26)

कोटा केयर्स अभियान

कोटा जिला कलेक्टर डॉ रवींद्र गोस्वामी द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए जारी कोटा केयर्स अभियान कोचिंग छात्रों के लिए हॉस्टल सुरक्षा जमा और कॉशन मनी समाप्त करता है, रखरखाव शुल्क को 2,000 रुपये पर सीमित करता है और सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक उपस्थिति, अग्नि-सुरक्षा एनओसी, आत्महत्या-रोधी पंखे तथा प्रशिक्षित गेटकीपर अनिवार्य करता है। यह पैकेज छात्र संख्या 2 लाख से घटकर लगभग 1.24 लाख रह जाने के बाद लाया गया है और सत्यापित सुरक्षा मानकों के माध्यम से कोटा की कोचिंग साख बहाल करने का लक्ष्य रखता है।

चंबल रिवरफ्रंट

कोटा में सितंबर 2023 में 1,400 करोड़ रुपये की लागत से उद्घाटित चंबल रिवरफ्रंट चंबल नदी के किनारे 2.75 किलोमीटर तक फैला है, जिसमें 22 विषयगत घाट, 242 फुट ऊँची चंबल माता की संगमरमर प्रतिमा, मियावाकी वन और ऑक्सीजन पार्क शामिल हैं। राजस्थान सरकार और कोटा विकास प्राधिकरण ने इस परियोजना की रूपरेखा साल भर चलने वाली विरासत व अवकाश पर्यटन अर्थव्यवस्था के लिए तैयार की है, ताकि शहर के पूर्वी तट पर आतिथ्य, गाइड और हस्तशिल्प से जुड़े रोजगार पैदा हो सकें।

कोटा टॉय पार्क

उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी द्वारा 19 फरवरी 2025 को प्रस्तुत राजस्थान बजट 2025-26 में कोटा को एक नए टॉय पार्क के लिए चयनित किया गया है, जो राज्य की उस क्लस्टर रणनीति का हिस्सा है जिसमें निंबाहेड़ा-चित्तौड़गढ़ और बूँदी में स्टोन पार्क, सोनियाणा में सिरेमिक पार्क और दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे के तहत फार्मा पार्क भी शामिल हैं। राज्य ने 18 आगामी औद्योगिक क्षेत्रों के लिए मूलभूत ढाँचे पर 150 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं, जिससे कोटा 195 करोड़ रुपये के मेडिकल कॉलेज विस्तार के साथ-साथ खिलौना विनिर्माण निवेश के लिए भी तैयार हो रहा है।

PYQ एक-पंक्ति (RAS / RPSC / RSSB)

किसी भी परीक्षा उपयोग से पहले सटीक विकल्पों की जाँच आधिकारिक RPSC / RSSB प्रश्न पत्रों से करें।

कोटा के PYQ एक-पंक्ति तथ्य शीघ्र उपलब्ध होंगे।

स्वयं को परखें — 10 प्रश्न

ऊपर के जिला संदर्भ से क्विक सेल्फ़-टेस्ट। द्विभाषी, लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

प्रश्न 1 / 10

2011 की जनगणना में कोटा जिले में कौन-सा नया जनगणना नगर दर्ज हुआ?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोटा न्यायालयों में एसएमएस से मामले की स्थिति कैसे जांची जा सकती है?

ईकोर्ट्स, एक खाली स्थान और सीएनआर संख्या लिखकर 9766899899 पर एसएमएस भेजना होता है।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कोटा के कार्यालय के लिए कौन सा फोन नंबर दिया गया है?

संपर्क पृष्ठ पर 0744-2321577 नंबर दिया गया है।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कोटा के कार्यालय के लिए कौन सा ईमेल पता दिया गया है?

संपर्क पृष्ठ पर डीसी-कोट-आरजे एट एनआईसी डॉट इन ईमेल पता दिया गया है।

सुगम्यता संबंधी जिला न्यायालय समिति के लिए कौन-सा ईमेल पता दिया गया है?

संपर्क पृष्ठ में एक्सेसिबिलिटी-केओटी एट एचसीराज डॉट एनआईसी डॉट इन ईमेल पता दिया गया है।

डीसीएचबी की प्रशासन तालिका में खैराबाद पंचायत समिति के अंतर्गत कौन-कौन से जनगणना नगर दिए गए हैं?

तालिका में चेचट, मोड़क, खैराबाद, उदपुरा, सतालखेड़ी, सुकेत और कुम्भकोट को खैराबाद पंचायत समिति के अंतर्गत रखा गया है।

जिला न्यायालय के इतिहास पृष्ठ के अनुसार आज के कोटा की शुरुआती नींव किससे जुड़ी है?

उसके अनुसार आज के कोटा की नींव करीब आठ सौ साल पहले कोट्या भील योद्धा द्वारा अकलगढ़ में बनाई गई एक छोटी किलेबंदी से जुड़ती है।

कोटा हाई कोर्ट में राय बहादुर रामबाबू सक्सेना के बाद मुख्य न्यायाधीश कौन बने?

राय बहादुर रामबाबू सक्सेना के महकमा खास का सदस्य बनने के बाद लाला दया कृष्ण मुख्य न्यायाधीश बने।