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अपना जिला जानें

भरतपुर

ब्रज का पूर्वी जिला: केवलादेव, मौसमी नदियां और मैदानी भूगोल

अंतिम सत्यापन: 2026-05-05

भरतपुर राजस्थान के पूर्वी छोर का ब्रज क्षेत्रीय जिला है, जिसकी सीमाएं हरियाणा और उत्तर प्रदेश से जुड़ती हैं। जनगणना 2011 में जिले की आबादी 25.48 लाख, साक्षरता 70.11 प्रतिशत और आबाद गांव 1,432 दर्ज हुए। परीक्षा की दृष्टि से भरतपुर को केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, यूनेस्को विश्व धरोहर पहचान, मौसमी नदी तंत्र और पूर्वी मैदानी बसावट के साथ पढ़ना उपयोगी है।

जिला एक नज़र में

जनसंख्या, 2011जनगणना 2011 में भरतपुर जिले की आबादी 25.48 लाख रही; पुरुष 13.56 लाख और महिलाएं 11.93 लाख दर्ज हुईं।
ग्रामीण-शहरी आबादी, 2011जिले में 20.53 लाख ग्रामीण निवासी और 4.95 लाख शहरी निवासी दर्ज किए गए।
लिंगानुपात, 2011कुल लिंगानुपात प्रति 1,000 पुरुष 880 महिलाएं रहा; ग्रामीण 878 और शहरी 887 दर्ज हुआ।
साक्षरता, 2011कुल साक्षरता 70.11 प्रतिशत रही; पुरुष साक्षरता 84.10 प्रतिशत और महिला साक्षरता 54.24 प्रतिशत दर्ज हुई।
अनुसूचित समुदाय, 2011अनुसूचित जाति आबादी 5.57 लाख यानी 21.87 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति आबादी 54,090 यानी 2.12 प्रतिशत रही।
गांव और कस्बे, 2011जिले में 1,524 गांव दर्ज हुए, जिनमें 1,432 आबाद और 92 निर्जन गांव थे; कस्बों की संख्या 10 रही।
क्षेत्रफल रैंक2011 जिला जनगणना पुस्तिका के अनुसार भरतपुर का क्षेत्रफल 5,066 वर्ग किमी है और राजस्थान में इसका क्षेत्रफल रैंक 26वां है।
केवलादेव विश्व धरोहरकेवलादेव राष्ट्रीय उद्यान 1985 में प्राकृतिक कसौटी के आधार पर यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल हुआ।
केवलादेव क्षेत्रफलयूनेस्को केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान को राजस्थान में 2,873 हेक्टेयर की विश्व धरोहर संपत्ति के रूप में दर्ज करता है, जो आगरा से 50 किमी पश्चिम है।
उपजिलेआईजीओडी में भरतपुर के आठ उपजिले सूचीबद्ध हैं: बयाना, भरतपुर, भुसावर, नदबई, रुदावल, रूपवास, उच्चैन और वैर।
पंच गौरव प्रविष्टियांआर्थिक समीक्षा में भरतपुर के पंच गौरव के रूप में शहद, कदंब, कृषि-आधारित उत्पाद, केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान और कुश्ती दर्ज हैं।
बाल पोषण भार2020 के अनुमान में भरतपुर के पांच वर्ष से कम आयु के 1.40 लाख बच्चे ठिगनेपन और 1.01 लाख बच्चे कम वजन की श्रेणी में आंके गए।

जिला प्रशासन

वर्तमान पदाधिकारी — सार्वजनिक अभिलेखों से।

जिला मजिस्ट्रेट / कलक्टर

क़मर उल ज़मान चौधरी

पुलिस अधीक्षक

दिगंत आनंद

लोकसभा सांसद

संजना जाटव

भरतपुर

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस2024 से

विधायक

ऋतु बनावत

बयाना (अनुसूचित जाति)

निर्दलीय2023 से

विधायक

नौक्षम

कामां

भारतीय जनता पार्टी

विधायक

जगत सिंह

नदबई

भारतीय जनता पार्टी

जिला एवं सत्र न्यायाधीश

बलजीत सिंह

इतिहास — प्राचीन → मध्यकालीन → आधुनिक

केवलादेव आरक्षित क्षेत्र

केवलादेव एक प्राकृतिक अवसाद वाली आर्द्रभूमि में विकसित हुआ, जिसे 19वीं सदी के अंत में बतख-शिकार आरक्षित क्षेत्र के रूप में संभाला गया; 1982 में इसे राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया।

खुदाई स्थल

भरतपुर जिले में नोह, बछावा मंडी, बयाना, कामां, रूपबास और अघापुर जैसे स्थलों पर पुरातात्त्विक खुदाइयां दर्ज हैं।

ऐतिहासिक किला

भरतपुर शहर के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में चौकोर योजना वाला ऐतिहासिक पत्थर-चिनाई किला है, जिसकी ऊंची दीवारों के बाहर लगभग 61 मीटर चौड़ी खाई बनी है।

बयाना विरासत

बयाना भरतपुर से लगभग 45 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में है और विजयगढ़ किला, भीम लाट तथा श्रीपथ और श्रीप्रस्थ जैसे प्राचीन नामों से जुड़ा है।

संग्रहालय स्थापना

11 नवंबर 1944 को स्थापित राजकीय संग्रहालय, भरतपुर ऐतिहासिक लोहागढ़ किले के मध्य भाग में स्थित है।

रियासती संग्रह

महाराजा सवाई ब्रजेन्द्र सिंह के समय 1939 में भरतपुर रियासत के अलग-अलग हिस्सों से संकलित वस्तुएं पहले एक सार्वजनिक पुस्तकालय में प्रदर्शित की गईं।

किला संग्रहालय स्थानांतरण

1944 में भरतपुर संग्रहालय का संग्रह लोहागढ़ किले की कचहरी कलां इमारत में स्थानांतरित हुआ, जिसे बाद में संग्रहालय के रूप में विकसित किया गया।

बलवंत सिंह भवन

कचहरी कलां और कमरा खास इमारतें 19वीं सदी के पहले भाग में महाराजा बलवंत सिंह जी के शासनकाल में बनवाई गई थीं।

कला, संस्कृति, विरासत एवं पर्यटन

केवलादेव घना

जिला जनगणना पुस्तिका में केवलादेव घना को भरतपुर शहर से लगा प्रसिद्ध जल-पक्षी प्रजनन अभयारण्य और जल-पक्षियों के वैज्ञानिक अध्ययन का केंद्र बताया गया है।

ब्रज लोककलाएं

भरतपुर जिला ब्रज क्षेत्र का हिस्सा है; यहां रासलीला, फाग, रसिया, लांगुरिया और नौटंकी में ब्रज संस्कृति की स्पष्ट छाप दिखती है।

राजकीय संग्रहालय

राजकीय संग्रहालय, भरतपुर में पूर्ववर्ती भरतपुर रियासत से संकलित पुरावशेष और कलात्मक सामग्री सुरक्षित रखी गई है।

संग्रहालय संग्रह

राजकीय संग्रहालय, भरतपुर में 581 से अधिक पत्थर प्रतिमाएं तथा 861 स्थानीय कला-शिल्प वस्तुएं और प्राचीन पांडुलिपियां प्रदर्शित हैं।

उत्खनित प्रतिमाएं

नोह, मल्लाह, बरेह और बयाना से मिली प्रतिमाएं, जिनका काल कुषाण युग से 19वीं सदी ईस्वी तक फैला है, राजकीय संग्रहालय, भरतपुर में देखी जा सकती हैं।

शस्त्र दीर्घा

राजकीय संग्रहालय, भरतपुर के शस्त्र अनुभाग में 17वीं सदी से जाट योद्धाओं द्वारा इस्तेमाल हथियार और कवच, साथ ही ब्रिटिश साम्राज्य से प्राप्त कुछ शस्त्र प्रदर्शित हैं।

भूगोल, जलवायु एवं पारिस्थितिकी

पूर्वी सीमा

2011 की जिला जनगणना पुस्तिका में भरतपुर को राजस्थान का सबसे पूर्वी जिला बताया गया है; इसकी सीमा उत्तर में हरियाणा के गुड़गांव, पूर्व में उत्तर प्रदेश के मथुरा और आगरा, पश्चिम में अलवर और दौसा तथा दक्षिण में धौलपुर से मिलती है।

मैदान और पहाड़ियां

भरतपुर और नदबई तहसीलों में मुख्यतः समतल मैदानी भू-भाग मिलता है, जबकि बयाना और रूपबास तहसीलों में पहाड़ी क्षेत्र पाए जाते हैं।

मौसमी नदियां

भरतपुर जिले में कोई बारहमासी नदी नहीं है; गंभीर, बाणगंगा और रूपारेल इसकी प्रमुख मौसमी नदियां हैं।

वार्षिक वर्षा

भरतपुर जिले की सामान्य वार्षिक वर्षा 663.9 मिमी दर्ज की जाती है।

बाढ़-प्रवण मैदान

भरतपुर बाढ़-प्रवण पूर्वी मैदान में आता है; खरीफ में बाजरा, ग्वार व मूंगफली और रबी में गेहूं, जौ, सरसों व चना प्रमुख फसलें हैं।

प्रवासी आर्द्रभूमि

केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान पालीआर्कटिक प्रवासी जलपक्षियों का महत्त्वपूर्ण शीतकालीन पड़ाव है और यहां स्थानीय प्रजनन करने वाले पक्षियों के बड़े समूह भी मिलते हैं।

आर्द्रभूमि मिश्रण

केवलादेव का परिदृश्य घासभूमि, वनभूमि, दलदली वन और आर्द्रभूमि का मिश्रण है; यहां लगभग 375 पक्षी प्रजातियां और अन्य जीव-रूप दर्ज हैं।

प्रवासी मार्ग

मध्य एशियाई प्रवासी मार्ग के बीच स्थित होने और जल उपलब्धता के कारण केवलादेव में सर्दियों में बतख, हंस, कूट, पेलिकन और जलकांठी पक्षी पहुंचते हैं।

शीतकालीन आवास

केवलादेव अत्यंत संकटग्रस्त साइबेरियन सारस की मध्य आबादी का एकमात्र ज्ञात शीतकालीन स्थल रहा है; यहां वैश्विक स्तर पर संकटग्रस्त ग्रेटर स्पॉटेड ईगल और इंपीरियल ईगल भी सर्दी बिताते हैं।

प्रजनन आवास

प्रजनन ऋतु में केवलादेव बड़ा बगुला-आवास बन जाता है, जहां बगुले, आइबिस, जलकाग, स्पूनबिल और सारसों की 15 प्रजातियां मिलती हैं; अच्छी जलभराव वाली वर्षा में 20,000 से अधिक पक्षी घोंसले बनाते हैं।

प्रबंधित आर्द्रभूमि

केवलादेव की आर्द्रभूमियां प्राकृतिक नहीं हैं; वे मानसून और बाहर से लाए गए पानी पर निर्भर रहती हैं, परंपरागत रूप से अजान बांध जलाशय से जल मिलता रहा है।

आर्द्रभूमि दबाव

यूनेस्को के अनुसार केवलादेव के प्रमुख खतरे जल-आपूर्ति की मात्रा व गुणवत्ता, प्रोसोपिस, आइकॉर्निया और पास्पालम जैसी आक्रामक वनस्पति तथा पड़ोसी गांवों के अनुचित उपयोग से जुड़े हैं।

अर्थव्यवस्था — क्षेत्र, उद्योग, ऊर्जा

कामगार संख्या

जनगणना 2011 के अनुसार भरतपुर जिले में कुल कामगार 10.71 लाख थे, जिनमें 6.95 लाख मुख्य कामगार और 3.76 लाख सीमांत कामगार शामिल थे।

कृषि कामगार

जनगणना 2011 में भरतपुर के मुख्य और सीमांत कामगारों में कृषक 46.77 प्रतिशत तथा कृषि मजदूर 22.30 प्रतिशत दर्ज किए गए।

भूमि उपयोग

भरतपुर में 2014-15 के भूमि-उपयोग आंकड़ों के अनुसार कुल क्षेत्र 5.16 लाख हेक्टेयर, वन क्षेत्र 33,645 हेक्टेयर, गैर-कृषि भूमि 61,795 हेक्टेयर और शुद्ध बोया क्षेत्र 3.96 लाख हेक्टेयर था।

खनिज क्षेत्र

भरतपुर जिले के लगभग 2.5 प्रतिशत क्षेत्र में खान और खनिज गतिविधियां आती हैं; खनिज सामान्यतः बयाना, कामां, वैर, भुसावर, डीग, रूपवास और भरतपुर के आसपास मिलते हैं।

प्रमुख खनिज

भरतपुर के प्रमुख खनिजों में सिलिका रेत, सोपस्टोन, ईंट-मिट्टी, मिलस्टोन और क्वार्टजाइट शामिल हैं; ईंट-मिट्टी लगभग पूरे जिले में मिलती है।

लघु इकाइयां

औद्योगिक प्रोफाइल के अनुसार भरतपुर में 11,515 पंजीकृत सूक्ष्म और लघु इकाइयां थीं; इनमें 47,981 लोगों को रोजगार, 14,374.02 लाख रुपये का निवेश और छह औद्योगिक क्षेत्र दर्ज थे।

औद्योगिक क्षेत्र

31 मार्च 2016 तक भरतपुर के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में पुराना औद्योगिक क्षेत्र, ब्रज औद्योगिक क्षेत्र, बयाना औद्योगिक क्षेत्र, डीग औद्योगिक क्षेत्र, जुरहरा औद्योगिक क्षेत्र और आईआईडी केंद्र बयाना शामिल थे।

बड़ा उद्योग

भरतपुर में सूचीबद्ध चालू बड़े उद्योग के रूप में माल गोदाम मार्ग स्थित सिमको बिड़ला लिमिटेड दर्ज थी, जो रेल वैगन मशीनरी और इस्पात संरचनात्मक उत्पाद बनाती थी; इसमें 281.28 करोड़ रुपये का निवेश और 245 कर्मचारी बताए गए।

पर्यटन सेवाएं

जिले में केवलादेव घना पक्षी अभयारण्य होने के कारण प्रोफाइल ने भरतपुर में होटल तथा टूर-ट्रैवल एजेंसियों जैसी पर्यटन-सेवा गतिविधियों की संभावना रेखांकित की।

उद्यम संभावनाएं

भरतपुर के लिए संभावित नए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों में खाद्य तेल रिफाइनरी, तेल मिलें, दाल मिलें, टमाटर केचप और सॉस, निर्जलित सब्जियां, आटा मिलें, पत्थर कटाई-पॉलिश, स्टोन ग्रिट और तेल एक्सपेलर सूचीबद्ध थे।

तेल मिल समूह

भरतपुर के खाद्य तेल मिल क्लस्टर में 80 चालू इकाइयां, 4 करोड़ रुपये का कारोबार, 1,500 लोगों का प्रत्यक्ष रोजगार और 2,500 लोगों का अप्रत्यक्ष रोजगार दर्ज था।

एक जिला उत्पाद

25 जुलाई 2025 तक राजस्थान की ओडीओपी सूची में भरतपुर का एक जिला एक उत्पाद कृषि-आधारित उत्पाद के रूप में चिह्नित था।

जिला आय

2024-25 के लिए चालू कीमतों पर भरतपुर का अनंतिम जीडीडीपी 45,804 करोड़ रुपये और चालू कीमतों पर अनंतिम जिला प्रति व्यक्ति आय 1,35,662 रुपये दर्ज की गई।

राजनीतिक एवं प्रशासनिक संरचना

प्रशासनिक इकाइयां

2011 जिला जनगणना पुस्तिका में भरतपुर जिले में 10 उपखंड और 10 तहसील मुख्यालय बताए गए हैं।

पंचायत समितियां

ग्रामीण विकास और पंचायती राज क्रियान्वयन के लिए 2011 जिला जनगणना पुस्तिका भरतपुर जिले को 9 पंचायत समितियों में विभाजित बताती है।

ग्राम पंचायतें

2011 जिला जनगणना पुस्तिका भरतपुर जिले में 365 ग्राम पंचायतें दर्ज करती है।

उद्यान संरक्षण

केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 और भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत कानूनी संरक्षण प्राप्त है तथा इसका प्रबंधन राजस्थान वन विभाग करता है।

शहरी प्राधिकरण

आर्थिक समीक्षा में भरतपुर को राजस्थान के सात सक्रिय शहरी विकास प्राधिकरणों में शामिल किया गया है।

रूपवास मास्टर प्लान

एनसीआर सेल ने भरतपुर जिले के रूपवास कस्बे के लिए प्रारूप मास्टर प्लान-2041 तैयार किया।

सरकारी निर्देशिका

आईजीओडी पर भरतपुर उप-जिला पृष्ठ की श्रेणी संरचना राज्य/केंद्रशासित प्रदेश सरकार > राजस्थान > जिले > भरतपुर > उप-जिले के क्रम में दी गई है।

लोकसभा मतदाता

भारत निर्वाचन आयोग की लोकसभा चुनाव 2024 की क्षेत्रवार विस्तृत तालिका में भरतपुर लोकसभा क्षेत्र क्रमांक 9 है; यहां कुल मतदाता 21,24,971 दर्ज हैं।

लोकसभा विजेता

लोकसभा चुनाव 2024 में भरतपुर से आईएनसी की संजना जाटव क्रम संख्या 1 पर रहीं; उन्हें 5,79,890 कुल मत और वैध मतों का 51.43 प्रतिशत मिला।

दूसरे स्थान के मत

लोकसभा चुनाव 2024 में भरतपुर से भाजपा के रामस्वरूप कोली क्रम संख्या 2 पर रहे; उन्हें 5,27,907 कुल मत और वैध मतों का 46.82 प्रतिशत मिला।

मत योग

लोकसभा चुनाव 2024 की ईसीआई भरतपुर तालिका में 11,16,850 सामान्य मत, 16,150 डाक मत और सूचीबद्ध प्रविष्टियों में कुल 11,33,000 मत जोड़े गए।

भरतपुर विधायक

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में क्षेत्र 73 भरतपुर में कुल मतदाता 2,79,032 थे; राष्ट्रीय लोकदल के डॉ. सुभाष गर्ग को 81,878 कुल मत, यानी 43.26 प्रतिशत, मिले।

नदबई विधायक

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में क्षेत्र 74 नदबई में कुल मतदाता 2,91,897 थे; भाजपा के जगत सिंह को 1,03,795 कुल मत, यानी 50.15 प्रतिशत, मिले।

बयाना विधायक

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में क्षेत्र 76 बयाना अनुसूचित जाति आरक्षित में कुल मतदाता 2,66,511 थे; निर्दलीय डॉ. ऋतु बनावत को 1,05,749 कुल मत, यानी 54.94 प्रतिशत, मिले।

शासन पहल एवं योजनाएँ (2025-26)

ओडीओपी बायर मीट

ओडीओपी पर विशेष फोकस के साथ बायर-सेलर मीट के लिए आरईपीसी को 20.00 लाख रुपये हस्तांतरित हुए; ऐसी मीट के स्थानों में भरतपुर भी सूचीबद्ध था।

मोटा अनाज मिशन

वर्ष 2025-26 के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन में मोटे अनाज के तहत भरतपुर को ज्वार और बाजरा, दोनों फसल कवरेज में शामिल किया गया।

कपास मिशन

वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन की वाणिज्यिक फसल घटक में कपास के लिए जिन 18 जिलों का कवरेज है, उनमें भरतपुर शामिल है।

वनस्पति उद्यान

जयपुर के वर्ल्ड फॉरेस्ट्री आर्बोरेटम के मॉडल पर भरतपुर सहित छह शहरों में वनस्पति उद्यान विकसित किए जा रहे हैं।

स्टार्टअप इनक्यूबेटर

दिसंबर 2025 तक 2025-26 में भरतपुर में स्टार्टअप इनक्यूबेटर स्थापित हो चुका था; इसी सूची में जयपुर, कोटा, बीकानेर, चूरू, पाली, जोधपुर और उदयपुर भी थे।

एएनसी पंजीकरण

जिला पोषण प्रोफाइल के अनुसार भरतपुर में एएनसी के लिए 60,846 गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण दर्ज था।

संस्थागत प्रसव

जिला पोषण प्रोफाइल में भरतपुर में 53,379 संस्थागत प्रसव दर्ज किए गए।

PYQ एक-पंक्ति (RAS / RPSC / RSSB)

किसी भी परीक्षा उपयोग से पहले सटीक विकल्पों की जाँच आधिकारिक RPSC / RSSB प्रश्न पत्रों से करें।

भरतपुर के PYQ एक-पंक्ति तथ्य शीघ्र उपलब्ध होंगे।

स्वयं को परखें — 10 प्रश्न

ऊपर के जिला संदर्भ से क्विक सेल्फ़-टेस्ट। द्विभाषी, लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

प्रश्न 1 / 10

२०११ की जिला जनगणना पुस्तिका के अनुसार भरतपुर जिले की कुल जनसंख्या कितनी थी?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनगणना 2011 में भरतपुर जिले की आबादी कितनी दर्ज हुई थी?

जनगणना 2011 में भरतपुर जिले की आबादी 25,48,462 दर्ज हुई; इसमें 13,55,726 पुरुष और 11,92,736 महिलाएं थीं।

भरतपुर के लिए केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान क्यों महत्वपूर्ण है?

यूनेस्को के अनुसार केवलादेव 2,873 हेक्टेयर का विश्व धरोहर स्थल है, जिसे 1985 में सूचीबद्ध किया गया था; यह पैलिआर्कटिक क्षेत्र से आने वाले प्रवासी जलपक्षियों का प्रमुख शीतकालीन पड़ाव भी है।

भरतपुर जिले से कौन-कौन सी नदियाँ जुड़ी हैं?

डीसीएचबी के अनुसार जिले में कोई बारहमासी नदी नहीं है; गंभीर, बाणगंगा और रूपारेल इसकी मुख्य मौसमी नदियाँ हैं।

भरतपुर की संस्कृति पर किस क्षेत्र का प्रभाव माना जाता है?

डीसीएचबी भरतपुर को ब्रज क्षेत्र में रखता है; रासलीला, फाग, रसिया, लांगुरिया और नौटंकी जैसी परंपराओं में ब्रज प्रभाव बताया गया है।

आईजीओडी भरतपुर के कौन-कौन से उपजिले सूचीबद्ध करता है?

आईजीओडी पर भरतपुर के आठ उपजिले सूचीबद्ध हैं: बयाना, भरतपुर, भुसावर, नदबई, रुदावल, रूपबास, उच्चैन और वैर।

भरतपुर की एक जिला एक उत्पाद प्रविष्टि क्या है?

राजस्थान की ओडीओपी सूची में 25 जुलाई 2025 तक भरतपुर के लिए एक जिला एक उत्पाद के रूप में कृषि-आधारित उत्पाद दर्ज है।

भरतपुर में कौन सा औद्योगिक क्लस्टर सूचीबद्ध है?

जिला औद्योगिक संभाव्यता रिपोर्ट भरतपुर में खाद्य तेल मिल क्लस्टर बताती है, जिसमें 80 चालू इकाइयाँ और 4 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज है।

ईसीआई की 2024 तालिका में भरतपुर लोकसभा क्षेत्र के मतदाता कितने थे?

भारत निर्वाचन आयोग के 2024 निर्वाचन-क्षेत्रवार परिणामों में भरतपुर क्रमांक 9 है; कुल मतदाता 21,24,971 दर्ज हैं।