प्रमुख नदियां एवं झीलें
मुख्य तथ्य
- नील संगम-आधारित तंत्र है: श्वेत नील की निरंतर धारा और नीली नील की मौसमी धारा खार्तूम पर मिलती हैं।
- अमेजन और कांगो दोनों भूमध्यरेखीय वर्षावन बेसिन हैं, पर अमेजन क्षेत्रफल और प्रवाह में बड़ा तंत्र है।
- मिसिसिपी-मिसौरी तंत्र और ग्रेट लेक्स जलनिकास, नौपरिवहन और औद्योगिक भूगोल को साथ जोड़ते हैं।
- यांग्त्सी, ह्वांग हो और मेकांग मानसूनी एशिया में डेल्टा, लोएस गाद और खाद्य-बेसिन निर्भरता दिखाते हैं।
- डेन्यूब, राइन और वोल्गा यूरोप में अंतरराष्ट्रीय नदी, औद्योगिक जलमार्ग और कैस्पियन आंतरिक जलनिकास को अलग करते हैं।
मुख्य बिंदु
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नील संगम-आधारित तंत्र है: श्वेत नील की निरंतर धारा और नीली नील की मौसमी धारा खार्तूम पर मिलती हैं।
- 2
अमेजन और कांगो दोनों भूमध्यरेखीय वर्षावन बेसिन हैं, पर अमेजन क्षेत्रफल और प्रवाह में बड़ा तंत्र है।
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मिसिसिपी-मिसौरी तंत्र और ग्रेट लेक्स जलनिकास, नौपरिवहन और औद्योगिक भूगोल को साथ जोड़ते हैं।
- 4
यांग्त्सी, ह्वांग हो और मेकांग मानसूनी एशिया में डेल्टा, लोएस गाद और खाद्य-बेसिन निर्भरता दिखाते हैं।
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डेन्यूब, राइन और वोल्गा यूरोप में अंतरराष्ट्रीय नदी, औद्योगिक जलमार्ग और कैस्पियन आंतरिक जलनिकास को अलग करते हैं।
- 6
कैस्पियन, अराल, बैकाल, विक्टोरिया और ग्रेट लेक्स को झील-प्रकार, स्थान और जलनिकास के साथ पढ़ना चाहिए।
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राजस्थान में लूनी, सांभर और नहर-सिंचित क्षेत्रों की लवणता बंद बेसिन और अंतर्देशीय जलनिकास समझाती है।
नील नदी में श्वेत नील और नीली नील कहाँ मिलती हैं और असवान बांध ने उसे कैसे बदला?
नील नदी में श्वेत नील और नीली नील सूडान के खार्तूम में मिलती हैं, फिर संयुक्त धारा मिस्र से होकर भूमध्य सागर तक जाती है और असवान उच्च बांध उसके बाढ़, सिंचाई और बिजली प्रबंधन को नियंत्रित करता है।
नील नदी तंत्र
श्वेत नील और नीली नील वाला नील नदी तंत्र इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि किसी लंबी नदी की पहचान उसके संगम-भूगोल से बनती है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार असवान उच्च बांध १९७० में पूरा हुआ और उसने नासेर झील बनाई, जिसे आयतन के आधार पर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा जलाशय बताया गया है।
| घटक | मुख्य तथ्य |
|---|---|
| श्वेत नील | अधिक लंबी और अपेक्षाकृत स्थिर स्रोत-रेखा को विक्टोरिया झील क्षेत्र, युगांडा और दक्षिण सूडान से लाता है। |
| नीली नील | इथियोपिया के उच्चभूमि क्षेत्र से निकलती है, मौसमी बाढ़ और गाद का बड़ा भाग लाती है और सूडान के खार्तूम में श्वेत नील से मिलती है। |
| संयुक्त नील | मिस्र से होकर भूमध्य सागर तक जाती है और डेल्टा बनाती है, जहाँ महीन जलोढ़, सिंचाई और बस्ती लंबे समय से जुड़े रहे हैं। |
| असवान उच्च बांध | १९७० में पूर्ण हुआ; नासेर झील में जल रोककर बाढ़ नियंत्रण, बारहमासी सिंचाई और जलविद्युत को सहारा देता है। |
नियंत्रण और स्रोत-क्षेत्र
- इसी नियंत्रण से नीचे की ओर ताजी गाद का वार्षिक फैलाव घटा, इसलिए नील प्राकृतिक धारा के साथ प्रबंधित जल-अर्थव्यवस्था भी है।
- विक्टोरिया झील और श्वेत नील स्रोत क्षेत्र यह दिखाते हैं कि झील नदी-तंत्र का भाग हो सकती है, अंतिम मुहाना नहीं।
राजस्थान तुलना
- राजस्थान में लूनी अरावली के पास उठती है और कच्छ के रण की ओर मंद पड़ती है; वह नील जैसी आर्द्र जलोढ़ घाटी नहीं बनाती।
- सांभर झील भी अंतर्देशीय लवणीय बेसिन है, इसलिए वह समुद्र-निकासी वाली नदी से अलग बंद-बेसिन तर्क में आती है।
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संभावित संभावित RAS प्रश्न
PYQ रुझान और 2026 पाठ्यक्रम विश्लेषण पर आधारित
1 MCQ नदी को उसके सही मुहाने अथवा अंतिम जल निकाय से मिलाइए।
व्याख्या
विकल्प क चारों अंतिम जल निकाय सही रखता है। डेन्यूब काला सागर, राइन उत्तरी सागर, वोल्गा कैस्पियन सागर और मिसिसिपी मेक्सिको की खाड़ी में जाती है। विकल्प ख हर नदी को गलत सागर में रखता है। विकल्प ग आंतरिक और महासागरीय निकास को मिलाता है। विकल्प घ दूरस्थ बेसिनों से गलत संबंध बनाता है।
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