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केंद्र सरकार मंत्रालय - वाणिज्य एवं उद्योग / DGFT

निर्यात प्रोत्साहन: MSME निर्यातकों के लिए ब्याज सब्सिडी और जमानत सहायता योजना

शुभारंभ 2026-01-05
सारांश

2 जनवरी 2026 को निर्यात प्रोत्साहन मिशन के तहत शुरू। कुल बजट: ₹7,295 करोड़ (वित्त वर्ष 25-26 से 30-31) A) ब्याज सब्सिडी: प्री/पोस्ट-शिपमेंट निर्यात ऋण पर 2.75% बजट: ₹5,181 करोड़ | सीमा: प्रति निर्यातक ₹50 लाख/वर्ष कवरेज: भारत की ~75% टैरिफ लाइनें B) जमानत सहायता: सूक्ष्म/लघु 85%, मध्यम 65% बजट: ₹2,114 करोड़ | सीमा: प्रति निर्यातक ₹10 करोड़/वर्ष CGTMSE के माध्यम से पात्रता: वैध IEC + उद्यम पंजीकरण, DGFT पोर्टल पर आवेदन

मुख्य बिंदु
  • निर्यात प्रोत्साहन — 2 जनवरी 2026 को निर्यात संवर्धन मिशन के तहत शुरू।
  • ब्याज सब्सिडी घटक: प्री/पोस्ट-शिपमेंट निर्यात ऋण पर 2.75%, ₹5,181 करोड़ बजट, प्रति निर्यातक प्रतिवर्ष ₹50 लाख की सीमा, भारत की लगभग 75% टैरिफ लाइन्स कवर।
  • जमानत सहायता घटक: सूक्ष्म/लघु उद्यमों के लिए 85% और मध्यम उद्यमों के लिए 65% CGTMSE द्वारा, ₹2,114 करोड़ बजट, प्रति निर्यातक प्रतिवर्ष ₹10 करोड़ सीमा।
  • पात्रता हेतु वैध आयात निर्यात कोड (IEC) और उद्यम पंजीकरण आवश्यक; DGFT पोर्टल द्वारा आवेदन।
आधिकारिक स्रोत
आधिकारिक वेबसाइट देखें
अक्सर पूछे गए

निर्यात प्रोत्साहन योजना कब शुरू हुई?

यह योजना 5 जनवरी 2026 को निर्यात प्रोत्साहन मिशन के तहत शुरू हुई। इसका फोकस सूक्ष्म, लघु और मध्यम निर्यातकों की सहायता पर है।

इस योजना का कुल बजट कितना है?

योजना का कुल बजट ₹7,295 करोड़ है। संदर्भ में यह वित्त वर्ष 25-26 से 30-31 की अवधि के लिए बताया गया है।

ब्याज सब्सिडी में क्या सहायता मिलती है?

प्री और पोस्ट शिपमेंट निर्यात ऋण पर 2.75% ब्याज सब्सिडी दी जाती है। इसके लिए ₹5,181 करोड़ बजट और प्रति निर्यातक ₹50 लाख प्रति वर्ष सीमा बताई गई है।

जमानत सहायता की सीमा क्या है?

जमानत सहायता में सूक्ष्म और लघु इकाइयों के लिए 85% तथा मध्यम इकाइयों के लिए 65% समर्थन है। इसकी सीमा प्रति निर्यातक ₹10 करोड़ प्रति वर्ष है।

योजना में पात्रता के लिए क्या चाहिए?

पात्रता के लिए वैध आयात-निर्यात कोड और उद्यम पंजीकरण जरूरी बताया गया है। आवेदन सरकारी व्यापार पोर्टल के माध्यम से होता है।

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