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राजस्थान राज्य Rajasthan विभाग - महिला एवं बाल विकास

मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना (MNSUPY)

शुभारंभ 2023-12-01
सारांश

**उद्देश्य:** उद्यम स्थापित करने या विस्तार करने के लिए रियायती ऋण और सब्सिडी प्रदान करके महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को सशक्त बनाना। **ऋण सीमा:** - व्यक्तिगत महिला उद्यमी: 50 लाख रुपये तक - SHG क्लस्टर/फेडरेशन: 1 करोड़ रुपये तक (बजट 2026-27 में 50 लाख से बढ़ाया गया) **प्रमुख विशेषताएं:** - स्वीकृत ऋण राशि पर 25% सब्सिडी (SC/ST/OBC/दिव्यांग महिलाओं के लिए 30%) - FY 2028-29 तक विस्तारित - 1,186 आवेदनों के माध्यम से 150 करोड़ रुपये के ऋण पहले ही स्वीकृत - जिला स्तर पर 100 करोड़ रुपये की ग्रामीण महिला BPO पहल से पूरक - लखपति दीदी ऋण सीमा बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये - SHG उत्पाद विपणन के लिए मंडलीय मुख्यालयों पर राज सखी स्टोर **पात्रता:** 18+ आयु की महिला उद्यमी जो राजस्थान की निवासी हैं; राज्य में पंजीकृत SHGs। **लाभार्थी:** महिला उद्यमी, महिला-नेतृत्व वाले SHGs, SHG क्लस्टर और फेडरेशन। **कार्यान्वयन एजेंसी:** राजस्थान महिला एवं बाल विकास विभाग। **ऋण सीमा वृद्धि:** राजस्थान बजट 2026-27 (11 फरवरी, 2026)।

मुख्य बिंदु
  • MNSUPY व्यक्तिगत महिला उद्यमियों को 50 लाख रुपये और SHG क्लस्टर/संघों को 1 करोड़ रुपये तक रियायती ऋण प्रदान करती है (बजट 2026-27 में 50 लाख रुपये से बढ़ाया गया)
  • मंजूर ऋण राशि पर 25% सब्सिडी (SC/ST/OBC/दिव्यांग महिलाओं के लिए 30%)
  • FY 2028-29 तक विस्तारित; 1,186 आवेदनों के माध्यम से 150 करोड़ रुपये पहले ही मंजूर
  • 100 करोड़ रुपये की ग्रामीण महिला BPO पहल और मंडलीय मुख्यालयों पर SHG उत्पाद विपणन हेतु राज सखी स्टोर द्वारा पूरक
  • इस ढाँचे के तहत लखपति दीदी ऋण सीमा बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये की गई
  • पात्रता: 18+ आयु की राजस्थान निवासी महिला उद्यमी; राज्य में पंजीकृत SHG। राजस्थान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कार्यान्वित
आधिकारिक स्रोत
आधिकारिक वेबसाइट देखें
अक्सर पूछे गए

मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य क्या है?

इस योजना का उद्देश्य महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को रियायती ऋण और सब्सिडी देकर उद्यम स्थापित करने या विस्तार करने में सहायता देना है।

योजना में व्यक्तिगत महिला उद्यमी को कितना ऋण मिल सकता है?

संदर्भ के अनुसार व्यक्तिगत महिला उद्यमी को 50 लाख रुपये तक ऋण मिल सकता है। स्वयं सहायता समूह क्लस्टर या फेडरेशन के लिए सीमा 1 करोड़ रुपये तक है।

इस योजना में सब्सिडी कितनी है?

स्वीकृत ऋण राशि पर 25% सब्सिडी दी जाती है। एससी, एसटी, ओबीसी और दिव्यांग महिलाओं के लिए यह सब्सिडी 30% बताई गई है।

योजना की पात्रता क्या है?

18+ आयु की महिला उद्यमी, जो राजस्थान की निवासी हैं, पात्र हैं। राज्य में पंजीकृत स्वयं सहायता समूह भी इस योजना में शामिल हैं।

इस योजना का कार्यान्वयन कौन करता है?

योजना का कार्यान्वयन राजस्थान महिला एवं बाल विकास विभाग करता है। संदर्भ में महिला उद्यमी, महिला-नेतृत्व वाले समूह और क्लस्टर लाभार्थी बताए गए हैं।

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