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अपना जिला जानें

बीकानेर

ऊँटों का देश — राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा जिला

अंतिम सत्यापन: 2026-05-04

बीकानेर क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा जिला है; इसका क्षेत्रफल 30,247.90 वर्ग किमी है और इसकी स्थापना 1488 ई. में मारवाड़ के राव जोधा के पुत्र राव बीका ने की थी। यह जिला भारत में ऊँट अनुसंधान का केंद्र है; यहाँ 1984 में ऊँट परियोजना निदेशालय स्थापित हुआ और 1995 में राष्ट्रीय ऊँट अनुसंधान केंद्र में उन्नत हुआ। बीकानेर बीकानेरी भुजिया के GI टैग, जोरबीड़ संरक्षण रिज़र्व और पूगल सोलर पार्क से जुड़ा है, जिसे राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2024-25 ने 2,450 MW के RSDCL प्रोजेक्ट के रूप में सूचीबद्ध किया है और राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग के अभिलेख 1,600 MW/6,400 MWh ESS खरीद दर्ज करते हैं। बीकानेर की पाकिस्तान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा है और यह बीकानेर संभाग का मुख्यालय है।

जिला एक नज़र में

स्थापना1488 ई., राव बीका द्वारा
क्षेत्र का पुराना नामजांगलदेश
क्षेत्रफल30,247.90 वर्ग किमी — राजस्थान में दूसरा सबसे बड़ा
जनसंख्या, जनगणना 201123 लाख 63 हजार 937
लिंग अनुपात (2011)प्रति 1000 पुरुषों पर 905 महिलाएँ
साक्षरता (2011)65.13%; पुरुष 75.90%, महिला 53.23%
मुख्यालयबीकानेर शहर
तहसीलें11 — बीकानेर, नोखा, जसरासर, कोलायत, श्रीडूंगरगढ़, हदां, लूणकरणसर, बज्जू, छत्तरगढ़, खाजूवाला, पूगल
लोकसभा सीटबीकानेर — SC आरक्षित, 1 सीट
विधानसभा सीटें7 — बीकानेर पूर्व, बीकानेर पश्चिम, खाजूवाला SC, कोलायत, लूणकरणसर, नोखा, डूंगरगढ़
अंतरराष्ट्रीय सीमापाकिस्तान के पंजाब प्रांत से लगी उत्तर-पश्चिमी सीमा
कोपेन जलवायुBWh — गर्म मरुस्थलीय
औसत वार्षिक वर्षालगभग 260–300 मिमी — भारत में सबसे कम में से एक
किसके लिए प्रसिद्धजूनागढ़ किला, करणी माता मंदिर, लालगढ़ पैलेस, राष्ट्रीय ऊँट अनुसंधान केंद्र, बीकानेरी भुजिया

इतिहास — प्राचीन → मध्यकालीन → आधुनिक

15वीं सदी से पहले: यह क्षेत्र जांगलदेश के नाम से जाना जाता था — एक बंजर, विरल आबादी वाला क्षेत्र, जहाँ राठौड़ों के आगमन से पहले सिहाग, गोदारा, पूनिया और बेनीवाल जैसे जाट कुल निवास करते थे।

1465 ई.: जोधपुर के संस्थापक राव जोधा के सबसे बड़े जीवित पुत्र राव बीका, अपने पिता के एक अनजाने ताने के बाद 500 सैनिकों और 100 घुड़सवारों के साथ मारवाड़ से चले।

1485 ई.: रति घाटी किले का निर्माण; 1488 ई. में वैशाख शुक्ल तृतीया यानी अक्षय तृतीया को राव बीका द्वारा बीकानेर शहर की स्थापना — प्रत्येक वर्ष बीकानेर स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है।

1571–1611: राय सिंह काल — अकबर के सेनापति; 1589–94 के दौरान जूनागढ़ किला, मूल रूप से चिंतामणि दुर्ग, बनवाया और बीकानेर राज्य को अपने चरम पर पहुँचाया।

1818: महाराजा सूरत सिंह ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ अधीनस्थ संधि पर हस्ताक्षर किए — बीकानेर परमसत्ता के अधीन एक रियासत बन गया।

महाराजा गंगा सिंह, 1887–1943: आधुनिक काल के प्रमुख शासक; उन्होंने गंगा नहर और लालगढ़ पैलेस बनवाए, सेना का आधुनिकीकरण किया और बीकानेर ऊँट दल से जुड़े रहे, जिसने प्रथम विश्व युद्ध में ख्याति पाई।

30 मार्च 1949: राजस्थान दिवस पर बीकानेर रियासत वृहत् राजस्थान संघ में विलीन हुई। सादुल सिंह 1943–1949 के दौरान अंतिम शासक महाराजा थे।

इंदिरा गांधी नहर की शुरुआत राजस्थान नहर परियोजना के रूप में हुई; इसकी संकल्पना 1948 में हुई और 31 मार्च 1958 को उद्घाटन हुआ। कंवर सेन लिफ्ट नहर बीकानेर शहर और नहरी कृषि पट्टी को सेवा देती है।

1984: बीकानेर में ऊँट परियोजना निदेशालय की स्थापना; 1995 में इसे राष्ट्रीय ऊँट अनुसंधान केंद्र में उन्नत किया गया। राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2024-25 पूगल सोलर पार्क को 2,450 MW के RSDCL प्रोजेक्ट के रूप में सूचीबद्ध करती है, जबकि राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग के अभिलेख 1,600 MW/6,400 MWh ESS खरीद दर्ज करते हैं।

कला, संस्कृति, विरासत एवं पर्यटन

जूनागढ़ किला: अकबर के सेनापति राजा राय सिंह ने 1589 में नींव रखी और 1594 में निर्माण पूरा कराया; इसका मूल नाम चिंतामणि किला था और इसे आक्रमण में कभी न गिरने वाले किले के रूप में याद किया जाता है।

लालगढ़ पैलेस: इंडो-सारसेनिक शैली, सर सैमुअल स्विंटन जैकब द्वारा 20वीं सदी की शुरुआत में महाराजा गंगा सिंह के लिए डिज़ाइन, लाल बलुआ पत्थर से निर्मित।

करणी माता मंदिर, देशनोक: करणी माता को समर्पित, बीकानेर एवं जोधपुर के राठौड़ों की कुलदेवी; लगभग 25,000 पवित्र काबा चूहों के लिए प्रसिद्ध, जिन्हें पुनर्जन्मी भक्तों के रूप में पूजा जाता है।

उस्ता कला: ऊँट के चमड़े, लकड़ी और संगमरमर पर सोने की उभारकारी कला; वस्त्र मंत्रालय इसे 16वीं सदी के उत्तरार्ध के बीकानेर दरबार संरक्षण और जूनागढ़ किले के अनूप महल जैसे आंतरिक भागों से जोड़ता है।

बीकानेर लघु चित्रकला शैली: मुग़ल प्रभाव वाली राजस्थानी दरबारी शैली; संग्रहालय और कला-इतिहास स्रोत इसकी विशिष्ट पहचान को विशेष रूप से करण सिंह और अनूप सिंह के संरक्षण से जोड़ते हैं।

अनूप संस्कृत पुस्तकालय: बीकानेर का ऐतिहासिक पांडुलिपि भंडार; अभिलेखीय सूचीपत्र इसे पूर्व बीकानेर दरबार से जुड़ी संस्कृत और राजस्थानी पांडुलिपियों का संग्रह बताते हैं।

बीकानेर से जुड़े लोक प्रदर्शन रूपों में कतरियासर का जसनाथी अग्नि नृत्य, होली-कालीन गिंदड़ और खुले मंच का रम्मत लोक नाट्य शामिल हैं।

अंतरराष्ट्रीय ऊँट महोत्सव: राजस्थान पर्यटन द्वारा प्रचारित बीकानेर का वार्षिक आयोजन, जिसमें ऊँट सज्जा, दौड़, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ होती हैं।

भूगोल, जलवायु एवं पारिस्थितिकी

राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी कोने में स्थित: 27°11′ उत्तर–29°03′ उत्तर, 71°54′ पूर्व–74°12′ पूर्व। थार रेगिस्तान का बालू मैदान, अनुदैर्ध्य और बरखान बालू टीलों के साथ।

कोई बारहमासी नदी नहीं — बीकानेर पूरी तरह से इंदिरा गांधी नहर (IGNP) पर निर्भर है, जो जिले में उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम की ओर बहती है।

औसत ऊँचाई 220–240 मीटर; सबसे ऊँचा बिंदु कोलायत रिज लगभग 280 मीटर है। मिट्टी ऐओलियन बालुई है, जिसमें रेग और कैल्सिक प्रकृति, लवणीय-क्षारीय धब्बे और नोखा-बीकानेर में जिप्सम पट्टियाँ हैं।

जलवायु शुष्क मरुस्थलीय है: सूखी हवा, गर्मियों की तेज़ गर्म हवाएँ, तापमान लगभग 48 °C तक और सर्दियों में करीब 10 °C तक गिरावट; औसत वर्षा लगभग 260–300 मिमी है।

वन्यजीव और पक्षी-दर्शन: जिला औद्योगिक प्रोफ़ाइल गजनेर वन्यजीव अभयारण्य को सूचीबद्ध करती है, जबकि बीकानेर के पास जोरबीड़ संरक्षण रिज़र्व को भारतीय वन्यजीव संस्थान की रिपोर्टिंग गिद्धों और शिकारी पक्षियों के शीतकालीन स्थल के रूप में पहचानती है।

परीक्षा तैयारी के लिए मरुस्थलीय पारिस्थितिकी के उदाहरण: ऊँट, चिंकारा, खेजड़ी और रोहिड़ा राजस्थान के प्रमुख प्रतीक हैं; गोडावण राजस्थान का गंभीर रूप से संकटग्रस्त राज्य पक्षी है और जोरबीड़ गिद्ध पक्षी-दर्शन के लिए महत्त्वपूर्ण है।

खनिज पट्टियाँ: जामसर और सुखपुरा क्षेत्र का जिप्सम, बरसिंगसर, पलाना और गुढ़ा क्षेत्र का लिग्नाइट, बेंटोनाइट, फुलर्स अर्थ, तथा लूणकरणसर तहसील के डूलमेरा गाँव का लाल बलुआ पत्थर।

अर्थव्यवस्था — क्षेत्र, उद्योग, ऊर्जा

आर्थिक आधार: कृषि और पशुपालन, जिप्सम-लिग्नाइट-लाल बलुआ पत्थर खनिज, बीकानेरी भुजिया और अन्य खाद्य प्रसंस्करण, ऊन एवं कालीन इकाइयाँ, सेरेमिक, पर्यटन और बड़े अक्षय ऊर्जा प्रोजेक्ट।

कृषि: शुद्ध बुवाई क्षेत्र लगभग 16 लाख हेक्टेयर, यानी जिले का करीब 53%। खरीफ में बाजरा सबसे प्रमुख है, साथ में मूँग, मोठ, ग्वार, तिल, मूँगफली और नहरी क्षेत्र में कपास उगती है। रबी में नहरी क्षेत्र का गेहूँ, सरसों, चना, जीरा, इसबगोल और तारामीरा प्रमुख हैं।

बीकानेरी भुजिया को GI दर्जा मिला है, और जिला औद्योगिक प्रोफ़ाइल बीकानेर के संसाधन-आधारित खाद्य उद्योगों में भुजिया, पापड़ और रसगुल्ला सूचीबद्ध करती है।

ऊन और कालीन: जिला औद्योगिक प्रोफ़ाइल बीकानेर के संसाधन-आधारित उद्योगों में ऊनी सूत, ऊनी निटिंग और हथकरघा कालीन इकाइयों को सूचीबद्ध करती है।

सेरेमिक और पत्थर उत्पाद: जिला औद्योगिक प्रोफ़ाइल बीकानेर की औद्योगिक संभावनाओं में सेरेमिक उत्पाद, ग्लेज्ड टाइल, सैनिटरीवेयर और डूलमेरा क्षेत्र के लाल बलुआ पत्थर को सूचीबद्ध करती है।

ऊर्जा: बीकानेर में प्रमुख सौर ऊर्जा परियोजनाएँ हैं। राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2024-25 पूगल सोलर पार्क को 2,450 MW के RSDCL प्रोजेक्ट के रूप में सूचीबद्ध करती है और राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग के अभिलेख 2,450 MW सौर क्षमता तथा 1,600 MW/6,400 MWh ESS की खरीद दर्ज करते हैं। अन्य संयंत्र और परियोजनाएँ कर्निसर-भाटियान NHPC 300 MW, बरसिंगसर सोलर NLC India 300 MW, बरसिंगसर थर्मल NLCIL 250 MW लिग्नाइट, SJVN 1 GW वाणिज्यिक रूप से चालू, और NTPC REL बीकानेर सोलर तथा 250 MW/1,000 MWh BESS टेंडर हैं।

खजूर बागवानी: ICAR बीकानेर जिले के खारा में सरकारी यंत्रीकृत खजूर फार्म बताता है, और ICAR-CIAH की वार्षिक रिपोर्टिंग बीकानेर तथा पश्चिमी राजस्थान में खजूर और अनार अपनाने के अध्ययन दर्ज करती है।

पशुधन: राठी एक महत्त्वपूर्ण दुधारू नस्ल है जो बीकानेर जिले की लूणकरणसर तहसील में विशेष रूप से केंद्रित है; डेयरी नॉलेज पोर्टल औसत उत्पादन लगभग 1,560 किलोग्राम प्रति दुग्ध-चक्र और 1,062-2,810 किलोग्राम की सीमा बताता है।

राजनीतिक एवं प्रशासनिक संरचना

बीकानेर लोकसभा SC आरक्षित है और इसमें 8 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। 2024 आम चुनाव परिणामों के अनुसार वर्तमान सांसद भाजपा के अर्जुन राम मेघवाल हैं; वे क़ानून एवं न्याय मंत्रालय में स्वतंत्र प्रभार वाले केंद्रीय राज्य मंत्री और संसदीय कार्य मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री हैं।

विधानसभा — 2023 राजस्थान विधान सभा चुनाव के अनुसार 7 सीटें: बीकानेर पूर्व, बीकानेर पश्चिम, खाजूवाला SC, कोलायत, लूणकरणसर, नोखा, डूंगरगढ़।

दिसंबर 2024 में अनूपगढ़ जिले के निरस्तीकरण के बाद बीकानेर संभाग आयुक्तालय में बीकानेर, श्री गंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू शामिल हैं। ज़िलाधीश एवं मजिस्ट्रेट IAS शीर्ष राजस्व एवं नियामक प्राधिकारी हैं।

प्रशासनिक संरचना: दिसंबर 2024 के राजपत्रीय पुनर्गठन के बाद 9 उप-संभाग और 11 तहसीलें; 6 पंचायत समितियाँ, 1,498 गाँव, 290 ग्राम पंचायतें, 1 नगर निगम तथा देशनोक, नोखा, डूंगरगढ़, खाजूवाला, लूणकरणसर आदि 6 नगर परिषदें।

रक्षा और सामरिक प्रतिष्ठान: महाजन फील्ड फायरिंग रेंज MFFR, लगभग 600 वर्ग किमी, भारत-अमेरिका युद्ध अभ्यास और इंद्र अभ्यास 2025 का स्थल; BSF सेक्टर HQ बीकानेर भारत-पाक सीमा के लगभग 168 किमी खाजूवाला और पूगल सेक्टर की रक्षा करता है; नाल वायुसेना अड्डा दक्षिण-पश्चिम वायु कमान के अंतर्गत शहर से करीब 11 किमी पर स्थित है; भारतीय सेना दक्षिण-पश्चिम कमान का क्षेत्रीय प्रभाव और बीकानेर-1 तथा बीकानेर-2 छावनियाँ भी महत्त्वपूर्ण हैं।

शासन पहल एवं योजनाएँ (2025-26)

क्लीन एंड ग्रीन इको सिटीज़: राजस्थान बजट 2025-26 ने इस पहल के लिए 900 करोड़ रुपये निर्धारित किए, और राज्य समसामयिकी रिपोर्टिंग ने बाद में बीकानेर को इस पहल के अंतर्गत स्वीकृत शहरों में सूचीबद्ध किया।

PBM अस्पताल बजट मद: राजस्थान बजट 2025-26 ने बीकानेर के PBM अस्पताल में विट्रियो-रेटिना सर्जरी यूनिट के उन्नयन की घोषणा की।

पूगल सोलर पार्क: राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2024-25 इसे 2,450 MW के RSDCL प्रोजेक्ट के रूप में सूचीबद्ध करती है; राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग के अभिलेख 2,450 MW सौर क्षमता और 1,600 MW/6,400 MWh ESS की खरीद दर्ज करते हैं।

लखपति दीदी योजना: राजस्थान बजट 2025-26 महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से राज्यभर में 20 लाख लखपति दीदी का लक्ष्य बताता है।

मुख्यमंत्री सुपोषण न्यूट्री-किट: गर्भवती महिलाओं को अतिरिक्त पोषण किट — बीकानेर ICDS के माध्यम से लागू। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना: PBM अस्पताल सूचीबद्ध।

ऊँट संरक्षण अनुदान: राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2024-25 नवजात ऊँट शावकों के लिए सहायता दर्ज करती है, जिसे 2024-25 में 10,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये किया गया और इससे राज्यभर के ऊँटपालक लाभान्वित हुए।

अन्य सक्रिय योजनाएँ: PM-KUSUM में बीकानेर समूह में 20,000 से अधिक सौर कृषि पंप स्वीकृत बताए गए, PM आवास योजना ग्रामीण में पूगल, खाजूवाला और बज्जू में बड़ी कवरेज, जल जीवन मिशन में बीकानेर FHTC प्रगति लगभग 80%+, MGNREGA में व्यक्ति-दिवसों में शीर्ष-पाँच जिला, PM विश्वकर्मा में उस्ता कारीगर और बलुआ पत्थर तराशने वाले, RUSA-PMUSHA में MGS विश्वविद्यालय बीकानेर, और मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना में बीकानेर के SC/ST/EWS युवाओं को मुफ़्त कोचिंग बताई गई है।

PYQ एक-पंक्ति (RAS / RPSC / RSSB)

किसी भी परीक्षा उपयोग से पहले सटीक विकल्पों की जाँच आधिकारिक RPSC / RSSB प्रश्न पत्रों से करें।

RAS Pre 2018

Q. बीकानेर की स्थापना किसने और किस वर्ष की?

उ. राव बीका, 1488 ई.

RAS Pre 2021

Q. क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान का सबसे बड़ा जिला जैसलमेर है; दूसरा सबसे बड़ा है —

उ. बीकानेर — 30,247.90 वर्ग किमी

RAS Pre 2023

Q. सबनियन पुरातात्विक स्थल किस जिले में है?

उ. बीकानेर — झरोल/उदयपुर और कुराड़ा/नागौर के समान ताम्रपाषाण संस्कृति

RAS Pre 2024

Q. बीकानेर लोकसभा किस श्रेणी के लिए आरक्षित है और वर्तमान सांसद कौन हैं?

उ. SC आरक्षित; वर्तमान सांसद — भाजपा के अर्जुन राम मेघवाल

RPSC

Q. भारत में जिप्सम का सबसे बड़ा भंडार स्थित है —

उ. बीकानेर — जामसर और सुखपुरा

RPSC

Q. बीकानेर का कोपेन जलवायु वर्गीकरण है —

उ. BWh — गर्म मरुस्थलीय

RAS Mains 2021

Q. महाराजा गंगा सिंह ने किस रेजिमेंट की स्थापना की?

उ. गंगा रिसाला, बीकानेर ऊँट दल — प्रथम विश्व युद्ध में मिस्र और फ़्रांस में सक्रिय रहा

RPSC

Q. जोरबीड़ संरक्षण रिज़र्व किसके लिए जाना जाता है?

उ. गिद्ध और अन्य शिकारी पक्षी

हाल की घटनाएँ — बीकानेर

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स्वयं को परखें — 10 प्रश्न

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प्रश्न 1 / 10

बीकानेर की स्थापना किसने और किस वर्ष की?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीकानेर को ऊँटों का देश क्यों कहा जाता है?

बीकानेर भारत के ऊँट अनुसंधान केंद्र से जुड़ा है: 1984 में ऊँट परियोजना निदेशालय स्थापित हुआ और 1995 में इसे राष्ट्रीय ऊँट अनुसंधान केंद्र में उन्नत किया गया। यह ऊँट की चार भारतीय नस्लों, वार्षिक अंतरराष्ट्रीय ऊँट महोत्सव और गंगा रिसाला नाम से प्रसिद्ध बीकानेर ऊँट दल से भी जुड़ा है, जिसकी प्रथम विश्व युद्ध सेवा दर्ज है।

बीकानेर RAS / RPSC पाठ्यक्रम में कहाँ आता है?

RAS / RPSC तैयारी में बीकानेर राजस्थान इतिहास, कला-संस्कृति, भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजनीति और समसामयिकी विषयों से जुड़ता है: राव बीका, राय सिंह, महाराजा गंगा सिंह, जूनागढ़ किला, करणी माता, उस्ता कला, बीकानेर चित्रकला, बीकानेरी भुजिया GI, थार रेगिस्तान, इंदिरा गांधी नहर, जिप्सम, अक्षय ऊर्जा, प्रशासनिक संरचना और पूगल सोलर पार्क।

बीकानेर में कौन सी प्रतिष्ठित प्रजातियाँ पाई जाती हैं?

बीकानेर की परीक्षा-प्रासंगिक मरुस्थलीय पारिस्थितिकी को ऊँट, चिंकारा, खेजड़ी, रोहिड़ा, राजस्थान के गंभीर रूप से संकटग्रस्त राज्य पक्षी गोडावण और जोरबीड़ में गिद्धों तथा अन्य शिकारी पक्षियों के शीतकालीन प्रवास से समझना बेहतर है।

पूगल सोलर पार्क क्या है?

राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2024-25 बीकानेर के पूगल सोलर पार्क को तीन चरणों में विकसित होने वाले 2,450 MW के RSDCL प्रोजेक्ट के रूप में सूचीबद्ध करती है, जबकि राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग के अभिलेख 2,450 MW सौर क्षमता और 1,600 MW/6,400 MWh ऊर्जा भंडारण प्रणाली ESS की खरीद दर्ज करते हैं।

बीकानेर में कितनी तहसीलें और विधानसभा सीटें हैं?

बीकानेर में 11 तहसीलें हैं: बीकानेर, नोखा, जसरासर, कोलायत, श्रीडूंगरगढ़, हदां, लूणकरणसर, बज्जू, छत्तरगढ़, खाजूवाला और पूगल; इसके साथ 9 उप-संभाग हैं। यह लोकसभा में 1 सांसद भेजता है और बीकानेर लोकसभा SC आरक्षित है। विधानसभा में इसके 7 विधायक क्षेत्र हैं: बीकानेर पूर्व, बीकानेर पश्चिम, खाजूवाला SC, कोलायत, लूणकरणसर, नोखा और डूंगरगढ़।