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अपना जिला जानें

अलवर

अरावली, सरिस्का और औद्योगिक गलियारों से पहचाना जाने वाला पूर्वी राजस्थान का ऐतिहासिक जिला।

अंतिम सत्यापन: 2026-05-05

अलवर राजस्थान के उत्तर-पूर्व में अरावली की पहाड़ियों, सरिस्का बाघ अभयारण्य, पुराने किलों और तेज औद्योगिक गतिविधियों से जुड़ा जिला है। 2011 की जनगणना में इसकी बड़ी आबादी, घना ग्रामीण आधार और राज्य औसत से बेहतर साक्षरता इसे प्रशासन, पर्यटन, वन्यजीव संरक्षण और विनिर्माण के संगम के रूप में सामने लाते हैं।

जिला एक नज़र में

क्षेत्रफल8,380 वर्ग किमी; 2011 जिला जनगणना पुस्तिका के अनुसार क्षेत्रफल में राजस्थान के जिलों में 15वां स्थान।
जनसंख्याजनगणना 2011 में 36.74 लाख जनसंख्या, जिसमें 19.39 लाख पुरुष और 17.35 लाख महिलाएं शामिल थीं।
जनघनत्वजनगणना 2011 में 438 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी।
साक्षरताजनगणना 2011 में 70.7 प्रतिशत, जो राजस्थान के 66.1 प्रतिशत औसत से अधिक था।
गांवजनगणना 2011 में 2,054 गांव, जिनमें 2,021 आबाद और 33 गैर-आबाद थे।
सरिस्का बाघ अभयारण्य क्षेत्र881.11 वर्ग किमी कोर क्षेत्र, 332.23 वर्ग किमी बफर क्षेत्र और 1,213.34 वर्ग किमी कुल क्षेत्र।

जिला प्रशासन

वर्तमान पदाधिकारी — सार्वजनिक अभिलेखों से।

जिला मजिस्ट्रेट / कलक्टर

अर्तिका शुक्ला

पुलिस अधीक्षक

सुधीर चौधरी

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट-प्रथम

अखिलेश कुमार पीपल

जिला एवं सत्र न्यायाधीश

अनंत भंडारी

लोकसभा सांसद

भूपेन्द्र यादव

अलवर

भारतीय जनता पार्टी2024 से

लोकसभा सांसद

संजना जाटव

भरतपुर (अनुसूचित जाति)

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस2024 से

लोकसभा सांसद

मुरारी लाल मीणा

दौसा (अनुसूचित जनजाति)

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस2024 से

विधायक

संजय शर्मा

अलवर शहर

भारतीय जनता पार्टी2023 से

विधायक

टीकाराम जूली

अलवर ग्रामीण (अनुसूचित जाति)

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस2023 से

विधायक

रमेश खींची

कठूमर (अनुसूचित जाति)

भारतीय जनता पार्टी2023 से

इतिहास — प्राचीन → मध्यकालीन → आधुनिक

राजसी शिकारगाह

सरिस्का टाइगर रिजर्व के वन पुराने अलवर राज्य का हिस्सा रहे हैं; राजघराने और अभिजात वर्ग इन्हें शिकारगाह के रूप में इस्तेमाल करते थे।

अभयारण्य अधिसूचनाएं

सरिस्का को 1958 में अभयारण्य घोषित किया गया, और इसके कोर क्षेत्र के एक हिस्से को राष्ट्रीय उद्यान बनाने की पहली अधिसूचना 1982 में जारी हुई।

मुगल शिकार स्थल

अलवर के वन प्राचीन समय से वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध माने जाते थे और मुगल शासकों के प्रिय विश्राम व शिकार स्थलों में गिने जाते थे।

कांकवाड़ी किला कैद

जिला जनगणना पुस्तिका के अनुसार शाहजहां के पुत्र दारा को राजगढ़ के कांकवाड़ी किले में कैदी बनाकर रखा गया था।

सरिस्का गेम अभयारण्य

जिला जनगणना पुस्तिका बताती है कि 1955-56 में अलवर शहर से करीब 34 किलोमीटर दूर सरिस्का में गेम अभयारण्य बनाया गया था।

अभयारण्य सीमा

सरिस्का अभयारण्य के घेरे में कालीघाटी, सिलीबेरी और सरिस्का जैसी घाटियां शामिल थीं।

अलवर पहाड़ी किला

अलवर शहर में खड़ी पहाड़ी पर किला स्थित है और उसके पीछे महाराजा प्रताप सिंह की छतरी है।

सिटी पैलेस संग्रहालय

अलवर के सिटी पैलेस में पांडुलिपियों और चित्रों वाला संग्रहालय है; इसके साथ पुस्तकालय और शस्त्रागार भी हैं।

पांडवपोल धरोहर स्थल

पांडवपोल को सरिस्का घाटी में अलवर शहर से लगभग 72 किलोमीटर दूर धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल बताया गया है।

नीलकंठ मंदिर अवशेष

NTCA प्रोफाइल सरिस्का के नीलकंठ और गढ़ राजोर को नौवीं-दसवीं शताब्दी के शिव और जैन मंदिरों के पुरातात्विक अवशेष बताती है।

कला, संस्कृति, विरासत एवं पर्यटन

सरिस्का अभयारण्य

सरिस्का में 1955-56 में खेल अभयारण्य बनाया गया था, जो अलवर शहर से लगभग 34 किलोमीटर दूर है।

कांकवाड़ी किला

NTCA की 2023 की परिचयात्मक प्रोफाइल के अनुसार, कांकवाड़ी किला सरिस्का टाइगर रिजर्व के बीचोंबीच स्थित है।

पंच गौरव

सरिस्का टाइगर रिजर्व को अलवर जिले के पंच गौरव पर्यटन गंतव्य के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

सरिस्का घाटियां

सरिस्का अभयारण्य में कालीघाटी, सिलीबेरी और सरिस्का की घाटियां शामिल हैं।

सरिस्का तीर्थस्थल

जिला जनगणना पुस्तिका सरिस्का के भीतर भरतहरी, तालवृक्ष और पांडवपोल के आश्रम-स्थलों के साथ एक शिव मंदिर का उल्लेख करती है।

जगदीश जी मेला

जगदीश जी का मेला अलवर जिले का सबसे बड़ा धार्मिक मेला माना गया है।

रूपबास मेला तिथि

जगदीश जी का मेला अलवर शहर से 6 किलोमीटर दूर रूपबास गांव के पास आषाढ़ सुदी 9 से 11 तक लगता है।

राजमहल संग्रहालय

अलवर सिटी पैलेस के संग्रहालय भाग में पांडुलिपियां और चित्र हैं, जिनमें 80 फुट लंबी चित्रित भागवत पांडुलिपि भी शामिल है।

नीलकंठ-राजोर मंदिर

सरिस्का के नीलकंठ और गढ़ राजोर को शिव और जैन मंदिरों के नौवीं-दसवीं शताब्दी के पुरातात्विक अवशेषों के रूप में दर्ज किया गया है।

भूगोल, जलवायु एवं पारिस्थितिकी

उत्तर-पूर्वी स्थिति

अलवर जिला राजस्थान के उत्तर-पूर्व में 27°04' से 28°04' उत्तरी अक्षांश और 76°07' से 77°13' पूर्वी देशांतर के बीच स्थित है।

अरावली पहाड़ियां

अलवर जिले का मध्य भाग अरावली पहाड़ियों से घिरा है; ये पहाड़ियां उत्तर-दक्षिण दिशा में फैली हैं और इनकी ऊंचाई 456 मीटर से 700 मीटर तक है।

मौसमी नदियां

अलवर जिले में कोई बारहमासी नदी नहीं है; जिला जनगणना पुस्तिका रूपारेल और साबी को मौसमी नदियों के रूप में दर्ज करती है।

बांध और झीलें

अलवर जिले में प्राकृतिक झील नहीं है, जबकि अलवर के पास सिलिसेढ़ और जयसमंद दो महत्वपूर्ण बांध माने जाते हैं।

शुष्क पर्णपाती वन

अलवर जिले के वन राजस्थान क्षेत्र के शुष्क पर्णपाती वन वर्ग में आते हैं।

सरिस्का अरावली

सरिस्का बाघ अभयारण्य अरावली में फैले बाघ आवास का प्रतिनिधित्व करता है; इस पर्वत शृंखला को दुनिया की सबसे पुरानी पर्वत शृंखला बताया गया है।

बाघ आवास क्षेत्र

सरिस्का बाघ अभयारण्य के संक्षिप्त विवरण में कोर या महत्वपूर्ण बाघ आवास क्षेत्र 881.11 वर्ग किलोमीटर दर्ज है।

सरिस्का वनस्पति

सरिस्का की वनस्पति उत्तरी उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन और उत्तरी उष्णकटिबंधीय कांटेदार वन के स्वरूप से मेल खाती है।

प्रमुख वृक्ष

सरिस्का में धोक प्रमुख वृक्ष प्रजाति है और वन क्षेत्र के 40 प्रतिशत से अधिक हिस्से में इसका फैलाव है।

मौसमी जलधाराएं

सरिस्का टाइगर रिजर्व में कोई बारहमासी नदी या जलधारा नहीं है, लेकिन यहां कई मौसमी नाले और जलकुंड मिलते हैं।

वार्षिक वर्षा

जिला जनगणना पुस्तिका के जलवायु विवरण में अलवर जिले की वार्षिक सामान्य वर्षा 657.3 मिमी दी गई है।

भूरी दोमट मिट्टी

अलवर जिले की मिट्टी को भूरी दोमट बताया गया है, जो रेपसीड, सरसों और गेहूं जैसी फसलों के लिए उपयुक्त मानी जाती है।

अर्थव्यवस्था — क्षेत्र, उद्योग, ऊर्जा

औद्योगिक इकाइयां

जिला जनगणना पुस्तिका की उद्योग और रोजगार तालिका में अलवर जिले में 25,465 कुल औद्योगिक इकाइयां, 551 पंजीकृत औद्योगिक इकाइयां और 21 औद्योगिक क्षेत्र दर्ज हैं।

कार्य भागीदारी

जनगणना 2011 में अलवर जिले में कुल श्रमिक 17,08,542 थे और कार्य भागीदारी दर 46.50 प्रतिशत रही।

श्रमिक प्रोफाइल

जनगणना 2011 के अनुसार अलवर जिले के श्रमिकों में कृषक 52.61 प्रतिशत, खेतिहर मजदूर 12.69 प्रतिशत, घरेलू उद्योग श्रमिक 2.02 प्रतिशत और अन्य श्रमिक 32.68 प्रतिशत थे।

ऑटोमोबाइल पार्ट्स

अलवर जिले का पंच गौरव उत्पाद ऑटोमोबाइल पार्ट्स है।

चमड़ा प्रशिक्षण

वर्ष 2025-26 में दिसंबर तक रूडा ने अलवर के शाहपुर में चमड़ा उप-क्षेत्र में डिजाइन विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम कराया।

सीपीआई-आईडब्ल्यू केंद्र

सितंबर 2020 से श्रम ब्यूरो की 2016=100 आधार वर्ष वाली सीपीआई-आईडब्ल्यू श्रृंखला में अजमेर के स्थान पर अलवर को शामिल किया गया है।

चालू एसजीडीडीपी

2024-25 में चालू कीमतों पर अलवर जिले का अनंतिम सकल जिला घरेलू उत्पाद 1,36,559 करोड़ रुपये रहा।

स्थिर एसजीडीडीपी

2024-25 में 2011-12 की स्थिर कीमतों पर अलवर जिले का अनंतिम सकल जिला घरेलू उत्पाद 79,600 करोड़ रुपये था।

प्रति व्यक्ति आय

2024-25 में चालू कीमतों पर अलवर जिले की अनंतिम प्रति व्यक्ति आय 2,68,321 रुपये रही।

निवेश क्षेत्र

खुशखेड़ा-भिवाड़ी-नीमराणा निवेश क्षेत्र 165 वर्ग किमी में फैला है और पूर्व अलवर जिले के 43 गांवों को शामिल करता है।

राजनीतिक एवं प्रशासनिक संरचना

प्रशासनिक इकाइयां

अलवर जिले में 12 तहसीलें थीं; राजगढ़ तहसील में सबसे अधिक 257 गांव और किशनगढ़ बास तहसील में सबसे कम 111 गांव दर्ज थे।

मतदाता आधार

लोकसभा चुनाव 2024 में अलवर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र संख्या 8 था और यहां कुल 20,75,093 मतदाता दर्ज थे।

विजयी प्रत्याशी

लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा के भूपेंद्र यादव ने अलवर सीट 6,31,992 कुल मतों के साथ जीती।

दूसरे स्थान का परिणाम

लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस प्रत्याशी ललित यादव अलवर में 5,83,710 कुल मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे।

तिजारा विधायक

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में तिजारा निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के महंत बालक नाथ 1,10,209 कुल मतों के साथ निर्वाचित हुए।

अलवर ग्रामीण विधायक

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में अलवर ग्रामीण अनुसूचित जाति निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के टीकाराम जूली 1,08,584 कुल मतों के साथ जीते।

अलवर शहर विधायक

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में अलवर शहर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के संजय शर्मा 90,504 कुल मतों के साथ निर्वाचित हुए।

राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ विधायक

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ अनुसूचित जनजाति निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के मांगीलाल मीणा 93,459 कुल मतों के साथ जीते।

शासन पहल एवं योजनाएँ (2025-26)

ज्वार मिशन

वर्ष 2025-26 में पोषक अनाजों के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के अंतर्गत ज्वार फसल में शामिल राजस्थान के 11 जिलों में अलवर भी था।

बाजरा मिशन

वर्ष 2025-26 में पोषक अनाजों के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के अंतर्गत बाजरा फसल में शामिल राजस्थान के 28 जिलों में अलवर भी शामिल था।

कपास समर्थन

वर्ष 2025-26 में वाणिज्यिक फसल के रूप में कपास के लिए शामिल राजस्थान के 18 जिलों में अलवर का नाम भी था।

जैव विविधता परियोजना

राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता विकास परियोजना पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों में लागू की जा रही है, जिनमें अलवर भी शामिल है।

PYQ एक-पंक्ति (RAS / RPSC / RSSB)

किसी भी परीक्षा उपयोग से पहले सटीक विकल्पों की जाँच आधिकारिक RPSC / RSSB प्रश्न पत्रों से करें।

अलवर के PYQ एक-पंक्ति तथ्य शीघ्र उपलब्ध होंगे।

स्वयं को परखें — 10 प्रश्न

ऊपर के जिला संदर्भ से क्विक सेल्फ़-टेस्ट। द्विभाषी, लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

प्रश्न 1 / 8

२०११ की जिला जनगणना पुस्तिका के अनुसार अलवर जिले का सबसे अधिक आबादी वाला गांव कौन-सा था?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अलवर जिला कहां स्थित है?

अलवर जिला राजस्थान के उत्तर-पूर्वी भाग में 27°04' से 28°04' उत्तरी अक्षांश और 76°07' से 77°13' पूर्वी देशांतर के बीच स्थित है।

अलवर से कौन-सा प्रमुख संरक्षित क्षेत्र जुड़ा है?

अलवर से सरिस्का बाघ अभयारण्य जुड़ा है; इसके आधिकारिक विवरण में 881.11 वर्ग किलोमीटर मुख्य क्षेत्र, 332.23 वर्ग किलोमीटर परिधीय क्षेत्र और 1,213.34 वर्ग किलोमीटर कुल क्षेत्र दिया गया है।

जनगणना 2011 में अलवर जिले की जनसंख्या और घनत्व कितना था?

जनगणना 2011 के अनुसार अलवर जिले की जनसंख्या 36,74,179 थी और जनसंख्या घनत्व 438 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर दर्ज किया गया था।