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केंद्र सरकार मंत्रालय - वाणिज्य एवं उद्योग

निर्यात प्रोत्साहन मिशन के तहत बाजार पहुंच सहायता (MAS) हस्तक्षेप

शुभारंभ 2026-01-01
सारांश

31 दिसंबर 2025 को निर्यात दिशा उप-योजना के तहत शुरू। बजट: वित्त वर्ष 2026-31 के लिए ₹4,531 करोड़ गतिविधियां: BSMs, मेगा रिवर्स BSMs, व्यापार मेले, प्रदर्शनियां MSME भागीदारी: अनिवार्य न्यूनतम 35% हवाई किराया: ₹75 लाख तक टर्नओवर वाले निर्यातकों को रोलिंग कैलेंडर: 3-5 वर्ष डिजिटल: trade.gov.in कार्यान्वयन: वाणिज्य विभाग, MSME मंत्रालय, वित्त मंत्रालय

मुख्य बिंदु
  • बाजार पहुँच सहायता (MAS) 31 दिसंबर 2025 को निर्यात प्रोत्साहन मिशन की निर्यात दिशा उप-योजना के तहत लॉन्च हुई — वित्त वर्ष 2026-31 के लिए 4,531 करोड़ रुपये का बजट
  • गतिविधियों में क्रेता-विक्रेता बैठकें, मेगा रिवर्स क्रेता-विक्रेता बैठकें, व्यापार मेले, प्रदर्शनियाँ और व्यापार प्रतिनिधिमंडल शामिल
  • सभी गतिविधियों में न्यूनतम 35% MSME भागीदारी अनिवार्य; 75 लाख रुपये तक के टर्नओवर वाले निर्यातकों के लिए हवाई किराया सहायता
  • वाणिज्य विभाग, MSME मंत्रालय और वित्त मंत्रालय द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म trade.gov.in के माध्यम से कार्यान्वित
  • व्यापार संवर्धन गतिविधियों के लिए 3-5 वर्ष की अनुसूची के साथ रोलिंग कैलेंडर
आधिकारिक स्रोत
आधिकारिक वेबसाइट देखें
अक्सर पूछे गए

निर्यात प्रोत्साहन मिशन के तहत यह हस्तक्षेप कब शुरू हुआ?

संदर्भ के अनुसार यह हस्तक्षेप 1 जनवरी 2026 को निर्यात दिशा उप-योजना के तहत शुरू किया गया। इसका उद्देश्य भारतीय निर्यातकों की वैश्विक बाजार पहुंच मजबूत करना है।

इस हस्तक्षेप का बजट कितना बताया गया है?

वित्त वर्ष 2026-31 के लिए इस हस्तक्षेप का बजट ₹4,531 करोड़ बताया गया है। यह राशि निर्यात प्रोत्साहन मिशन के अंतर्गत बाजार पहुंच सहायता से जुड़ी है।

इसमें किन गतिविधियों को शामिल किया गया है?

संदर्भ में व्यापारिक बैठकें, मेगा रिवर्स बैठकें, व्यापार मेले, प्रदर्शनियां और प्रतिनिधिमंडल जैसी गतिविधियां बताई गई हैं। ये गतिविधियां बाजार पहुंच को मजबूत करने से जुड़ी हैं।

भागीदारी और हवाई किराये से जुड़ी शर्तें क्या हैं?

इसमें उद्यमों की अनिवार्य न्यूनतम 35% भागीदारी बताई गई है। ₹75 लाख तक टर्नओवर वाले निर्यातकों के लिए हवाई किराये की सहायता भी संदर्भ में दी गई है।

रोलिंग कैलेंडर और कार्यान्वयन के बारे में क्या बताया गया है?

संदर्भ में 3-5 वर्ष का रोलिंग कैलेंडर बताया गया है। कार्यान्वयन में वाणिज्य विभाग, संबंधित उद्यम मंत्रालय और वित्त मंत्रालय की भूमिका दी गई है।

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