सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन
मुख्य बिंदु
SC/ST जनसंख्या — राष्ट्रीय औसत से अधिक
- राजस्थान में SC जनसंख्या: 17.8% (जनगणना 2011) बनाम 16.6% राष्ट्रीय
- ST जनसंख्या: 13.5% बनाम 8.6% राष्ट्रीय
- दोनों राष्ट्रीय औसत से अधिक, जिससे कल्याण वितरण अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है
पालनहार योजना
- अनाथ और निराश्रित बच्चों के लिए राजस्थान की प्रमुख बाल कल्याण योजना
- ₹1,500/माह प्रति बच्चा (0–5 वर्ष); ₹2,500/माह (6–18 वर्ष) अनाथों के लिए
- अन्य पात्र श्रेणियाँ: ₹750/माह (0–6 वर्ष) और ₹1,500/माह (6–18 वर्ष)
- संस्थागत देखभाल की जगह परिवार-आधारित पालनपोषण प्रदान करती है
मुख्यमंत्री राजश्री योजना
- प्रत्येक बालिका को 6 किस्तों में कुल ₹50,000
- कवरेज: जन्म से कक्षा 12 तक
- उद्देश्य: भ्रूण हत्या और स्कूल छोड़ने की दर में कमी
लाड़ो प्रोत्साहन योजना
- 1 अगस्त 2024 को लॉन्च (भजनलाल शर्मा सरकार)
- जन्म से स्नातक तक 7 किस्तों में ₹1,50,000 (21 वर्ष की आयु पर ₹70,000)
- पात्र: EWS परिवारों की बालिकाएँ जो सरकारी/अनुमोदित अस्पतालों में जन्मी हों
- PCTS पोर्टल के माध्यम से संचालित; मार्च 2025 तक 30,000 बालिकाओं को ₹7.50 करोड़ वितरित
IGNOAPS और राजस्थान का अतिरिक्त अंशदान
- केंद्रीय योजना: ₹200/माह (BPL, आयु 60–79); ₹500/माह (BPL, आयु 80+)
- राजस्थान मुख्यमंत्री वृद्धजन सम्मान पेंशन योजना के तहत 75+ वर्ष के लिए ₹1,000/माह जोड़ता है
- 80+ BPL वृद्धजनों की संयुक्त पेंशन: ₹1,500/माह
RPWD अधिनियम 2016
- 21 श्रेणियों की विकलांगता को मान्यता (1995 के अधिनियम में 7 से बढ़कर)
- सरकारी नौकरियों में 4% क्षैतिज आरक्षण; उच्च शिक्षा में 5%
- यूडीआईडी कार्ड (विशिष्ट दिव्यांगता पहचान) राष्ट्रीय स्तर पर विकलांगता प्रमाणीकरण को केंद्रीकृत करता है
वन अधिकार अधिनियम (FRA) 2006
- प्रति आदिवासी परिवार 4 हेक्टेयर तक व्यक्तिगत वन अधिकार मान्य करता है
- सामुदायिक वन अधिकार भी प्रदान करता है (NTFP, जल, चराई)
- राजस्थान ने आदिवासी परिवारों को वन पट्टे वितरित किए; ग्राम सभा प्रस्ताव अनिवार्य
मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना
- प्रतिवर्ष 30,000 निःशुल्क कोचिंग सीटें (JEE/NEET के लिए 12,000)
- पात्र: SC, ST, OBC, MBC, EWS, अल्पसंख्यक और विशेष योग्यजन विद्यार्थी
- वित्तीय सहायता: ₹40,000–₹70,000; पारिवारिक आय ₹8 लाख से कम
PM-VIKAS
- प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान — पारंपरिक कारीगरों के लिए 25 व्यापार श्रेणियाँ
- 5% ब्याज ऋण: ₹1 लाख (प्रथम किस्त) + ₹2 लाख (द्वितीय किस्त)
- ₹15,000 टूलकिट अनुदान; OBC/SC/ST कारीगरों को लक्षित; ~30 लाख पंजीकृत (सितंबर 2025)
जन आधार
- राजस्थान की अद्वितीय परिवार-स्तरीय पहचान प्रणाली
- 7.67 करोड़ सदस्यों को 600+ योजनाओं की DBT वितरण से जोड़ता है
- डुप्लीकेट, फर्जी लाभार्थियों और लीकेज को समाप्त करता है
कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना
- प्रतिभावान छात्राओं को प्रतिवर्ष ~10,500 निःशुल्क स्कूटी वितरित
- पात्र: SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक, EBC और खानाबदोश जनजातियाँ
- न्यूनतम 65% अंक (राजस्थान बोर्ड) या 75% (CBSE); पारिवारिक आय < ₹2.5 लाख
ICDS और KGBV — बाल कल्याण का पैमाना
- ICDS: 62,020 आंगनवाड़ी केंद्र, 16.18 लाख बच्चों (3–6 वर्ष) को कवर करते हैं
- KGBV: 342 आवासीय विद्यालय, 43,543 छात्राएँ (SC/ST/OBC/अल्पसंख्यक)
मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना
- महिला उद्यमियों को ₹50 लाख तक ऋण
- SHG क्लस्टर/फेडरेशन के लिए ₹1 करोड़ तक (बजट 2026-27 में बढ़ाया गया)
- सब्सिडी: ऋण राशि का 25%; SC/ST/OBC/दिव्यांग महिलाओं के लिए 30%; FY 2028-29 तक विस्तारित
पुनर्गठित स्टैंड अप इंडिया (सितंबर 2025)
- SC/ST/महिला उद्यमियों के लिए ऋण सीमा दोगुनी कर ₹2 करोड़ (₹1 करोड़ से)
- ग्रीनफील्ड उद्यमों को लक्षित; ऑनलाइन कौशल-विकास घटक जोड़ा गया
- 2016 से अब तक ₹62,807 करोड़ स्वीकृत; राजस्थान ने 2,675 लाभार्थियों को ₹587.16 करोड़ वितरित
SDG प्रगति — राजस्थान
- SDG लक्ष्य 5 (लैंगिक समानता): स्कोर 39 (2020-21) से बढ़कर 52 (2023-24) — +13 अंक
- SDG लक्ष्य 1 (गरीबी उन्मूलन): 19 अंक सुधरकर 82 — राज्य की सर्वाधिक SDG प्रगति
