भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य)
उद्देश्य: सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 100 विश्व-स्तरीय प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्कों का विकास कर विनिर्माण-आधारित आर्थिक विकास को गति देना। बजट: 6 वर्षों (FY 2026-27 से FY 2031-32) में कुल 33,660 करोड़ रुपये का परिव्यय। मुख्य विशेषताएँ: - 100-1,000 एकड़ के पार्क; मूल अवसंरचना (सड़कें, जल निकासी, ICT), मूल्य-वर्धित सुविधाएँ (फैक्टरी शेड, परीक्षण प्रयोगशालाएँ, भंडारण) और सामाजिक अवसंरचना (श्रमिक आवास)। - प्रति एकड़ 1 करोड़ रुपये तक केंद्रीय सहायता; बाहरी कनेक्टिविटी के लिए 25%। - 'चैलेंज मोड' से परियोजना चयन; PM गतिशक्ति से जुड़ाव। - एकल-खिड़की मंजूरी; पूर्व-अनुमोदित पर्यावरणीय और नियामकीय स्वीकृतियाँ। कार्यान्वयन: DPIIT, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत NICDC। लाभार्थी: विनिर्माण इकाइयाँ, MSME, स्टार्टअप, वैश्विक निवेशक। अपेक्षित परिणाम: ~15 लाख प्रत्यक्ष रोजगार, FDI आकर्षण, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा और वस्त्र क्षेत्रों में घरेलू मूल्य श्रृंखला मजबूत।
- भव्य का लक्ष्य विनिर्माण-नेतृत्व आर्थिक विकास में तेज़ी लाने हेतु सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में 100 विश्वस्तरीय प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क विकसित करना है।
- कुल बजट परिव्यय ₹33,660 करोड़ — 6 वर्षों (FY 2026-27 से FY 2031-32) के लिए, प्रति एकड़ ₹1 करोड़ तक केंद्रीय वित्तीय सहायता।
- पार्क 100-1,000 एकड़ के होंगे — मूल अवसंरचना, फैक्ट्री शेड, परीक्षण प्रयोगशालाएँ, भंडारगृह, कामगार आवास और पूर्व-अनुमोदित पर्यावरणीय मंज़ूरी सहित एकल खिड़की निकासी।
- परियोजनाओं का चयन 'चैलेंज मोड' से — निवेश-तैयार प्रस्तावों को प्राथमिकता, PM गतिशक्ति मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी से संरेखित।
- लगभग 15 लाख प्रत्यक्ष रोज़गार सृजन अपेक्षित; सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा और वस्त्र जैसे क्षेत्रों में FDI आकर्षित।
- कार्यान्वयन एजेंसी NICDC (राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम), DPIIT, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत।
भारत औद्योगिक विकास योजना का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 100 विश्व-स्तरीय प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क विकसित कर विनिर्माण-आधारित आर्थिक विकास को गति देना है।
इस योजना का बजट और अवधि क्या है?
योजना का कुल परिव्यय 33,660 करोड़ रुपये है। यह 6 वर्षों में, वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2031-32 तक, लागू होने के लिए बताई गई है।
औद्योगिक पार्कों का आकार और सुविधाएँ क्या होंगी?
पार्क 100-1,000 एकड़ के होंगे। इनमें सड़कें, जल निकासी, फैक्टरी शेड, परीक्षण प्रयोगशालाएँ, भंडारण और श्रमिक आवास जैसी सुविधाएँ शामिल हैं।
केंद्र से कितनी वित्तीय सहायता मिल सकती है?
संदर्भ के अनुसार प्रति एकड़ 1 करोड़ रुपये तक केंद्रीय सहायता मिल सकती है। बाहरी कनेक्टिविटी अवसंरचना के लिए 25% सहायता का भी उल्लेख है।
परियोजनाओं का चयन कैसे होगा?
परियोजनाओं का चयन चैलेंज मोड से होगा, जिसमें निवेश-तैयार प्रस्तावों को प्राथमिकता दी जाएगी। एकल-खिड़की मंजूरी और पूर्व-अनुमोदित स्वीकृतियाँ भी बताई गई हैं।
योजना से किसे लाभ और क्या परिणाम अपेक्षित हैं?
लाभार्थियों में विनिर्माण इकाइयाँ, छोटे उद्यम, स्टार्टअप और वैश्विक निवेशक हैं। अपेक्षित परिणामों में लगभग 15 लाख प्रत्यक्ष रोजगार शामिल हैं।
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