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अपना जिला जानें

दौसा

आभानेरी, कृषि और पत्थर शिल्प समूहों से पहचाना जाने वाला ढूंढाड़ का प्रवेश क्षेत्र

अंतिम सत्यापन: 2026-05-06

दौसा राजस्थान के उत्तर-पूर्वी हिस्से में जयपुर संभाग का जिला है। इसका गठन 10 अप्रैल 1991 को जयपुर जिले के हिस्सों से हुआ और 14 अगस्त 1992 को सवाई माधोपुर की महवा तहसील इसमें जोड़ी गई। परीक्षा की दृष्टि से यह जिला ढूंढाड़ के इतिहास, आभानेरी के स्मारकों, कृषि आधारित आजीविका तथा पत्थर और दरी निर्यात की योजनाओं को एक साथ जोड़ता है।

जिला एक नज़र में

क्षेत्रफलक्षेत्रफल 3,432 वर्ग किमी है।
जनसंख्याजनगणना 2011 में जनसंख्या 16.34 लाख थी।
जिला मुख्यालयदौसा शहर जिला मुख्यालय है और जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर जयपुर से लगभग 55 किमी दूर स्थित है।
जनसंख्या घनत्वजनगणना 2011 में जनसंख्या घनत्व 476 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी था।
साक्षरता दरजनगणना 2011 में दौसा जिले की साक्षरता दर 68.2 प्रतिशत थी।
लिंगानुपातजनगणना 2011 में दौसा जिले का लिंगानुपात 1,000 पुरुषों पर 905 महिलाएं था।

जिला प्रशासन

वर्तमान पदाधिकारी — सार्वजनिक अभिलेखों से।

जिला मजिस्ट्रेट / कलक्टर

सौम्या झा

दौसा जिला

2026 से

पुलिस अधीक्षक

सागर

दौसा जिला

2025 से

जिला एवं सत्र न्यायाधीश

केशव कौशिक

दौसा जिला

2025 से

लोक सभा सांसद

मुरारी लाल मीना

दौसा संसदीय क्षेत्र

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस2024 से

विधायक

दीन दयाल

दौसा विधानसभा क्षेत्र

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस2024 से

विधायक

भागचंद टांकड़ा

बांदीकुई विधानसभा क्षेत्र

भारतीय जनता पार्टी2023 से

विधायक

राजेंद्र

महुवा विधानसभा क्षेत्र

भारतीय जनता पार्टी2023 से

विधायक

विक्रम बंसीवाल

सिकराय विधानसभा क्षेत्र

भारतीय जनता पार्टी2023 से

विधायक

रामबिलास

लालसोट विधानसभा क्षेत्र

भारतीय जनता पार्टी2023 से

इतिहास — प्राचीन → मध्यकालीन → आधुनिक

जिला गठन

दौसा जिले का गठन 10 अप्रैल 1991 को जयपुर जिले से बसवा, लालसोट, दौसा और सिकराय तहसीलों को अलग कर किया गया।

महवा तहसील का समावेश

14 अगस्त 1992 को सवाई माधोपुर जिले की महवा तहसील दौसा जिले में शामिल की गई।

ढूंढाड़ क्षेत्र

दौसा उस क्षेत्र में स्थित है जिसे ऐतिहासिक रूप से ढूंढाड़ कहा जाता है।

चौहान और बड़गुर्जर शासन

10वीं शताब्दी ईस्वी में दौसा क्षेत्र पर चौहानों और बड़गुर्जरों का शासन रहा।

ढूंढाड़ की प्रथम राजधानी

दौसा पूर्ववर्ती ढूंढाड़ क्षेत्र की पहली राजधानी बना।

राजनीतिक महत्व

ढूंढाड़ क्षेत्र की राजनीति में दौसा एक महत्वपूर्ण स्थान रहा।

राजा सूढ़देव

९९६ से १००६ ईस्वी तक दौसा क्षेत्र पर चौहान राजा सूध देव का शासन रहा।

राजा दूले राय

राजा दूल्हे राय ने १००६ से १०३६ ईस्वी तक तीस वर्ष दौसा क्षेत्र पर शासन किया।

स्वतंत्रता सेनानी

टीकाराम पालीवाल और रामकरण जोशी दौसा से जुड़े स्वतंत्रता सेनानी थे।

टीकाराम पालीवाल

स्वतंत्रता के बाद १९५२ में टीकाराम पालीवाल राजस्थान के पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री बने।

पंचायती राज की शुरुआत

रामकरण जोशी राजस्थान के पहले पंचायती राज मंत्री थे और उन्होंने १९५२ में पहला पंचायती राज विधेयक प्रस्तुत किया।

खानवा युद्ध की स्मृति

१५२७ के खानवा युद्ध में घायल होने के बाद राणा सांगा के बसवा में विश्राम करने की स्मृति वहां सुरक्षित मानी जाती है।

कला, संस्कृति, विरासत एवं पर्यटन

बसंत पंचमी मेला

दौसा जिला मुख्यालय पर हर वर्ष फरवरी में बसंत पंचमी मेला आयोजित होता है।

मेला देवता

बसंत पंचमी मेले में रघुनाथजी, नरसिंहजी और सूर्य की मूर्तियों की पूजा की जाती है।

डोलची होली

पावटा गांव में डोलची होली मनाई जाती है, जिसमें गुर्जर युवक चमड़े की डोलचियों से पानी की धार फेंकते हैं।

शेख जमाल उर्स

लालसोट रोड पर शेख जमाल का उर्स हर वर्ष श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।

हेला-ख्याल गायन

हेला-ख्याल को दौसा क्षेत्र की विशिष्ट गायन शैली माना जाता है।

व्यंग्यात्मक लोकगीत

हेला-ख्याल गायन में समकालीन सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थितियों पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की जाती है।

मेहंदीपुर बालाजी

मेहंदीपुर बालाजी हनुमान जी का प्रमुख मंदिर है, जो दौसा जिला मुख्यालय से महुवा और आगरा की ओर लगभग ४० किलोमीटर दूर स्थित है।

आभानेरी विरासत

आभानेरी उत्तर-गुप्त या आरंभिक मध्यकालीन स्मारकों के लिए जानी जाती है।

चांद बावड़ी और हर्षत माता

आभानेरी में चांद बावड़ी और हर्षत माता मंदिर प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं।

चांद बावड़ी का निर्माण

राजस्थान पर्यटन के अनुसार आभानेरी की चांद बावड़ी 9वीं शताब्दी ईस्वी में निकुम्भ वंश के राजा चंदा ने बनवाई थी।

चांद बावड़ी की सीढ़ियाँ

चांद बावड़ी में लगभग 3,500 सममित संकरी सीढ़ियां हैं।

भांडारेज शिल्प

भांडारेज उत्खनन में मिली दीवारों, मूर्तियों, सजावटी जाली-काम और टेराकोटा बर्तनों के लिए पहचाना जाता है।

ODOP दरी और पत्थर

दौसा में एक जिला एक उत्पाद के तहत दरी और पत्थर समूह पर विशेष ध्यान है।

भूगोल, जलवायु एवं पारिस्थितिकी

राजस्थान में अवस्थिति

दौसा जिला राजस्थान के उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित है।

अक्षांश और देशांतर

यह जिला 25.33 से 27.33 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 76.50 से 76.90 डिग्री पूर्वी देशांतर के बीच फैला है।

औसत ऊँचाई

दौसा की औसत ऊंचाई 333 मीटर है।

पड़ोसी जिले

दौसा के चारों ओर जयपुर, अलवर, सवाई माधोपुर, करौली, भरतपुर और टोंक जिले हैं।

मैदान और अरावली पर्वतमाला

दौसा का अधिकांश भूभाग मैदानी है, जिसे अरावली की कई पहाड़ी श्रेणियां उत्तर-उत्तरपूर्व से दक्षिण-दक्षिणपश्चिम दिशा में काटती हैं।

लालसोट-बयाना पहाड़ियाँ

लालसोट-बयाना पहाड़ी श्रेणी जिले की एक महत्वपूर्ण भू-आकृतिक विशेषता है।

क्वार्ट्जाइट पट्टी

दौसा से भांकरी तक की पहाड़ियों में क्रिस्टलीय क्वार्टजाइट की पट्टी मिलती है।

कोई बारहमासी नदी नहीं

दौसा जिले में कोई बारहमासी नदी नहीं है।

बाणगंगा और मोरेल नदी

बाणगंगा और मोरेल, दौसा जिले के बड़े हिस्से से गुजरने वाली दो नदियां हैं।

जिले के बांध

दौसा जिले में 36 बांध हैं।

प्रमुख बांध

दौसा जिले के प्रमुख बांधों में सैंथल सागर, कालाखो बांध, माधोसागर बांध और मोरेल बांध शामिल हैं।

शुष्क जलवायु

दौसा की जलवायु छोटी वर्षा ऋतु को छोड़कर अधिकतर शुष्क रहती है।

वार्षिक वर्षा

दौसा जिले की सामान्य वार्षिक वर्षा 561 मिलीमीटर है।

वनस्पति प्रकार

दौसा जिला सिंधु मैदान पुष्पीय क्षेत्र में आता है और यहां उष्णकटिबंधीय कांटेदार वनस्पति मिलती है।

अर्थव्यवस्था — क्षेत्र, उद्योग, ऊर्जा

कृषि आधारित अर्थव्यवस्था

दौसा जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है।

श्रमिक संरचना

जनगणना 2011 में दौसा के 68.2 प्रतिशत श्रमिक या तो कृषक थे या कृषि मजदूर।

कृषक और मजदूर

2011 में दौसा जिले के श्रमिकों में कृषकों की हिस्सेदारी 57.1 प्रतिशत और कृषि मजदूरों की 11.1 प्रतिशत थी।

कार्य सहभागिता दर

जनगणना 2011 में जिले की कार्य सहभागिता दर 41.9 प्रतिशत दर्ज की गई।

भूमि उपयोग 2010-11

2010-11 में दौसा जिले में 2,77,956 हेक्टेयर कृषियोग्य भूमि और 2,29,493 हेक्टेयर शुद्ध बोया गया क्षेत्र था।

बाजरा खरीफ फसल

बाजरा दौसा जिले की प्रमुख खरीफ फसल थी।

गेहूँ रबी फसल

दौसा जिले की रबी खाद्यान्न फसलों में गेहूं सबसे प्रमुख था।

सरसों और चना

दौसा जिले की असिंचित भूमि में सरसों और चना सितंबर-अक्टूबर में बोए जाते हैं।

औद्योगिक पिछड़ापन

उद्धृत औद्योगिक विवरण के अनुसार दौसा जिला औद्योगिक रूप से पिछड़ा माना गया और यहां कोई बड़ा या मध्यम उद्योग नहीं था।

प्रमुख औद्योगिक इकाइयाँ

दौसा के औद्योगिक क्षेत्रों में डोलोमाइट पाउडर, क्वार्ट्ज पाउडर, प्लास्टिक पाइप, इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफॉर्मर, संगमरमर कटाई, पत्थर कटाई, फर्नीचर, आटा और दाल मिल, व्हाइट कोल तथा खनिज पिसाई जैसी इकाइयां शामिल हैं।

RIICO औद्योगिक क्षेत्र

रीको ने दौसा जिले में दौसा, बापी, लालसोट और कोलाना में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए थे।

पत्थर और दरी निर्यात

निर्यात-संभावना योजना में दौसा जिला पत्थर की वस्तुओं और दरी उत्पादों के लिए जाना जाता है।

राजनीतिक एवं प्रशासनिक संरचना

जयपुर संभाग

दौसा जिला जयपुर संभाग के अंतर्गत आता है।

कलक्टर प्रशासन प्रमुख

जिला कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट दौसा जिला प्रशासन के प्रमुख होते हैं।

जिला कलक्टर अभिलेख

जिला सूचक ढांचा 2015-2024 में श्री देवेंद्र कुमार को दौसा के जिला कलेक्टर और मजिस्ट्रेट के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

दौसा लोक सभा (एसटी)

2024 लोकसभा चुनाव का फॉर्म 20 11-दौसा अनुसूचित जनजाति संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के लिए है।

2024 लोक सभा कांग्रेस प्रत्याशी

2024 के फॉर्म 20 परिणाम पत्रक में दौसा लोकसभा सीट के लिए मुरारी लाल मीणा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में दर्ज हैं।

बांदीकुई 2023 परिणाम

2023 राजस्थान विधानसभा चुनाव में बांदीकुई सीट पर भारतीय जनता पार्टी के भागचंद टांकड़ा विजयी रहे।

महुवा 2023 परिणाम

2023 राजस्थान विधानसभा चुनाव में महुवा सीट पर भारतीय जनता पार्टी के राजेंद्र विजयी रहे।

सिकराय 2023 परिणाम

2023 राजस्थान विधानसभा चुनाव में सिकराय अनुसूचित जाति सीट पर भारतीय जनता पार्टी के विक्रम बंसीवाल विजयी रहे।

दौसा 2024 उपचुनाव

2024 दौसा विधानसभा उपचुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के दीन दयाल को कुल 75,536 मत मिले।

शासन पहल एवं योजनाएँ (2025-26)

मृदा स्वास्थ्य कार्ड चरण 1

दौसा जिला पर्यावरण योजना में 2015-16 से 2016-17 तक मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के प्रथम चरण में मृदा स्वास्थ्य कार्ड तैयार करने का उल्लेख है।

एसएचसी चरण 1 कार्ड

दौसा जिला पर्यावरण योजना के अनुसार मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के प्रथम चरण में 2.90478 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड तैयार किए गए।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड चरण 2

दौसा जिला पर्यावरण योजना में 2017-18 से 2018-19 तक मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का दूसरा चरण दर्ज है।

एसएचसी चरण 2 कार्ड

दौसा जिला पर्यावरण योजना के अनुसार मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के दूसरे चरण में 5.02535 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड तैयार किए गए।

एसएचसी आदर्श ग्राम 2019-20

दौसा जिला पर्यावरण योजना में 2019-20 के मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना मॉडल गांव परियोजना के अंतर्गत 2,339 मृदा स्वास्थ्य कार्ड दर्ज हैं।

एसएचसी आदर्श ग्राम 2020-21

दौसा जिला पर्यावरण योजना में 2020-21 के मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना मॉडल गांव परियोजना के अंतर्गत 3,100 मृदा स्वास्थ्य कार्ड दर्ज हैं।

CAMPA वनरोपण

दौसा जिला पर्यावरण योजना के अनुसार 2020-21 में कैम्पा और राज्य योजना के तहत 350 हेक्टेयर वन भूमि पर वनीकरण किया गया।

मनरेगा के तहत जल-निकाय कार्य

दौसा जिला पर्यावरण योजना के अनुसार जल निकायों की मरम्मत और उपचार विभागीय योजनाओं तथा मनरेगा के तहत किए जाते हैं।

PYQ एक-पंक्ति (RAS / RPSC / RSSB)

किसी भी परीक्षा उपयोग से पहले सटीक विकल्पों की जाँच आधिकारिक RPSC / RSSB प्रश्न पत्रों से करें।

दौसा के PYQ एक-पंक्ति तथ्य शीघ्र उपलब्ध होंगे।

स्वयं को परखें — 10 प्रश्न

ऊपर के जिला संदर्भ से क्विक सेल्फ़-टेस्ट। द्विभाषी, लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

प्रश्न 1 / 8

1991 में दौसा जिला किस जिले की तहसीलों को स्थानांतरित करके बनाया गया था?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दौसा नाम किससे जुड़ा माना जाता है?

राजस्थान पर्यटन के अनुसार दौसा नाम संस्कृत शब्द धौ-सा से निकला माना जाता है, जिसका आशय स्वर्ग जैसा सुंदर है।

दौसा जयपुर से कितनी दूरी पर है?

दौसा जयपुर से लगभग 55 किलोमीटर दूर है।

दौसा ऐतिहासिक रूप से किस प्रमुख मार्ग से जुड़ा रहा है?

दौसा जयपुर-आगरा सड़क पर राष्ट्रीय राजमार्ग 11 से जुड़ा है।

आभानेरी में कौन से प्रमुख आकर्षण हैं?

आभानेरी में चांद बावड़ी और हर्षत माता मंदिर प्रमुख आकर्षण हैं।

झाझीरामपुरा किसके लिए जाना जाता है?

झाझीरामपुरा प्राकृतिक जल कुंड और रुद्र, बालाजी सहित अन्य देवस्थानों के लिए जाना जाता है।

चांद बावड़ी की स्थापत्य विशेषता क्या है?

चांद बावड़ी में लगभग 3,500 सममित संकरी सीढ़ियां हैं और चौथी ओर तीन मंजिला मंडप बना है।